Vivek Chauhan

Joined September 2016

बाजपुर उत्तराखंड का निवासी हूँ काव्य जगत का नवीन तारा हूँ समस्त विधायें लिखता हूँ किन्तु भाव अनुरूप जब जैसे आ जाये l
छोटी सी उम्र में छोटी सी कलम लेकर काव्य पथ पर चल रहा हूँ

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दश हरा

ख्वाब को बिस्तर से उठा कर के सो जाओ नेता को भी आँख दिखा कर के सो जाओ मनाना ही है ग़र तुझे आज दशहरा विवेक देश के गद्दारों को जला क... Read more

पिक्चर का आज टेलर दिखा दिया है मोदी जी

पिक्चर का आज टेलर दिखा दिया है मोदी जी दुश्मन को भी मजा आज चखा दिया है मोदी जी अब लगा है की दिल्ली की कुर्सी पर शेर बैठा है प... Read more

दो मुक्तक-----

जुल्फ में तेरी उलझते जा रहा हूँ रात - दिन नाम तेरा लिख के गीत गा रहा हूँ रात- दिन देख कर एक नजर में ना जाने तून... Read more

पाकिस्तान की आतंकवादी लंका जला दो मोदी जी

पाकिस्तान की आतंकवादी लंका जला दो मोदी जी कराँची के सीने में अब बम फुड़वा दो मोदी जी कब तक खेल चलेगा खूनी विक्रम और बेताल ... Read more

कश्मीर मुकुट भारत माँ का

कश्मीर मुकुट भारत का माँ अंधेरों में दीया बाती दिल्ली भारत माँ की छाती तमिलनाडू और केरल भारत माँ के चरण कमल है हिन्द सागर... Read more