ये जो तुम्हारी याद है ना… बस यही एक मेरी जायदाद है…!

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व्यंग्य

हुआ अपहरण धूप का, पूरी जनता मौनl कोहरा थानेदार है, रपट लिखाए कौन ll Read more

सुर सुरी

साल बदल गया मगर हम ना बदले ।। कह रही थी वह मुझसे तुम क्यों न बदले ।। Read more

मोहब्बत क्या

किसी की आदत बन जाओ ! मोहब्बत खुद-ब-खुद बन जाओगे !! Read more

ओह्ह ये मोहःब्बत

कबूले ऐ जुर्म करते हैं हम तेरे कदमो में गिर कर । सजाये मौत मंजूर है मगर अब मोहब्बत नही करनी ।। Read more