इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन, काशीपुर (उत्तराखण्ड) में कार्यरत हूँ।
छन्द बन्धन में बंधी कवितायेँ और बहर से सजी गजलें लिखने का शौक है। कविता मेरा जीवन है…..मै जब भी परेशां होता हूँ या खुश होता हूँ तो कविता लिख देता हूँ।
मेरा मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में अवश्य लिखना चाहिए। दिल का दर्द जब कागज पर उतरता है तो कम नही होता बल्कि बढ़ जाता है और जो भी पढ़ता है वो भी उस दर्द में शरीक हो जाता है….

Copy link to share

देशभक्त

लिखे कलम यह देशगान ही यही हृदय की अभिलाषा लिखने आज चला हूँ मैं तो देशभक्ति की परिभाषा। यदि आघात धरा पर हो तो तभी खौलता शोणित हो द... Read more

सच्चाई रोने लगी

सच्चाई रोने लगी, हँसता देखा झूठ। फिर भी सबकुछ जानकर, बने खड़े हैं ठूँठ।। बने खड़े हैं ठूँठ, हृदय में चोर भया है। म... Read more

धन

धन की खातिर आदमी, करता क्या क्या काम। श्रम बिन धन कहुँ कब मिले, कैसे हो आराम।। कैसे हो आराम, बड़ी है आपाधापी। धन ने जग ... Read more

जिन्दगी ऐ जिन्दगी

जिन्दगी ऐ जिन्दगी कैसी कयामत लाई है दोस्तों के नाम की ढेरों शिकायत लाई है। जिन्दगी ऐ जिन्दगी तेरा अलग ही फ़लसफा ख़्वाब के ही दरमि... Read more

इसीलिए मै लिखता हूँ

खुद ही' खुद के आशियाँ को क्यों जलाते फिर रहे विश्व भर में जगहँसाई क्यों कराते फिर रहे। है वतन ये आपका और है चमन ये आपका तुम चमन... Read more