Dr Vipin Sharma

Kangra , Himachal Pradesh

Joined December 2017

I am in medical profession , Professor in Orthopedics . Writing poetry is my hobby.

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क्या फिर वे दिन आएंगे

क्या फिर वे दिन आएंगे क्या फिर वे दिन आएंगे। अलबेली यादों का मिलना कलियों जैसे हरदम खिलना बारिश की बूंदों सा बहना कागज़ की कश्... Read more

एक दिन और

एक दिन और ढल गया ज़िंदगानी का एक दिन और मौत करीब आई। एक दिन और बहा कोई पानी एक दिन और समंदर करीब आया एक दिन और घट गया इन्तज़ारों... Read more

जीवन नौका

तिरती जाए जीवन नौका नदिया पर वह तिरती है लहरों से अंठखेली करती तूफ़ानों से लड़ती है मन्थर मन्थर कभी चले यह कभी गति को पकड़ती है ध... Read more

घूमां हूँ मैं गली गली

घूमा हूँ मैं गली गली ढूंढता अपनी परछाईं ढूंढ रहा हूँ बचपन अपना बचपन की वह अंगड़ाई। अल्हड़ सा आवारा बादल बिन बरसातें बरस रहा ... Read more

प्रवाहमान ज़िंदगी

प्रवाहमान है समय प्रवाहमान ज़िंदगी बहे नदी, तिरे घटा बदल बदल रहे छटा है एक गान ज़िंदगी प्रवाहमान ज़िंदगी। रंग हैं बदल रहे रूप ... Read more

मेरी इच्छा

उग आए चंद्र, खिल जाए छटा खो जाए तिमिर का यह कोहरा मिट जाए व्यथा , संगीत बने हो जाये ह्रदय का भार वृथा। नव दीप जले , नव आस बने ... Read more

मेरा गांव

नदी का किनारा बादलों की छांव सुरम्य वादियों में बसा मेरा गांव। इठलाते पल्लव सरसराती हवाओं में महकते पुष्प मदमाती फिज़ाओं में... Read more

रुक जाओ समय

रुक जाओ समय जी लेने दो मस्ती के पल रुक जाओ ज़रा होने दो कुछ हल चल रुक जाओ समय। करने दो चाहत पूरी जो हो न पाई खिलने दो बन्द कली... Read more

यादें

जब खोलता हूँ यह वाटस अप्प ग्रुप मुस्कान अधर पर छाती है एक याद सी ताज़ा हो कर फिर यादों की गली ले जाती है। मित्रों के बोल मुखर ह... Read more

नारी गौरव

तुम हो भारत की अटल ढाल तुम हो भारत का उदित भाल। कोमलता और दृढ़ता का तुम समुचित परिचय देती हो तुम जीवन के विकट क्षणों को साहस स... Read more

समय की धारा

समय की धारा बहती जाती कभी नहीं वह रुकती है जीवन का संगीत सुनाती कभी नहीं वह थकती है समय की धारा बहती जाती। खुशी हो या अवसादित... Read more

होली

रंग बिखराओ कि.आज होली है दिलों को दिल से मिलाओ कि आज होली है। भुला दो रंजो गम दुनियाँ भर के खुशी चेहरे पर सजा लो कि आज होली है।... Read more

जीवन का अर्थ

उड़ बैठा पिंजरे का पंछी गगन में हो उन्मुक्त उड़ा ओर छोर न रहा किसी का सीमाओं से मुक्त उड़ा। मिल बैठा सूरज चन्दा से धरती का संघर्... Read more

बीता हुआ कल फिर से करीब आया है

बीता हुआ कल फिर से करीब आया है भूले नग्मों में एक सुर सा उभर आया है। सलवटों में हैं लिखीं दास्ताँ बचपन की आंसूओ में मेरा बचपन उ... Read more

मेरी मासूम सी बच्ची

मेरी मासूम सी बच्ची बड़ी होने लगी है जो कल तक उठ नहीं पाती खड़ी होने लगी है। वह मुस्काये तो रौशन हों ये दिलकश फिजायें वह बोले तो... Read more

क्या यही है ज़िन्दगी का सबब

यूँ तो सब अपनी ज़िंदगी जीते हैं टुकड़ों टुकड़ों में अपने ही सपने अपने तक सीमित क्या यही है ज़िंदगी का सबब क्या यही है ज़िन्दगी का मक... Read more

वट्स अप की महिमा

वट्स अप की ज़िंदगी चलती रही वह दिन भर भी कहाँ मौन हुआ टूट गया नभ से तारा और पल भर में ही कौन हुआ। यह कैसा विश्व जगत प्यारे यह ... Read more

चश्मों के शीशों से

चश्मों के शीशों से देख रहा हूँ गुज़रा वक्त कुछ धुंधलाते साये अनसुनी बातें मुस्कुराते पल अनकही चाहें चश्मों के शीशों से देख र... Read more

मुझे आज़ाद रहने दो

मुझे आज़ाद रहने दो मुझे आज़ाद रहने दो मैं हूँ इंसान तुम जैसी मुझे आज़ाद रहने दो। न बांधो मुझको ज़ंजीरों से फर्जों की वफाओं की न ... Read more

चलो चलो ए राही

चलो चलो ए राही, अपनी मंज़िल है आसान नहीं रुको नहीं तुम पल भर, अब है रुकने का अरमान नहीं चलो चलो ए राही.. बढो जतन से और लगन से , ... Read more

मेरा मुरशिद

उस दर पर मैं कई बार गया उस दर पर मुरशिद रहता था वह ज्ञान का दीप जलाता था मुस्काता था और गाता था उस दर पर मै कई बार गया। सच्चा... Read more

बाज़ार

बेच रहे हैं कुछ न कुछ सब दुनियाँ के बाजारों में बेच रहे हैं रस्मे कसमें अपने ख़ातिरदारों में बेच रहे हैं कुछ न कुछ। कोई ह... Read more

कुछ नहीं हूँ तो कितना खुश हूं

कुछ नहीं हूँ तो कितना खुश हूं कुछ न होने का एहसास बहुत अच्छा है। न ही गम हैं, न हैं हज़ारों शिकवे न ही भीड़ में खोने का डर सच्चा ... Read more

हृदय गीत

सुर से जब सुर जुड़ जाते हैं शब्दों के दिल मिल जाते हैं मुस्काती हैं लहरें हिल मिल और एक ग़ज़ल बन जाती है। पानी में होती है हल चल ... Read more

नारी से

कितनी पदमिनियाँ जल बैठीं ज्वाला के अंगारों से कितनी सीतायें चुप बैठीं रावण की हुंकारों से। लेकिन अब भी छद्म वेश में कितने ख... Read more

एक बहादुर लड़की

जीवन पथ पर बढ़ती जाती एक बहादुर लड़की कितनी बाधाएँ थी आईं कितनी पीड़ाएँ थी आईं कितनी शंकाओं ने घेरा कितनी आशाएं मुर्झाँई पर न रुक... Read more

जीवन धारा

जीवन की दो धारा एक बने रातों की स्याही एक बने उजियारा। एक दिखाए सपन सलोने तपी तपी सी राहें बन जाये मुस्कान हृदय की बोझिल ... Read more

मन की उड़ान मत रोको

मन की उड़ान मत रोको यह सकूं देती है सिक्कों की खनकार लहू पी लेती है। फुर्सत के लम्हे जी लो जी कर के जानो भाग दौड़ की दुनियां सदमे... Read more

अनुरोध

कुछ शब्द पिरो कर लाया हूँ कुछ गीत संजो कर लाया हूँ । तुम चाहो तो स्वीकार करो ... Read more

जीवन दिशा

मसीह आये थे इस ज़मीं पर मसीह तुम भी किसी के बनना। उन्होंने पोंछे थे सब के आंसू उन्हीं की राह तुम भी चलना। फलक पर चमका था एक सित... Read more

नेह पाश

सौहार्द परस्पर रखो तुम फूलों की तरह हँसते हँसते नेह पाश हो जाओ तुम आओ समीप कसते कसते। नहीं तिक्तानुभव की रेखा हो मुखमण्डल पर ... Read more

वह इमारत पुरानी सी लगती है

वह इमारत पुरानी सी लगती है जिस की छत पर चढा करता था। परीक्षक कर के बुलाया गया है वहीं जहाँ कभी खुद पढा करता था। धुधली सी या... Read more

जिन रास्तों से गुज़रा करता था मैं कभी

जिन रास्तों से गुजरा करता था मैं कभी वो रास्ते बन हमसफ़र मुझे याद आते हैं। उन रास्तों के सीने पर कदमों के कुछ निशान बन कर मेरे ... Read more

जीवन दर्शन

कुछ मत सोचो जीवन की सरिता को बहते जाने दो लहरों से मत नाता जोड़ो उनको सागर का संगीत बनाने दो। जो कुछ है तुम्हे स्वयम ही मिलता ... Read more

ख्यालों के झुरमुट

ख्यालों के झुरमुट वो ख्यालों के झुरमुट वो कल्पना के साये मेरे साथ घूमते हैं। वो जो खो गया डगर पर बेचैन ढूंढ़ते हैं। वो मस... Read more

नव वर्ष

नई दृष्टि, नया उत्कर्ष नव वर्ष, नव वर्ष नया सृजन,नया संघर्ष नव वर्ष,नव वर्ष। नया उछाह, नव प्रवाह, नए भँवर,नई डगर नया उजास,न... Read more

मन का मीत

जन्म जन्म का बिछड़ा कोई मीत मिला आज हृदय की देहरी पर संगीत मिला पंख लगे आसों की एक ललक जागी आज मुझे अपना ही एक अतीत मिला। बचपन ... Read more

साल दर साल बीत जाने दो

साल दर साल बीत जाने दो एक नया साल फिर से आने दो। उम्र अब भी हमारी कमसिन है दिल के जज़्बों को आज़माने दो। रंग भर दो फिज़ाओं में ... Read more

धूप का एक कोना छिटक जाता है

धूप का एक कोना छिटक जाता है ज़िंदगी का वक्त निकल जाता है। खाहिशों के अक्स में ढलती है ज़िन्दगी अक्स टूटा और अक्स बिखर जाता है। ... Read more

अनन्त प्रश्न

जीवन ज्योति जलाने वाले जीवन ज्योति बुझाता क्यों है। जीवन को मुस्काने वाले दुख के बादल लाता क्यों है। प्यासे मन का अमृत बन कर ... Read more

हम क़ुदरत से जुदा हो गए हैं

हम क़ुदरत से जुदा हो गए हैं शायद खुद ही से खफा हो गए हैं। जी रहे थे हम जिन के सहारे उन्ही से बेवफ़ा हो गए हैं। काट देते हैं बे... Read more

चले जा रहे हैं जो कल थे सितारे

चले जा रहे हैं जो कल थे सितारे वो रोशन थे करते फ़िज़ा ज़िन्दगी की। लुटाते थे मुस्कान हँसाते थे सबको वो हसरत से भरते खला ज़िन्दगी की... Read more

संभल के जीना ज़िन्दगी के पल दो पल

संभल के जीना ज़िन्दगी के पल दो पल संभल के जीना कि ज़िन्दगी अभी बाकी है। न खोना इन पलों को और न ढोना इन्हें संभल के रहना कि बस वक्... Read more