Vivek Bhushan

Biraura,Gaipura,Mirzapur

Joined September 2017

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उड़ चल पंछी अकेले

यह निशा घटेगी, भोर आयेगी कोयल जीवन राग सुनाएगी, जब वासंती मधुमासी छायेगी और खिलेंगे पुष्प नये नवेले। उड़ चल पंछी अक... Read more

मेरा शहर

प्रयाग वो शहर है जो हिन्दू संस्कृति का मुख्य केन्द्र है, प्रयाग वो शहर है जहाँ जीवन दायिनी माँ गंगा, कालिन्दी और सरस्वती (अदृश्य) का... Read more

मुक्तक

मन मधुबन में,माखन मुख में औ ह्रदय रहै भजन में। प्रीत ये कैसी लागी है,पग पल पल भटकै वृन्दावन में। वंशी कछु तान सुनावै औ गोहरावै मथु... Read more