Copy link to share

हथिनी की बेरहम हत्या

हवाएं रुक क्यों न गई, धड़कनें थम क्यों न गई इंसानियत हुई शर्मसार, सुकून-ए-बहर क्यों न गई। हैवानियत का वीभत्स चेहरा उभरा... Read more

साथ वही है।

साथ वही जो मन मधुबन को सुरभित और पल्लवित कर दे साथ वही जो हृदय अंक को प्रेम के आलिंगन से भर दे। हाथों के खालीपन को जो पकड़ र... Read more

रुख इधर का भी कभी किया करो।

फिक्र एक दूजे की किया करो दूर से ही सही नजदीकियां किया करो। मजबूरी का आलम तो बहाना है जमीं पर यादों ... Read more

बदमाश ड्रैगन

निर्णयअब लेने का समय आ गया है। धूर्त वह मक्कार, चालबाज है स्वार्थ से भरपूर, बदमिजाज है, बदमाश, बाजारू और घटिया है वो ... Read more

प्रणय की कल्पना

सोचा था कि जीवन भर साथ तुम्हारे हर्षाउंगा सोचा था कि मन मंदिर में सपनो का इक सुंदर बाग लगाऊंगा। सोचा था कि संग तुम्हारे मन... Read more

एक दीपक तो जला दो - कोरोना संक्रमण @korona

एक दीपक तो जला दो डर, बहम और संक्रमण से भय के अंधेरे आक्रमण से जीत का आगाज करके घर की सीमा ही में रहकर अनुशासन की बाड़ बना दो। ... Read more

बेवफाई

तुम्हें क्या मिला। मुझे तो दर्द मिला तुम्हे क्या मिला। सुबह की अरुणाई से नहाने के सुकून के बाद मुझे तो तपन मिली, तुम्हें ... Read more

ईद

एक शेर है कि तुझ को मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी लेकिन मैं कहता हूं कि ईद पर क्या हुआ जो... Read more

ईद मुबारक

दुआ करो कि ईद का मौका है सहारा की तपिश के बीच रोज़ो की पाक दुआओं से पल्लवित आया हवा का झोंका है। रमजान के महीने में ईदी की चुल... Read more

मजदूर और बस की राजनीति

सच बताना कि तुमने "बस" हमारे लिए की थी हमें तो लगा कि, "बस" दिखाने के लिए की थी। कहो तो सही, रास्तों के रेलों की गवाह बनकर खाल... Read more

वक्त

वक्त रोकना चाहा था हर बार मगर वो निकल गया आगे पीछे देखा भी, न जाने कब किधर गया। लम्हे चुरा चुरा कर मैंने कई बार संजोये, सुंदर ... Read more