Vindhya Prakash Mishra

नरई चौराहा संग्रामगढ प्रतापगढ उ प्र

Joined July 2017

विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र
साहित्य सृजन में रूचि रखता हूँ ।
चिंतनशील मानव होने के कारण
कुछ न कुछ सृजित करता हूँ ।
पर वीणापाणि माँ की कृपा दृष्टि के बिना
सम्भव नहीं है । एक साधना के रूप में
मनन करता हूँ । कविता मेरी साधना है ।

Mo 9198989831
कवि, अध्यापक

Books:
कोई नहीं

Awards:
नवोदित कवि

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हम नेता ही लोकतंत्र के रखवाले है ।

हम नेता ही लोकतंत्र के रखवाले है। एक नही सौ सौ गुंडे पाले है। बाहर से है श्वेतवसन पर मेरे हर कारनामे काले है । हम नेता ही लोकतं... Read more

#सरस्वती वंदना#

*वीणापाणि भवानी शारदे* वीणापाणि भवानी शारदे, ज्ञान की ज्योति जला दे। भर दो नव पुंज प्रकाश के ज्ञान बढे ऐसा वर दे वीणापाणि भवानी... Read more

मुखौटे में इंसान, कैसे हो पहचान

मुखौटा पहने है लोग यहां , सच की कैसे पहचान करे। बाहर से अमृत है दिखता ,अंदर से पूरे गरल भरे । इंसान आज दुर्लभ है जग मे ,रोज ठगे घ... Read more

सुंदर गणतंत्र मनाना है ।

भारत माँ के लाल एक हो सुंदर गणतंत्र बनाना है । हम सबको मिलकर देश में तिरंगा फहराना है । जातिवाद धर्म की आड़ में जो बा... Read more

मन मंथर गति से कुछ डोले

मन मंथर गति से कुछ डोले संभल रहा होठो तक आकर चुप हूँ सोच रहा क्या बोलें। पर लेखनी मचल उठती है, नहीं रुके मन की हलचल । कितना... Read more

नये वर्ष से बड़ी आस है ।।

नया वर्ष स्वागत है तुम्हारा। कुछ आशा कुछ नयी रोशनी लेकर आये साथ साथ में कुछ जिजीविषा का मूल भी लेकर आये नई प्रात में ।। ... Read more

नया वर्ष हो मंगलमय

नया वर्ष आने वाला है कल स्वयं में बदलाव की पहल हर समस्या का सही हल। समय कहता च... Read more

अपने -अपने सपने

@मैंने भी सपने देखें हैं ।@ मैंने भी सपने देखें हैं । सोकर नहीं जाग जागकर मैंने भी सपने देखें हैं । सुख की नींद त्याग त्यागकर ... Read more

क्रोधाग्नि है जिसका भूषण, उसको क्यों शीत लगेगी।

क्रोधाग्नि है जिसका भूषण शीत उसे क्यों लगती होगी । आग उगलते जो जिह्वा से शीत उसे ... Read more

क्यों उडना भूल गया ।

पंक्षी तेरे सबल पंख क्यों उडना भूल गया। लक्ष्य नहीं पर राह बहुत है । सीधा चलता बिना बात के मुडना भूल गया । क्यों उडना भूल गया... Read more

भारी बस्ता कापी बीस।

हम पढने जब जाते हैं । कमजोर है हाथ हमारे कोई नहीं है साथ हमारे बस्ता वजन उठाते हैं हम पढ़ने जब जाते हैं । भरी कापि... Read more

ईश्वर दे दो यह वरदान ।

ईश्वर दे दो यह वरदान । कम मे संतोष सदा ही असहायो को दे सकूँ योगदान ईश्वर दे दो यह वरदान । कुछ बनना मैं बा... Read more

दीपावली के घरौदे।

बचपन के घर ही अच्छे थे बटवारे का नही बिवाद एक साथ सब मिलकर रहते विभाजन की नही दिवाल खुशिया है हरएक भाग मे नही उठा है कोई सवाल ... Read more

माँ माँ माता

– मां मां माता। माता जीवन दाता है। माता भाग्य विधाता है। माता से मिलती है सीख माता मे दिखता है ईश। माता से मिलती ममता है। माता... Read more

दीपावली मनाना है ।

घने अंधेरा को काटेगे अमा निशा मे प्रकाश बांटेगे दीपो ने यह ठाना है दीपावली मनाना है नही अंधेरा राज चलेगा तम का जोर अब नही चले... Read more

दीपक दिल की कालिमा मिटा दो।

खुशी से जगमग हो जीवन दीप पंक्तियां दमके चमके स्निग्ध तेल हो मन मे सबके दयाभाव हो हममे सब मे जगमग करदे नगर डगर मे दिल तक कालिमा... Read more

असर दुआवो का

वजन हवाओं में भी होता है । काम राख का भी पड़ता है । समझो अपनी कीमत तो सही । केवल सोने हीरे ही महँगे नहीं है । जहाँ दवा हारती है... Read more

चांद का दीदार चांद के साथ

एक चांद के साथ चांद का होता है दीदार दाम्पत्य प्रेम प्राकट्य का यह पावन त्योहार। पति के दीर्घजीवी की रहती सबकी आस इसी हेतु मे व्र... Read more

आंसू से गीला तन है ।

फिर कुछ कहने का मन है । कलम उठी लिखने को बात नहीं मिला मुझको कोई साथ । संवादो में बहे बेदना। आंसू से गीला तन है । फिर कुछ... Read more

दश हारा

असत्य पर सत्य की विजय होगी। लंकाधिपति पर पुरुषोत्तम की जय होगी । ईश्वर का आशीर्वाद होगा जीवन में । सफलता जीवन में निश्चय होगी।। Read more

मन कहता नेता बन जाऊँ-

मन कहता नेता बन जाऊ। पहनू लम्बा कुर्ता टोपी जोर जोर से मैं चिल्लाऊ। मन कहता नेता बन जाऊँ कोई नहीं पूछेगा पढाई टैक्स नहीं जो होग... Read more

चलने का संकल्प मन में है ठाना

चलने का संकल्प मन में है ठाना नही फर्क पड़ता किधर है जमाना । झोली मे कुछ तो लेकर के आना कई व्यंग्य शर है चले आ रहे पर उनसे है ख... Read more

इक सेल्फी की खातिर ।

कितनी मैंने कोशिश की है इक सेल्फी की खातिर । बार बार मुख को मटकाया इक सेल्फी की खातिर । अपनी जान खतरे में डाली इक सेल्... Read more

बस्ता वजन उठाते हैं हम पढ़ने जब जाते हैं ।

हम पढने जब जाते हैं । कमजोर है हाथ हमारे कोई नहीं है साथ हमारे बस्ता वजन उठाते हैं हम पढ़ने जब जाते हैं । भरी कापि... Read more

तीज त्योहार

पति हो दीर्घजीवी अमर रहे जो सदा सुहाग शिव का आशीर्वाद मिले और सुख से भरा रहे घर द्वार । कठिन तपस्या करती नारी। रहती निर्जल दिन ... Read more

पत्थर तब बनता भगवान

देखो हिम्मत चट्टानो की तेज वेग है तूफानो की लडता है सीना को तान पत्थर तब बनता भगवान छेनी की तेज धार को एक नही हजार वा... Read more

आवाज ही व्यक्तित्व की पहचान बनती है ।

ज्यादा बोलने से बकवास बनती है । दिलासा दे शब्द नयी आस बनती है । बडी ताकत है शब्द में जाना मैंने।। सत्यता की कसौटी से सुभाष बनती ह... Read more

भगवान भी इंसान से परेशान हैं ।

जिंदगी की जंग में जो पहलवान है । जीने की जुगत में कितने परेशान हैं । धन ही नहीं सब कुछ जीवन समझ लो इंसानियत रहे जिंदा वही इंसान ... Read more

मरकर भी सह रही गरीबी

बीमारी से बेबस लाचार दुख के बादल घिर आया था छोड दिया जब साथ संगिनी एंबुलेंस भी न पाया था। दवा मिली न साधन सुविधा तीन दिनों से... Read more

माखन सा कष्ट चुरा लो मोहन

-श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ - ____________________________________ मुरलीधर कुंजबिहारी तेरी है महिमा न्यारी मटकी फोड़े म... Read more

शिक्षक दिवस पर कविता

#शिक्षक पर कविता -------------------------------- शिक्षक का सम्मान हो, जो है ईश समान। सही राह दिखलाए देते हैं सद्ज्ञान। परिश्... Read more

पंक्षी तेरे सबल पंख

पंक्षी तेरे सबल पंख क्यों उडना भूल गया। लक्ष्य नहीं पर राह बहुत है । सीधा चलता बिना बात के मुडना भूल गया । क्यों उडना भूल गया... Read more

प्यारी बहना तुम खुश रहना।

सबसे प्यारी मेरी बहना , तुम हरदम यूँ ही खुश रहना, मिले सदा ही प्यार रक्षाबंधन का त्योहार । पावन रिश्ता भाई बहन का, बढ़े प्रेम... Read more

हर भाई की इक बहना हो।

हर बहना का इक भाई हो, सुंदर सजी कलाई हो। हर भाई को बहना मिले परिवार सानंद सुखदाई हो। आंगन बहनों से गुलजार रहे, रक्षाबंधन की हा... Read more

रोजगार की तलाश में

रोज खोजता रहा, रोजगार खोजता रहा । बच्चों को पालने का , व्यवसाय खोजता रहा । कही दंगा कही अफवाह का, बाजार मिला। कही नफरत कही करने... Read more

नमन

नमन आज उस स्वर्ग धरा की सोना जिसकी माटी है। झुकना नहीं जानते हम सब, बलिदान मेरी परिपाटी है । ललकारे जो हमें शत्रु ... Read more

तिरंगा भारत की है शान ।

तिरंगा भारत की है शान लहर रहा उत्तुंग शिखर तक विजय रही पहचान तिरंगा भारत की है शान। हान... Read more

सावन भावन

सुंदर पावस के दिन आये उमड़ घुमड कर पर्वत जैसे नभ में बादल छाए, सुंदर पावस के दिन आये। रिम झिम बूँदे छनती पत्तों से पक्... Read more

विज्ञान की हार

जब तक है दूषित पानी हवाओं में प्रदूषण की भरमार विज्ञान की हार है । बढता है तापमान हाफता संसार है वि... Read more

सूरज क्यों गुस्से से लाल

सूरज क्यों गुस्से से लाल गर्मी ने पसीने निकाले लाल सूर्य की रश्मिवलियां, कुद्ध दिख रहा क्यों आज दिवाकर , काट दिये जो तरू धरा के... Read more

पिता कैसे जीता है ।

पितृ दिवस पर- -----------------------------------------' पिता है, उंगलि पकड चलना सिखलाया, सही गलत में भेद सिखाया । बच्चे की खा... Read more

बादल घुमड घुमड कर बरसो

बादल बादल घुमड़ घुमड़ कर बरसो , जन जन में खुशहाली लाओ आवाहन करते हैं पपीहा, वर्षों की तुम प्यास बुझाओ सूखी धरती सूखी नदियां... Read more

सूरज क्यों गुस्से से लाल

गर्मी ने पसीने निकाले लाल सूर्य की रश्मिवलियां, कुद्ध दिख रहा क्यों आज दिवाकर , काट दिये जो तरू धरा के, समतल कर दिये जन ने भूधर... Read more

डायरी से मुलाकात

एक दिन मेरी मुलाकात डायरी से हो गई । मेरी मुलाकात शायरी से हो गई । लब्ज शलीका नहीं है शायर सी फिर भी बात कहने की रीति हो गई । ज... Read more

गुब्बारे मुझे प्यारे हैं ।

(आज की प्रस्तुति) बाल कविता गुब्बारा --------------------------------- गुब्बारे मुझे प्यारे हैं, रंग बिरंगे छोटे मोटे, कुछ लम... Read more

वर्ण विचार

हिंदी का है व्याकरण, भाषा के आचार तीन अंग है इसमें वर्ण शब्द वाक्य विचार, वर्ण ध्वनि का रूप है, लिपि इसका आकार। वर्ण अक्ष... Read more

इक चांद अकेला ।

एक चाँद अकेला है, बादल ने घेरा है, रात की बात चली अभी दूर सबेरा है, सुंदरता पर पहरा, लोभी का डेरा है, बंदिश इतनी फिर भी ... Read more

संघर्ष

ऐसा जीवन भी क्या जीवन जिसमें कोई आदर्श ना हो। मिले सफलता भले ही पग पग किंतु नया संघर्ष ना हो। ... Read more

बडा कारसाज होता है भगवान

कृति सुंदर है ईश्वर की मानव भी उसकी संतान । जबतक आस्था रहे धर्म पर, नहीं निराश होता इंसान ।। सब अच्छा करता है ईश्वर, य... Read more

प्यारे घन धरती पर आओ

प्यारे घन धरती पर आओ, छन छन बूँद पड़े पृथ्वी पर जन जन में खुशहाली लाओ। मुदित विहंगा चञ्चु फाडकर। गिरती बूँदो से प्यास बुझाओ। ... Read more