परिचय –
जन्म: १४ नवम्बर १९९०
शिक्षा= स्नातकोत्तर (भौतिक विज्ञान एवम् हिंदी), नेट, बी.एड.
एक कविता संग्रह ‘अच्छे दिनों के इंतज़ार में’ सृजनलोक प्रकाशन से प्रकाशित। कुछ पत्र पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।अंतर्जाल पर विभिन्न वेब पत्रिकाओं पर निरन्तर सक्रिय।
अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत।

मोबाइल=9166280718

ईमेल = davevinod14@gmail.com

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बेटी की विदाई

• बेटी की विदाई बेटी जब-जब सपना देखे बाबुल का घर अपना देखे घर में जब भी अंधियारा था बेटी ने किया उजियारा था उस घर को ही ... Read more

कितने अरमान दिल में छुपा लाया है

कितने अरमान दिल में छुपा लाया हैं, कोई है शख़्स जो मेरा अपना साया है। ** ** उसकी कमसिन आँखों ने जब से कहा मुझे पागल, मेरा दिल-ओ-द... Read more

तमन्ना~ए~ज़िन्दगी

तुझ पर विश्वास तो पूरा था मेरी तमन्ना~ए~ज़िन्दगी जानता न था किस्मत भी दगा दे जाती है, तुम्हारे प्यार ने मुझे जीना सिखाया था दिल खोल... Read more

चली जा रही है, कली जा रही है

जाने ये हालात हमें कहाँ ले चले, दो पल पास बैठो, ये दिल कुछ कहना चाहता है। फासला मिटा दो आज मेरे महबूब, ये शख़्स तुझमे डूबना चाहता ... Read more

हमारी चाहत आई है।

उन्हें कद्र ही नहीं हमारे प्यार की, जिनके नाम हमने ये जिंदगी कर दी कितने अरसे से उनके दीदार को तरसते रहे, बड़ी इज्जत से उन्होंने ब... Read more

हुस्न को गुरुर किस बात का है,

हुस्न को गुरुर किस बात का है, ये चाँद भी बस रात का है। *** *** ये पतझड़ तो मौसम, अश्क़ों की बरसात का है। *** *** वो बरसों से खाम... Read more

हम खामोश है मगर तुम्हें भूल न पाते हैं

हम खामोश है मगर तुम्हें भूल न पाते हैं दिल से सदा देकर तुम्हीं को तो बुलाते हैं। ** और तो क्या करें दुनिया के रिवाजों का, आओ मेर... Read more

गुलशन-ए-इश्क़

‘दवे’ ये ख़ार गुलशन-ए-इश्क़ के भी क्या ख़ार है, दिल चीर कर कहते हैं मुझे तुमसे प्यार है। **** **** ये वक़्त जरा मुस्कराने में गुजर जा... Read more

हम तो हौसला रख के आए थे जिंदगी गंवाने का।

ज्यादा जुनून नहीं था मुहब्बत में कुछ पाने का , हम तो हौसला रख के आए थे जिंदगी गंवाने का। करोगे तो जानोगे कि इश्क़ बला क्या है, इ... Read more

उस लम्हा

उस लम्हा काश हम थोड़ा ठहर गए होते, जब तेरे दिल में उतर जाना चाहते थे। ** हमने इतने इत्मीनान से उन्हें खो दिया, जितने होश से वो हम... Read more

शायरी

ये मौसम बदलता जा रहा है रंग अपना, और वो अपनी बात पर कायम है। सुबह आफ़ताब के आगोश में है, जिद्दी है अँधेरा, रात पर कायम है। *** **... Read more

दुनिया का चाल-ओ-चलन देख लिया

उस शख़्स की आँखों में बचपन भी था और जवानी भी, उसकी बातो में ख़ुशी के गीत थे और गम की कहानी भी, वो तितली के परों पर बैठ कर उड़ान भ... Read more

मेरे क़त्ल की ख़बर

मेरे क़त्ल की ख़बर किसी को पता क्यों नहीं, उनकी बेरुखी ने मुझे जिन्दा तो नही छोड़ा। **** **** जिस दीपक के उजियाले से तेरा चेहरा रोशन... Read more

नवरात्री

बड़ी बड़ी बाते करने का, ये वक़्त नहीं है मेरे यारा, एक छोटा सा दिया जलाकर, दूर करो ये अँधियारा। साफ़ दिलों को करके दिल में ये अह... Read more

रंग

रंगों की दुनिया से एक खबर लाई है, ये नमकीन हवाएँ उसे छूकर आई है। गुलाल उसके हाथों में और गुलाबी दिखता है, मुझे तो हवाओं का मिज... Read more

रात की रंजिशें

रात की रंजिशें मिटाकर तो देखो, आफताब दिलों में उगाकर तो देखो। सहर कोई जादूगरी,कोई बाजीगरी नही, अंधेरों का गला दबाकर तो देखो।... Read more

ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते

ख़िज़ां के रखवाले बाग में बहार आने नहीं देते, मेरे गुलशन के ख़ार ताजी हवा लाने नहीं देते। वो एक नज़र देख लेते मेरे बिगड़े हालात को,... Read more

पागल मछली

अब हमे यह फ़िक्र नहीं कि वो रूठ जाएगी , ये पागल मछली समन्दर से दूर कहाँ जाएगी। ** किनारों पे मछेरों के जाल पड़े हैं फैले हुए, ... Read more

शायरी- अँधेरा

इतना तो दर्द लाज़िम है 'दवे'बेलौस जवानी में, बारिश हो अश्क़ों की हर प्रेम कहानी में। *** *** अँधेरा ख़ौफ़ज़दा है उजालों की आहट पाकर,... Read more

ख़्वाब लिए जाता हूँ

आज रुखसत होना है तेरी महफ़िल से, तोहफे में तुझे प्यार दिए जाता हूँ। मुझे नजराने में अपने आँसू दे दो, मैं तुम्हे अपनी याद दिए जा... Read more

डर लगता है

डर लगता है इन रातों से, इन रातों से डर लगता है, कब कौन कहाँ कैसे होगा, इन बातों से डर लगता है। पलकों के सपनो को अपने अश्कों में... Read more

ये इंतजार

दुनिया के अपने रिवाज ओ रवायतें है प्यार करने के, बस नफ़रत पर कोई पाबन्दी नहीं। *** *** बेहिसाब बिजलियों की लपटे अपने दामन में स... Read more

कौन उजाला लाएगा

वतन को रिश्वतों के रिवाज़ में जकड़ बैठे है, कैसे ज़ाहिल लोग कुर्सियां पकड़ बैठे है। **** **** इस देश का ईमान बेईमान के हाथो में है... Read more

किताब-ए-इश्क़

किताब-ए-इश्क़ के हर पन्ने पर एक ही ख़ुशबू थी, इबादत-इ-इश्क़ का कभी नूर नहीं जाता। हवा उड़ा तो देती है सूखे हुए पत्तों को, शज़र कभी ... Read more

घाव

नाम लिखते है मिटाते है, अपने ही नाम से अपना दिल बहलाते है, उसका नाम समाया है मेरे नाम में, इसी बहाने खुद को उसकी याद दिलाते है... Read more

वतन

उस वक़्त का इन्तजार है जब वतन में खुशहाली होगी, पतझर हो या सावन, हर मौसम हरियाली होगी, न दिन में तपन होगी,न रात काली होगी, हर द... Read more

बारिशें

वो बारिशें अब कहाँ मयस्सर हैं, जिनमें नादान शरारतें होती थी। छतरी की छांव तले भी, भीगने की कवायदें होती थी। सर्दी जुकाम की ... Read more

पानी

कभी किसी की आँखों से बरसा है, कभी आसमान से पानी। ज़रा संभाल कर रखना, मिट न जाए इस जहां से पानी। मोती इसकी आगोश में पलते ह... Read more

टूट कर

टूट कर बिखरना तो आइनों की फितरत है मेरे यार, बस तुम्हारी दुआओं की कशिश मुझे बिखरने नहीं देती। कब तक ये टुकड़े इस सीने के सहेज कर ... Read more

शायरी

फूल देखकर जिसकी याद आती थी, आज न जाने क्यों वो शख़्स कांटो सा लगता है। **** **** जिन पलों का जिंदगी भर इन्तजार करते रहे, वो ... Read more

उनकी पायल में

कितने सावन बरसे होंगे एक ही पल में, जब घुंघरू खनका होगा उनकी पायल में, अरमानों के बादल में कोई आग लगाने आ जाए, हंसने की किसक... Read more

उसे गुरूर है

उसे गुरूर है अपने चेहरे की मासूमियत पर उसने मेरी आँखों की गहराई नहीं देखी। **** **** जिनका हर इक आंसू मैंने मोती की... Read more

यादों की गठरी

उन्हें याद नहीं आती हमारी, गुरुर में, वो खोये है जाने किस सुरूर में। जिस वक़्त के लम्हात ने हमको रुलाया है, उस वक़्त का झोंका त... Read more

ग़ज़ल

इतनी कोशिशों के बाद भी तुम्हें कहाँ भूल पाते है दीवारों से बचते है तो दरवाजे टकराते है। कौन रुलाए कौन हँसाए मुझको इस तन्हाई में ... Read more

इश्क़ का अंज़ाम

आँखों में समन्दर और लबों पर तिश्नगी है, जैसी भी है यार, बड़ी हसीं जिंदगी है। **** **** एक एक पत्ता गिरेगा इस शाख से, जल्द ... Read more

श्रद्धान्जलि

मशहूर गायक जगजीत सिंहजी एवम् महान अभिनेता राजेश खन्नाजी के निधन पर श्रद्धांजलि स्वरुप लिखी गई मेरी कुछ पंक्तियाँ- आज जाने क्यों... Read more

उन्हें इश्क़ है हमसे

उसका कुछ नही बिगड़ा 'दवे' तेरी नाराजगी देख कर भी, मेरे आंसुओं का क़र्ज़ न उतारा गया, और वो हंस कर नहीं बोली मुझसे आज एक बार, मैं दिन... Read more

लौट कर आओगी

गुजर जाती है हर शाम उस वक्त को याद कर के, जो वक्त हसीं तो नहीं मगर अपना हुआ करता था, तुझे खोकर भी इतनी ही शिद्दत से याद है मुझे, ... Read more

अजीब से हालात हैं

अजीब से हालात है मेरी जिंदगी के,,, दिन ढलता भी नहीं और रात होती हैं.. मुस्कुराना काफी नहीं है इस महफ़िल में, यहां तो आंसुओ के जरिय... Read more

उस बेवफ़ा की तरह

ये वक़्त भी गुजर गया बातोँ बातोँ मेँ,,,,,,,,, दुरियाँ बदल न सकी मुलाकातो मेँ,,,,,,,,, बिजलियोँ को छूने की तमन्ना सी जगी हैँ........... Read more

वृद्धाश्रम में

माँ बाप ने मन्नतो का ढ़ेर लगाया होगा तब कहीं जाकर घर का चिराग पाया होगा तेरी सलामती खातिर दुआ अर्ज़ करने कई मंदिरों मस्जिदों मजा... Read more

खुद्दारी

चुप रहकर भले ही तुमन सत्ता से यारी रखते हो, लेकिन अपने दिल से पूछो,क्या खुद्दारी रखते हो। जफ़ा ये सहकर तुमने शायद कोई खजाना पाया ... Read more