नवल किशोर सिंह

वर्तमान-तिरुचि,तमिलनाडु

Joined June 2018

पूर्व वायु सैनिक,
शिक्षा-एम ए,एम बी ए,
मूल निवासी-हाजीपुर(बिहार),
सम्प्रति-सहायक अभियंता, भेल तिरुचि, तमिलनाडु,
yenksingh@gmail.com
#9092967725

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देशप्रेम की भावना

सेना दिवस की शुभकामनाएं सीमा पर खड़े अडिग सीना तान मुस्कान मधु लिए सदा सावधान निशिदिन करें अरिदल का संधान किंचित विचलित न होते बल... Read more

पुलवामा

पुलवामा के अमरशहीदों को शत शत नमन 😭😭🙏🙏🇮🇳🇮🇳💪💪 कैसे भूलूँ इन वीरों की कुर्बानी को नत नमन अमर शहीद सेनानी को गिरवी जमीर रख मिले खरी... Read more

प्रण

प्रण रग रग में विष भरा दुराव पग पग पे छलना स्वभाव विश्वास छलभरी बातों का अहसास हमें उन घातों का खण्डित सदा संकल्प तेरे बचे ... Read more

वायुनंदन अभिनंदन

हे वायुनंदन वीर अभिनंदन कोटि नमन चिर-अभिवंदन अरिपुर में लगा सटीक सेंध हे सुभट आये तुम लक्ष्य बेंध समक्ष रिपु लिये प्रपंच-पाण रह... Read more

मोह-पिरामिड

ये मोह मायावी मतिभ्रम स्वार्थ संधान भ्रष्ट आचरण दृग अंधावरण -©नवल किशोर सिंह Read more

मोह

मायामोह एक मकड़जाल सतत उधेड़ बुन मकड़ी है मन ताना बाना में जीवन मोह संबंधों का विविध अनुबंधों का मोह है लक्ष्य का मोह अगम्य का ... Read more

मातृत्व

मातृत्व- एक सुखद अहसास ममत्व का मधुर विकास निज तन का कर अंश विभक्त लाज-लावण्य सर्वस्व परित्यक्त सहिष्णुता की असीम शक्ति सृजन क... Read more

दुष्ट/दुर्जन-पिरामिड

1 वो छली दुर्जन दुःशासन चीरहरण द्रौपदी का नीर नष्ट कुल,जागीर 2 है त्याज्य दुर्जन दुराचार खल विचार ज्ञान भरे दर्प मणि ... Read more

बेटी-पिरामिड

पिरामिड है बेटी सुबास अहसास एक विश्वास पूजा की कलशी आँगन की तुलसी -©नवल किशोर सिंह Read more

तन/काया-तांका

1 निरोगी मन तन एक मंदिर योग व्यायाम सतोगुण आहार जीवन नैया पार 2 काया की माया मन को भरमाया शाम की छाया कुछ हाथ न आया पंचभू... Read more

इज्जत

इज्जत छिटपुट लोगों से भरा रस्ता और हाथों में लिए एक बस्ता चलती भोली-सी लड़की सहसा बिजली सी कड़की कुछ मनचले खड़े सामने जबरन दामन ल... Read more

शिक्षा

शिक्षा-एक संस्कार सिखलाती- जीवन की रीत सहिष्णुता व प्रीत करती विशुद्ध अन्तर्मन परिष्कृत आचरण मन में उत्पन्न सद्भाव,सदाचार ... Read more

दर्शन-हाइकु

1 उड़ते पंछी विहंगम दर्शन महामहिम 2 असावधानी द्रुतगति वाहन देव-दर्शन 3 अध्यात्म ज्ञान वेद और दर्शन जीवन सार 4 सेवा-भावना... Read more

विवेक/आंनद-हाइकु

1 धर्म मीमांसा वेद और दर्शन विवेकानंद 2 सेवा सत्कर्म वीतरागी जीवन विवेकानंद 3 देश की सेवा स्वामी विवेकानंद युवा दिवस 4 ... Read more

विदाई-हाइकु

विदा/विदाई 1 उठती डोली गमगीन कहार विदा दुल्हन 2 विधि की गति लाख पिंजरबद्ध चिड़ियाँ विदा 3 गोली की बोली सौ तोपों की सलामी ... Read more

चुनर-हाइकु

चुनर 1 चंचल शाम स्मृतियों की चुनर भींगा है मन 2 तीज त्योहार सतरंग चुनर प्यारा भारत 3 वधु वसुधा पुलकित किसान धानी चुनर 4... Read more

साधना-हाइकु

1 भावों को अर्थ विचारों को समर्थ शब्द साधना 2 निरोगी तन परिष्कृत हो मन योग साधना 3 राग-आलाप लय-ताल व थाप सुर साधना 4 सद... Read more

सेना दिवस

सेना दिवस की शुभकामनाएं सीमा पर खड़े अडिग सीना तान मुस्कान मधु लिए सदा सावधान निशिदिन करें अरिदल का संधान किंचित विचलित न होते बल... Read more

शूल

शूल एक कवच है महक रहे फूलों का शूल एक हृदय में बेपरवाह भूलों का मीत के प्रवास का प्रीत के उपहास का अधूरी-सी कहानी का ताना भरी... Read more

शूल-हाइकु

शूल-हाइकु 1 प्रीत प्रवास विरहन की रात सेज पे शूल 2 वेवफा मीत चटक रही प्रीत हृदय शूल 3 बाग के फूल निर्भय रहे झूल साथ में ... Read more

सर्दी/शीत/ठंड-हाइकु

1 पूस की रात किटकिटाते दाँत शीत आघात 2 दिल अँगीठी प्रिय की बातें मीठी सुहानी सर्दी 3 सर्दी है आई हड्डी कंपकपाई भाये रजाई ... Read more

नववर्ष मंगलमय हो

रिद्धी सिद्धिमय,सर्व शुभमय सुख-शांतिमय,कृपा कांतिमय दिव्य वांगमय,पुलक प्राणमय कुंज गुंजमय, प्रतिभापुंजमय स्नेह सुधामय, हिय हरितम... Read more

नव वर्ष

नव वर्ष- नए संकल्प,नए विकल्प,नव आदर्श नई परिधि,नव सृजन का वर्ष पुरातन में नूतन रंग नव रास-रंग,परिहास संग नई दिशाएँ,नवल आयाम आय... Read more

यादगार

यादगार सीने में दफन यादों की कब्र साँसों में पलती विस्मृतियों को पुरजोर छलती मृत अहसासों की मधु-कटु स्मार्त धड़कने रह गई बनक... Read more

बीता कल

बीता कल चेहरे वही, कहाँ कोई चाल बदला है बदलते कलेंडर कहते साल बदला है दिसम्बर से जनवरी,पलभर की दूरी है पुनर्मिलन,हा,कितनी लंबी म... Read more

सौदेबाज़ी

सौदेबाज़ी आया फिर देश में ये आम चुनाव छुटभैये निकले लेकर पुरानी नाव बरसों तक चखे बिरियानी पुलाव मौका आया देख बदले अब भाव झूठ-पुट... Read more

तेरा साथ-सेदोका

फूल खिलना दिल का मचलना तुम संग मिलना अंक में माँथ लिए हाथों में हाथ पुलक तेरा साथ -©नवल किशोर सिंह Read more

चंदा-पतंग

उड़ता विमान नील गगन में अंदर बैठा मैं, मनन चिंतन में मन रत बाहर,पंख पर नर्तन में पुलक,चाँद पकड़ने के प्रवर्तन में खूब इठलाऊँ,जो पक... Read more

अभेद

विस्तृत नील गगन मलय मदिर मृदु पवन साँसों में प्रवाहित प्रतिक्षण कल-कल बहती नदी की धारा या दूर गगन का वो इकतारा बादलों का फुह... Read more

लेखन

लेखन संवेदी मन में कुछ चुभन सार्थक मनन कुछ घुटन गहन चिंतन विचारों का मंथन ढुलकते बन भावों के मोती- झर झर लेखनी के आँसू ज... Read more

सांता

1 ख़्वाहिशों की फेहरिस्त लिए भटकता ढूंढता- सांता कहाँ हो? 2 ख़्वाहिशों की फैली है कितनी झोलियाँ कहाँ आसान है सांता होना भी?... Read more

अटल

अटल अवतरित भू पर एक युगऋषि अरिष्टनेमि मानव-धर्मी,राष्ट्रप्रेमी साहित्य का मनस्वी राजनीति का तपस्वी एक अटल- जो सिद्धांतों पर ... Read more

किसान-हाइकु

1 मौसम गर्द दे कृषक को दर्द फसल गर्त 2 मौसम आग कृषक का दुर्भाग्य फसल राख 3 शस्य फसल अनुकूल मौसम धन्य किसान 4 नष्ट फसल ... Read more

नारी शक्ति को नमन

नारी शक्ति को नमन रीति-नीति छल,ढंभ,कुरीति पग-पग प्रताड़न,प्रहार बहु बाधा-विघ्न का कलुषित अंबार आत्मबल का उन्नयन हौसलों का संचय... Read more

देशप्रेम

देशप्रेम- भावना के संग डाल गलबाहें मिलता चौक चौराहे चाय की दुकान में नन्हें मुन्नों की मुस्कान में रिक्शे वाले की लगन में माता... Read more

पुकार-क्षणिका

1 विलुप्त बंशी लिये हाथों में गिटार मगन कृष्ण मनाता है जश्न संग दुःशासन, लाचार द्रौपदी की व्यर्थ पुकार 2 दुम्दुभि वादन ... Read more

पायल

पायल हुई सयानी माता की आँखों में पानी अंग-रंग में निखार कोई साज न सिंगार अबकी बछिया बेचकर कुछ रुपये सहेजकर ला देते एक जोड़ी पा... Read more

पायल-चुगलखोर

साँझ ढले दबे पांव तेरा छत पे आना हौले से आंखों में मुस्कुराना धड़कनों की बेताब धौंकनी मन विभोर पर, छनक ही जाती पायल तेरी च... Read more

दस्तक

पायल की रुनझुन तेरे आने की दस्तक आज लगा अमावस की रात है चाँद- मेरे छत पे उतरा है। -©नवल किशोर सिंह Read more

कविता

कविता भावनाओं की प्रसव से गुजरकर होती कविता की उत्पत्ति कविता संवेदनशील हृदय की व्युत्पत्ति आस-पास परिवेश को पढ़ना मन में भा... Read more

कोहरा

कोहरा सरपट जीवन और तीव्र गति से भागते वाहन अचानक एक विराम द्रूतगति पर लगाम वो सामने सघन सी एक धुँध नमी लिए कुछ बूंद प्रका... Read more

भूख-क्षणिका

चाँदनी रात में खुले नभ तले भूख के बिछौने पर जागती आँखों से सोना आँतों का रोना चाँद कोई रोटी नहीं -©नवल किशोर सिंह Read more

भूख-चोका

भूख-विधा-चोका एक बुढ़िया जबरन चलती आती इधर गिरती संभलती डग से मानो जिंदगी को छलती चिंदी पहने चिथड़े ही गहने आँखों में झाँई ... Read more

निशा

निशा बियाबान रेत में मृगतृष्णा-सा मन भटकता,मचलता है सूरज भी छलिया है उजालों से छलता है प्रखर उजालों से चौंधियाई आँखें उद्भ्र... Read more

हाथ-क्षणिकाएं

क्षणिकाएं हाथ/कर 1 कर से कर काम पा गए मुकाम अजब संयोग कर जोड़कर भाग्य बांचते कुछ लोग। 2 हाथों में हाथ लिए चलता रहा ताउम्... Read more

पनघट-चोका

पनघट-विधा-चोका आर्द्र है आँखे पनिहारिन ताके घूँघट-पट भंगिमा नटखट बिखरी लट हाथ पिपासु घट कहाँ है बाँके वो आकर तो झाँके विल... Read more

संस्कार-हाइकु

1 जीने का ढंग जीवन सबरंग संस्कार-संग 2 संस्कार-धन अनमोल संपत्ति हस्तांतरण 3 विलुप्त प्यार भोगवादी संस्कार वृद्धाश्रम माँ ... Read more

चाँद-क्षणिकाएं

1 आसमान का चाँद चितकबरा है पर,उसमें अमृत भरा है तो क्या? कितने बेदाग चाँद लिये हमारी धरा है। 2 कल देखा नितदिन रूपांतरित... Read more

साया-क्षणिकाएं

साया-क्षणिकाएं 1 कर जतन थक हारे भरी दुपहरी हाथ न आया मेरा साया। 2 कद को बेहद करने की तमाम उम्र जद्दोजहद कुछ काम न आया प... Read more

मधुयामिनी

मधुयामिनी सुहानी सी ये चाँदनी रात पुष्प से खिले मन के जज्बात नीले गगन तले,तारों के छाँव संग जलता है मन ,जलते अलाव संग सिद्धहस्त... Read more