Vivek Kapoor

Joined August 2017

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निर्भया

यह कविता दुभग्यपूर्ण निर्भया प्रकरण के बाद लिखी गयी .. नारी तू तोह भारत का मान है सम्मान है फिर क्यों हो रहा  आज इस देश मे तेरा ... Read more

अभी मत जा सावन

अभी मत जा सावन , भीगना तोह अभी बाकी है कुछ ही दिल जीते है, कुछ को जीतना अभी बाकी है ज़ख़्म जो सूख गए थे, उनको फिर से तूने हरा किया... Read more

“शहीद का दर्द”

आज फिर हुई भारत की मिट्टी लहू लुहान है खो दिए भारत ने आज फिर से कई जवान है कौन जवाब देगा जो सनाटा है गांव की गलियों का शोर सुनाई ... Read more

बचपन

दूर देखा तोह कोई ज़ोर ज़ोर से हंस रहा था लगा जैसे मुझ पे ही निगाहे गड़ाये खड़ा था पास गया तोह कोई जान पेचान वाला लगा अरे यह तोह बचपन ... Read more