टोहाना, जिला फतेहाबाद
हरियाणा

Copy link to share

रक्षा जरूरी है

*रक्षा जरूरी है* मौलिक अधिकारों की सार्वभोमिक विचारों की रक्षा जरूरी है आपसी भाई-चारे की अमन पसंद अदारे की रक्षा जरूरी है... Read more

रक्षा जरूरी है

*रक्षा जरूरी है* मौलिक अधिकारों की सार्वभोमिक विचारों की रक्षा जरूरी है आपसी भाई-चारे की अमन पसंद अदारे की रक्षा जरूरी है... Read more

दीये की अभिलाषा

दीये की अभिलाषा मैं दीया हूँ अंधकार मिटाना चाहता हूँ प्रकाश फैलाना चाहता हूँ तूफानों से जूझ रहा हूँ कभी जल कभी बुझ रहा हू... Read more

द्रौणों की फौज

द्रौणों की फौज यहां द्रौणों की फौज हो गई। अर्जुनों की भी मौज हो गई।। एकलव्य को न मिला प्रवेश, डोनेशन वाले ही बने व... Read more

धनतेरस

- - ० ० धनतेरस ० ०- - निर्धन व्यक्ति तंगहाल है, धनतेरस का नहीं ख्याल है, मिठाई नहीं रोटी के लाले, चुल्हे पे लगे मकङी ... Read more

कैसी दीवाली

कैसी दीवाली कैसी दीवाली किसकी दीवाली जेब भी खाली बैंक भी खाली हर तरफ हुआ है धूंआ-धूंआ पर्यावरण भी दूषित है हुआ जीव... Read more

वोटों की फसल

वोटों की फसल पक गई वोटों की फसल दिया गया इसमें अराजकता का जल समय-समय पर डाली गई दंगों की खाद आवश्यकतानुसार छिड़का गया भा... Read more

कलरव

कलरव पक्षियों का कलरव भा रहा हैं मन को हवा की सांय-सांय है बहुत कर्णप्रिय इनके राग नहीं हैं किसी वाद से प्रेरित नहीं हैं ... Read more

वीरांगना झलकारी बाई

वीरांगना झलकारी बाई भूल गया हिन्द जिसे वीरांगना झलकारी बाई थी। रानी झांसी ने जो अपनी सेनापति बनाई थी।। झांसी से द... Read more

बचा लो मेरी जान पिता जी

बचा लो मेरी जान पिताजी लो मेरे गुण पहचान पिता जी। बचा लो मेरी जान पिता जी।। मैं भी पढने जाना चाहती ... Read more

जय जवान

******जय जवान****** उन दुर्गम घाटियों में , तत्पर खङा जवान रेतीली माटियों में , डटकर खङा जवान सुनसान पहाड़ों ... Read more

थकावट छू मंत्र

थकावट छू मंत्र हर रोज थक जाता है दोलो-दिमाग शहर के वाहनों की पों-पों सुनकर सहकर्मियों की चिक-चिक सुनकर अधिकारियों की ब... Read more

बाह्य मूल्यांकन

बाह्य मूल्यांकन कोट-पैंट टाई ने बाह्य व्यक्तित्व बना दिया आकर्षक गिटपिट भाषा ने बना दिया इक्किसवीं शदी का लेकिन अंदर आदम... Read more

मैं क्या करता

मैं क्या करता उसकी दोस्ती से साजिशों की बू आ रही थी उससे पीछा न छुङाता तो क्या करता भले ही वह आज मुझे बेवफा कहे -वि... Read more

भ्रष्ट शिक्षा तंत्र

भ्रष्ट शिक्षा तंत्र शिक्षा के नाम पे चल रहे, कारोबार बंद हों। विकासोन्मुखी लाभदायक, शिक्षा का प्रबंध हो।। सेल लगी ... Read more

इंसान क्यों परेशान है

इंसां क्यों परेशान है मुझे आता नहीं समझ फूलों की जात क्या है खुशबू का धर्म क्या है हवा की जात क्या है पानी का धर्म क्या... Read more

बिकती शिक्षा

*****बिकती शिक्षा***** बिकती शिक्षा खरीद ले आजा। चाहे जो डिग्री ले मुन्ने राजा।। मना रहे हैं हम शिक्षक दिवस, निक... Read more

झाड़-झाड़ बैरी

झाड़-झाड़ बैरी झाड़-झाड़ बैरी हुआ, क्या कर सके इंसान| ऐसे-ऐसे चल रहा, जैसा उसको ज्ञान|| जैसा उसको ज्ञा... Read more

महंगाई

******महंगाई****** महंगी दालें क्यों रोज रुलाती। सब्जी दूर खङी मुंह चढाती।। अब सलाद अय्याशी कहलाता है, महंगाई में ... Read more

बदले नहीं हालात

बदले नहीं हालात जब-जब बदलती है सरकार बदल जाती हैं लोगों की पगङियां लोगों की टोपियाँ पगङियों के रंग पगड़ियों के ढंग यहाँ तक... Read more

परिवर्तन

परिवर्तन मन के द्वार देती हैं दस्तक बार-बार गमी व खुशी चिन्ता व बेफिक्री कभी हो जाता है मन भारी मानो पड़ा है इस पर कई मण ... Read more

बहुत माहिर हैं

बहुत माहिर हैं वो साध लेते हैं समीकरण वक्त के मुताबिक साध लेते हैं शब्दों को हालात के मुताबिक देते हैं वक्तव्य सार्वभौमिक... Read more

झूठ की चकाचौंध

झूठ की चकाचौंध चीखते हैं टी. वी. चैनल एक सुर में मिला रहे हैं ताल सभी समाचार-पत्र इनके मालिक हैं सरकार में सांझेदार या हैं... Read more

कौन है उत्तरदायी

कौन है उत्तरदायी जब शुद्रों को नहीं था अधिकार सेना में भर्ती होने का युद्ध करने का तब होता रहा भारत बार-बार विदेशियों का गु... Read more

खोई हुई आजादी

खोई हुई आजादी मैं ढूंढ रहा हूँ अपनी खोई आजादी मजहबी नारों के बीच न्यायधीश के दिए निर्णयों में संविधान के संशोधनों में लालकिल... Read more

प्रमाण

प्रमाण वो समझता है खुद को सर्वश्रेष्ठ कर रखे हैं उसने गवाह तैयार जो दे रहे हैं उसके पक्ष में सर्वश्रेष्ठ होने की गवाही तमा... Read more

हुआ हिमालय क्रोध में

हुआ हिमालय क्रोध में हुआ हिमालय क्रोध में, आंखें उसकी लाल| हुआ वनों का दूहना, मानव को न ख... Read more

दहेज दानव

दहेज दानव ये दहेज दानव हजारों कन्याएं खा गया। ये बदलता माहौल भी रंग दिखा गया।। हर रोज अखबारों में ये समाचार है, ससुर... Read more

अनुच्छेद दूसरा जान

अनुच्छेद दूसरा जान अनुच्छेद दूसरा जान, जो है बड़ा विशेष| इसी के तहत सिक्किम का, संघ में ह... Read more

पढ़ो प्रथम अनुच्छेद

पढ़ो प्रथम अनुच्छेद भारत के संविधान में, पढ़ो प्रथम अनुच्छेद| वतन राज्यों का संघ है, रहे ... Read more

अनुच्छेद 47

अनुच्छेद 47 अनुच्छेद संतालिस पढ़, भारतीय संविधान| नशा नियंत्रण सत्ता करे, कर रहा है बखा... Read more

निजीकरण

निजीकरण नौकरियां तो चढ़ गई, निजीकरण की भेंट| पेट पर पट्टी बांध कर, ... Read more

सरकार के बाप

सरकारों के बाप जब भी बदलती है सरकार बदल जाती हैं नीतियाँ नई नीतियाँ बनाती है सरकार अपने बाप के नाम पर बदल जाती हैं ... Read more

दायरे

दायरे कर लिए कायम दायरे सबने अपने-अपने हो गए आदि तंग दायरों के कितना सीमित कर लिया खुद को सबने नहीं देखा कभी दायरों को... Read more

सवेरा

सवेरा मेरे शहर के बाहर, झुग्गियों के पास, वहीं खेल रहे थे कुछ, युवक तास , उनसे छोटे भी वहीं, कंचे खेल रहे थे, एक-दूस... Read more

आज की तरह

आज की तरह एक था वो समय जब मानव था अभावग्रस्त फिर भी नहीं होती थी मारा-मारी आज की तरह तब इंसान नहीं थे सभ्य परन्तु नही... Read more

बातूनी

बातूनी मैं बैठा था एकान्त में होना चाहा निशब्द परन्तु हो न सका नहीं हिले होठ नहीं हिली जुबान लेकिन बोलता रहा अपने-आप से ... Read more

प्रेम विवाह

प्रेम विवाह उन्होंने नहीं की परवाह जमाने की नकार दिया परम्पराओं को हो गई मिसाल कायम हो गया आगाज परिवर्तन का खुल गए नए द्व... Read more

परिवर्तन

परिवर्तन होता है विरोध हर परिवर्तन का नहीं आता रास परिवर्तन यथास्थितिवादियों को वे लगा देते हैं एड़ी-चोटी का जोर परिवर्तन र... Read more

उपनाम

उपनाम मुख्यद्वार पर लगी नेमप्लेट चिड़ा रही थी उन बूढ़े माता-पिता को जिन्होंने रखा था नाम अपने पुत्र का बड़े अरमान से बड़े... Read more

फरमान

फरमान शीतकाल में धूप है कुदरत की अनमोल नियामत हर व्यक्ति अपना कार्य चाहता है निपटाना धूप में लेकिन मैं हूँ बाध्य कक्षाकक... Read more

दिल में बसता है गांव

दिल में बसता है गांव गांव छोड़े हो गए बीस वर्ष से अधिक वैसे तो गांव से आने के बाद भरपूर स्नेह दिया टोहाना शहर ने नहीं होने ... Read more

आंगन

आंगन यह आंगन जिसमें बिता हमारा बचपन बहनें तो नदियों माफिक छोड़कर पहाड़ को जा मिलीं अपने-अपने सागर में हम दोनों भाई निकल... Read more

हंसना है महत्वपूर्ण

हंसना है महत्वपूर्ण हंसता हुआ व्यक्ति लगता है बहुत सुंदर चित्र भी अक्सर लगते हैं सजिंदा हंसते हुए व्यक्ति के हंसी है कुद... Read more

मूल्यांकन

मूल्यांकन आप हैं इंसान मैं भी हूँ इंसान बाकी भी हैं इंसान तो आप बाकियों से बड़े कैसे हैं यह है समझ से परे मुझे आता नहीं स... Read more

असल पीड़ा

असल पीड़ा भरा है खेत पानी से झुके हुए हैं पानी में खेतीहर मजदूर कर रहे हैं रोपाई धान के पौधों की रह-रह कर पीड़ा होती होगी इ... Read more

भविष्य

भविष्य आज का युवा कल का है भारत कल का है भविष्य देखता हूँ अक्सर करते हुए गाली-गलौच उसे लांघते हुए सीमा सभ्यता की करते हु... Read more

सीखता रहा

सीखता रहा ताउम्र सीखता रहा इंसान बहुत कुछ सिखाया इसे विकट परिस्थितियों ने अपनों के दिए जख्मों ने जीवन में खाईं ठोकरों ने... Read more

स्वतंत्रता

स्वतंत्रता हर वर्ष बुलेट-प्रूफ शीशों में से दिया जाता है भाषण कि आज हम मना रहे हैं स्वतन्त्रता की सत्तरवीं या इकहत्तरवी ... Read more

बरसात

बरसात आ गई बरसात देख रहे थे कब से राह इसकी लहलहा उठे पेड़-पौधे टर्रा उठे मेंढक हुई धींगा-मस्ती बच्चों की चल पड़ीं कागज की... Read more