Zo Zo Sandeep Yadav

Azamgarh

Joined January 2017

संदीप यादव
अजगरा,अतरौलिया।
जिला:- आजमगढ़
विधा:- गजल,गीत व मुक्तक ।।

Awards:
शत कवीर सम्मान
मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच
नई दिल्ली॥

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शायरी के खुदा मीर ने रूलाया हमें

कभी किस्मत तो कभी तक़दीर ने रूलाया हमें यूँ रातों रात उसकी इक तस्वीर ने रूलाया हमें॥ वो नादानी वो बचपन वो बस पल भर की उलझन फिर ... Read more

जब से आकर शहर में रहता हूँ

जब से आकर शहर में रहता हूँ, इक अजीब से सफर में रहता हूँ॥ खुल के हँसना व रोना भी मना है क्यूंकि मै किराये के घर में रहता हूँ॥ ... Read more

दाग लगाया जा रहा है

दाग लगाया जा रहा है ताज जैसी इमारत में, क्यूँकि राम राज चल रहा है मेरे भारत में, करना है तो कुछ करों शाहजहाँ की तरह जिसने ... Read more

सच है कि तेरे शहर में मकान बहुत हैं

सच है कि तेरे शहर में मकान बहुत हैं, बुनियाद इनकी है नई नादान बहुत हैं। अब मुझे तन्हाइयों से न कोई शिकवा आने वाले घर मेरे मेहमा... Read more

लुटी हुई तिजोरी पे ताला नहीं लगाते

इस दिल की सुखन अब सुनायेगा कोई, नीड़ से पंक्षियों को अब उड़ायेगा कोई। जान जाये न मेरी अहमियत ये दुनिया, अपनी शुर्खियों को अब छ... Read more

परिधान मतलब का बुनने लगे

दर्द हमने न दिल का सुनाया उन्हें दर्द उनको मिला खुद समझने लगे। एक दिन फिर मिले तन्हा-तन्हा दिखे देखकर हमको वो भी सिसकने लगे॥ ... Read more

करो तुम कर्म ऐसा कि खुद अवसर द्वार आ जाये

दरस को चाँद मिलने को स्वयं श्रृंगार आ जाये, तरलता देख दुश्मन के भी दिल में प्यार आ जाये, जीवन में किसी अवसर का इन्तेजार मत करना क... Read more

प्रेम गली से उड़ा जो खत मै लाया हूँ.....

जाने कहाँ से खोज शराफत मै लाया हूँ, मीरा दिवानी जैसी मोहब्बत मै लाया हूँ, पढ़ने मै जा रहा हूँ जो उसको सम्भालना इक प्रेमगली से उड़... Read more

तबसे शहर भी वीरान है...

रिस्ते यहाँ व्यवसाय और ये जिन्दगी दुकान है, कोई यहाँ अपना नहीं सब किराये का मकान है, आना जाना तेरे शहर में अब अच्छा नहीं लगता जबस... Read more

इलाहाबाद तक चले आये..

हम तेरी याद तक चले आये, दिल-ए-बर्बाद तक चले आये, आपने बस प्यार से पुकारा था हम इलाहाबाद तक चले आये|| संदीप यादव (Zo Zo'S) Read more

हिन्दू और मुस्लिम हैं भाई तुम क्या उन्हें लड़ाओगे

जाति और धर्मों का धंधा करके तुम क्या पाओगे, हिन्दू और मुस्लिम हैं भाई तुम क्या उन्हें लड़ाओगे। घूम रहे हो शायद घर में बीबी ने कुछ स... Read more

चन्दा का धन्धा

ये चन्दा का धन्धा तू कब तक करेगा, मरे को ही जिन्दा तू कब तक करेगा। ये नफरत का कांटा पिघल जायेगा सब ये झूठे का वादा निकल जायेगा सब... Read more

कबीरा और मीरा सा कोई दिलवाला बन जाये

कबीरा और मीरा सा कोई दिलवाला बन जाये, कोई अशफाक और आजाद सा रखवाला बन जाये। मजारों मन्दिरों में दान तो अब सब चढ़ाते हैं गरीबी झुग्... Read more

हमारे बीच नफरत की खड़ी दीवार ढ़ह जाये

हमारे बीच नफरत की खड़ी दीवार ढ़ह जाये, खड़ी नफरत करे उसका तो ये घर वार ढ़ह जाये। चुनावों में जो जाति धर्म का मुद्दा उठाते हैं कि उन... Read more

पावन प्रेम ...

प्रेम पाकीजा सा इस रिस्ते को सुनो बदनाम कभी मत करना, प्रीत की जीत जैसी उलझन में खुद को गुमनाम कभी मत करना। चंद ख्वाबो के लिए हारो ... Read more

इस तिरंगे को आजाद से प्यार है....

?????????? हिन्द का प्यारा बेटा वो सरदार है, गाथा गाता तो उसकी ये संसार है। मर मिटा पर तिरंगा ना झुकने दिया, इस तिरंगे को आजाद स... Read more

चले जाते हो....

मुझसे नजरें मिलाकर चले जाते हो, दिल ये मेरा चुराकर चले जाते हो।। कहना चाहूँ अगर कुछ भी सुनते नही, हाथ अपना छुड़ाकर चले जाते हो।। बा... Read more

जन-गण-मन अमर ये गान रहे ___

जन-गण-मन अमर ये गान रहे-2 यह भारत देश महान रहे ।। सरहद पर मर मिटने वाला स्वर्णिम हर एक जवान रहे।। हिमालय पर फहराए तिरंगा-2 भले... Read more

दिवाना मै तेरा दिवाना

???????? जानेंजाना मेरी जानेंजाना दिवाना मै तेरा दिवाना। रातभर याद में यूँ रुलाती थी तुम प्यार करता था मै और सताती थी तुम आँसु... Read more

अखबार रोता है...

वतन के काम ना आये वो तन बेकार होता है, जो धन भूखे को रोटी ना दे खरपतवार होता है। जवां बेटा मरा है जबभी भारत माँ की रक्षा में शहाद... Read more