टोहाना, जिला फतेहाबाद
हरियाणा

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स्वतंत्र

स्वतंत्र क्या मैं स्वतंत्र हूँ नहीं मुझे रोक रखा है सरहदों ने स्वतन्त्र तो पक्षी हैं नहीं रोक सकतीं जिन्हें सरहद भी सरहद ... Read more

हिन्दी दिवस

हिन्दी दिवस हिन्दी दिवस पर देखकर हर दुकान हर प्रतिष्ठान मैं था हैरान जिन पर था लिखा अंग्रेजी में नाम जबकि मैं था हिन्दी का... Read more

दुम

दुम अवसर था अपने शहर में उपमंडल स्तर के आयोजन का जाने कितने छुटभैये दुम हिलाते लगा रहे थे चक्कर प्रशासनिक अमले के करने के ल... Read more

सब शिकायतें

सब शिकायतें दूर -विनोद सिल्ला एक रोज मेरे विद्यालय में चल रहा था सफाई अभियान उठा रहे थे बिखरे कूड़ा-कर्कट को मैं और मेरे छात... Read more

डाकबाबू

डाकबाबू जब भी आता था डाक बाबू लिए हुए डाक मुहल्ले भर की उत्सुकतावश हो जाते थे एकत्रित उसके चारों ओर मुहल्ले भर के लोग करत... Read more

सफाई अभियान

सफाई अभियान आज मलीन बस्ती में थी गहमागहमी जो बङे वाले नेता उठा के झाङू आए थे शुरू करने सफाई अभियान बस्ती का रामू जो हमेशा... Read more

लजीज खाना

लजीज खाना मैं जब कई दिनों बाद गया गाँव माँ ने अपने हाथों से बनाई रोटी कद्दू की बनाई मसाले रहित सब्जी रोटी पर रखा ... Read more

कीमत चुकानी पड़ेगी

कीमत चुकानी पड़ेगी बोलोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी चुप रहोगे तो कीमत आने वाली पीढ़ियों को भी चुकानी पड़ेगी बोलिए आवाज बुलंद क... Read more

बाजारतंत्र

बाजार तंत्र मैं कभी नहीं गया विदेश विदेशी सामान खरीदने न ही कभी कोई विदेशी कंपनी मेरे पास आई अपने उत्पाद बेचने विदेशी वस्त... Read more

मुझे गर्व है

मुझे गर्व है मुझे गर्व है अपने पूर्वजों पर क्योंकि उन्होंने कभी खाया नहीं मांग कर कभी खाया नहीं छीन कर कभी खाया नहीं छल-... Read more

अच्छे दिन

अच्छे दिन क्या पता था कि दिन इतने अच्छे आएंगे सङे-सङे टमाटर भी पचास रुपये किलो हो जाएंगें क्या पता था अच्छे दिनों में बिज... Read more

नोटबंदी की वर्षगांठ

नोटबंदी की वर्षगांठ सरकार जी आपने की थी नोटबंदी आठ नवंबर सन् दो हजार सोलह को नहीं थके आपके चाहने वाले नोटबंदी के फायदे बत... Read more

बाह्य मूल्यांकन

बाह्य मूल्यांकन कोट-पैंट टाई ने बाह्य व्यक्तित्व बना दिया आकर्षक गिटपिट भाषा ने बना दिया इक्किसवीं शदी का लेकिन अंदर आदम... Read more

बलात्कार

बलात्कार समाचार था कि हुआ है बलात्कार प्रिंट मिडिया के संवाददाता इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कैमरामैन व एंकर शोसल मिडिया के यूजर ... Read more

रोटी

रोटी सांसरिक सत्य तो यह है कि रोटी होती है अनाज की लेकिन भारत में रोटी नहीं होती अनाज की यहाँ होती है अगड़ों की रोटी पिछड... Read more

भोर का सपना

भोर का सपना भोर में सपना आया सपने में था जातिविहीन समाज भ्रष्टाचार मुक्त शासन-प्रशासन चिकित्सा-शिक्षा व रोजगार के समान अव... Read more

हो गया सुन्न

हो गया सुन्न आज मैं डांट रहा था छात्र को उसकी अकर्मण्यता पर क्रोधवश कह बैठा बुला कर लाना कल अपने पिता को साथी अध्यापक ने बत... Read more

दिन-दिहाड़े

दिन-दिहाड़े गली में भौंके कुत्ते मैंने सोचा दिन-दिहाड़े तो नहीं आते चोर तभी किसी ने खटखटाया दरवाजा एक था सफेदपोश अनेक चमचो... Read more

राज-दरबारी

राज-दरबारी वो हैं बड़े लेखक नवाजा जाता है उन्हें खिताबों से दी जाती है सरकार द्वारा सुविधाएं नाना प्रकार की बदले में मिलात... Read more

वो हैं बड़े

वो हैं बड़े वो हैं बड़े नहीं-नहीं शायद बहुत बड़े मैं नहीं कहता वे स्वयं कहते हैं बात-बात पर लेकिन मुझे उनमें नहीं आया नजर ... Read more

बिखराव

बिखराव नफरतों ने बढ़ा दी दूरियां इंसान-इंसान के बीच बांट दिया इंसान कितने टुकड़ों में स्त्री-पुरुष अगड़ा-पिझड़ा अमीर-गरी... Read more

सूरज होगा उदय

सूरज होगा उदय चमगादड़ विश्व परिषद उल्लू सेना व सहयोगी हो गए हैं एकजुट जो हैं अंधकार के आदि चुंधिया जाती हैं इनकी आंखें नवीन... Read more

बांटता है आदमी

बांटता है आदमी आदमी स्वभावतः बांटने वाला ही है बांटता है वह अपने स्वभावानुरूप अपनी प्रवृत्ति अनुरूप बांटता वही है जो है उसक... Read more

जाति-धर्म

जाति-धर्म इंसान-इंसान के बीच कितनी हैं दूरियां इंसान-इंसान को नहीं मानता इंसान मानता है किसी न किसी जाति का धर्म का प्रति... Read more

जादूगर

जादूगर यहां हर व्यक्ति है जादूगर अक्सर दिखा देता है जादूगरी रह जाते हैं भौचक्के देखकर उसकी जादूगरी उनका अप्रत्याशित व्यवहा... Read more

ख्याल न आया

ख्याल न आया पहली रोटी गाय को दी अंतिम रोटी कुत्ते को किड़नाल को सतनजा भी डाल आया मछलियों को आटा भी खिलाया श्राद्ध में कौ... Read more

वह था मात्र इंसान

वह था मात्र इंसान आदिकाल में मानव नहीं था क्लीन-शेवड नहीं करता था कंघी लगता होगा जटाओं में भयावह-असभ्य लेकिन वह था कहीं अधि... Read more

खोई हुई आजादी

खोई हुई आजादी मैं ढूंढ़ रहा हूँ अपनी खोई आजादी मजहबी नारों के बीच न्यायधीशों के दिए निर्णयों में संविधान के संशोधनों में ला... Read more

नास्तिक

नास्तिक नास्तिक ही पैदा हुआ था मैं बाकी भी होते हैं पैदा नास्तिक ही मानव मूल रूप में होता है नास्तिक नाना प्रकार के प्र... Read more

अंतिम पायदान का व्यक्ति

अंतिम पायदान का व्यक्ति वो है अंतिम पायदान पर धकेला गया व्यक्ति उसके द्वार पर होती है दस्तक धर्माचार्यों की इस आग्रह के स... Read more

इतने अवगुण एक साथ

इतने अवगुण एक साथ पहचान जाता हूँ मैं अंधभक्तों को उनकी अतार्किक भाषा से अश्लील टिप्पणियों से सोच के सिमित दायरे से उनसे ... Read more

यादें तो यादें हैं

यादें तो यादें हैं आ जाती हैं यादें बे रोक-टोक नहीं है इन पर किसी का नियन्त्रण नहीं होने देती आने का आभास आ जाती हैं ... Read more

नहीं है साधारण

नहीं है साधारण कवि होना नहीं है साधारण अपेक्षित हैं उसमें असाधारण विशेषताएं मात्र कवि होना ही बहुत बड़ी बात है लेकिन फिर भी... Read more

कलम

कलम मेरी इस कलम ने दुख में दिया मेरा साथ कोशिश की बंटाने की खुशी में भी दिया मेरा साथ कोशिश की बांटने की की इसने सृजन... Read more

आज का द्रौण

आज का द्रौण एकलव्य को कटवाना पड़ा अपना अंगूठा क्योंकि कुटिल द्रौण ने कर रखा था अनुबंध राजघराने से उनके राजकुमार को... Read more

कमाल का हुनर

कमाल का हुनर रखतीं हैं पूरे परिवार का ख्याल सभी परिजनों की पसंद-नापसंद का ख्याल सबकी इच्छा-अनिच्छा का ख्याल इतन... Read more

खुशबु

खुशबु फूलों में होती है खुशबु नहीं होती फूलों में ही होती है कुछ व्यक्तियों के व्यवहार में भी होती है कुछ व्यक्तियों क... Read more

ये आग

ये आग जून का है महीना चल रही है लू पारा है छियालीस पार धूप है झुलसाने वाली जैसे-तैसे गुजर जायेगा जून भी इससे भी अ... Read more

अपनी टी आर पी बढ़ाने में

अपनी टी. आर. पी. बढ़ाने में जल रहा था देश जात-मजहब के दंगों में चीख रही थीं महिलाएं यौन अपराधों से पीड़ित ये सब नहीं दिया दि... Read more

सजा

सजा भारत में पुलिस द्वारा कर्मठ, मेहनतकश श्रमिक को साधनहीन, वंचित होने की दी जाती है सजा भांझी जाती हैं लाठियां निकम्मे, ... Read more

बेटी तुझको पढ़ना होगा

बेटी तुझको पढ़ना होगा बेटी तुझको पढ़ना होगा पढ़कर शिक्षित बनना होगा रूढ़िवाद-पाखंडवाद से फूले दंपति ज्यों लड़ना होगा ... Read more

बाजार तंत्र

बाजार तंत्र मैं कभी नहीं गया विदेश विदेशी सामान खरीदने न ही कभी कोई विदेशी कंपनी मेरे पास आई अपने उत्पाद बेचने विदेशी वस्त... Read more

कीमत चुकानी पड़ेगी

कीमत चुकानी पड़ेगी बोलोगे तो कीमत चुकानी पड़ेगी चुप रहोगे तो कीमत आने वाली पीढ़ियों को भी चुकानी पड़ेगी बोलिए आवाज बुलंद क... Read more

सोशल डिस्टेंसिंग

सोशल डिस्टेंसिंग शायद कोरोना ने कराया है आपका परिचय सोशल डिस्टेंसिंग से मेरा तो शदियों से है वास्ता सोशल डिस्टेंसिंग से व... Read more

संभलो-संभलौ

संभलो-संभलो हिल रही है नींव देश की अर्थव्यवस्था की हिल ही नहीं रही हजारों किलोमीटर चल भी रही है पैदल खा रही है पुलिस के डं... Read more

असली आनंद

असली आनंद मुझे है पूरा विश्वास नहीं है असली आनंद मठों-आश्रमों व अन्य धर्म-स्थलों में इन सब के प्रभारी लालायित हैं लोकसभा-... Read more

वह था मात्र इंसान

वह था मात्र इंसान आदिकाल में मानव नहीं था क्लीन-शेवड नहीं करता था कंघी लगता होगा जटाओं में भयावह-असभ्य लेकिन वह था कहीं अधि... Read more

वह था मात्र इंसान

वह था मात्र इंसान आदिकाल में मानव नहीं था क्लीन-शेवड नहीं करता था कंघी लगता होगा जटाओं में भयावह-असभ्य लेकिन वह था कहीं अधि... Read more

जाति कि जड़ें

जाति की जड़ें जाति जाती ही नहीं बहुत हैं गहरी इसकी जड़ें जिसे नित सींचा जाता है उन लोगों द्वारा जिनकी कुर्सी को मिलता है ... Read more

मेहनतकश

मेहनतकश वो मेहनतकश करता रहा कड़ा परिश्रम फिर भी रहा अभावग्रस्त उसके श्रमफल पर करते रहे अय्याशी पूंजीपति धर्म के नाम पर कर... Read more