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माँ

"माँ"...माँ तुम मात्र देह नहीं , तुम भाव हो माँ...तुम ईश का स्वभाव हो माँ...तुम भगवान के ह्रदय से स्फुटित सुमधुर स्तुतिगान हो ... Read more