विक्रम कुमार

मनोरा , वैशाली ( बिहार )

Joined November 2019

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तीन मुक्तक भगवान के

न आता चांद रातों में, दिन में धूप न खिलता बिना उनके इशारे के यहां पर कुछ नहीं मिलता होता दुनिया में जो है वो है भगवान की मर्ज़ी ... Read more

तेरे दीदार को दुनिया की सब नजरें तरसती हैं

तू ही बहती हवाओं में , तू कलियों में हंसती है तू कोमल फूल के जैसी, महक में उनके बसती है तुम्हारा रंग सोने सा है और है रुप चांदी सा... Read more

नेताजी सुभाष को नमन

क्रांति की दिव्य ज्योत और वीरता के प्रकाश को आओ मिलकर नमन करें हम नेताजी सुभाष को जन्म लिया था कटक में और शिक्षाा दीक्षा कलकत्ता म... Read more

नया गीत गाएं

ख्वाबों की अपनी एक बगिया सजाएं चलो आज हम - तुम नया गीत गाएं दिल का नया गीत अनमोल सुन लो धुन हो नई और नए बोल चुन लो होगा पुराना... Read more

युगपुरुष वाजपेयी जी

25 दिसम्बर । यह तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि इसी तारीख को भारत के महान नेता श्री अटल बिहारी ... Read more

वाजपेयी जी की जयंती पर विशेष - आप सदा ही अटल रहे

आप थे सिद्धांतों की धुरी और सुविचारों के पटल रहे नमन आपको अटल बिहारी आप सदा ही अटल रहे आजादी में युद्ध लडे़ थे अंग्रेजी फरमानों से... Read more

क्या हाल हो गया है भाई

सत्तालोभियों के चक्कर में बेहाल हो गया है भाई देख लो अपने भारत का क्या हाल हो गया है भाई नेताजी का हाल हुआ बिन पेंदी के लोटे वाला ... Read more

बदल गए हो दोस्त

सांचे में दुनियादारी के ढ़ल गए हो दोस्त ऐसा लग रहा है कि बदल गए हो दोस्त तुम्हारे हर कदम को सराहा सदा मैंने मेरे कदमों से भला क्य... Read more

प्यार मगर जिंदा है

ठहरा दिल है,धड़कनों की रफ्तार मगर जिंदा है दूर तुम हो दूर हम हैं प्यार मगर जिंदा है अब भी मेरी धड़कनों में नाम तेरा चलता है आगा... Read more

हे भारत की पावन भूमि

तू मान है सम्मान है तुझसे जीवन आसान है हे भारत की पावन भूमि तू जीसस अल्लाह भगवान है तू बुद्ध महावीर की करूणा तू सौहार्द की गंगा... Read more

बेरोजगारों से रोजगार शुल्क

मौजूदा हालात के भारत में बेरोजगारी की वास्तविक स्थिति किसी से भी छिपी हुई नहीं है । शुरुआती दिनों में बेरोजगारी एक समस्या बनी , बाद ... Read more

क्या होगा

समंदर से जुदा हो गए तो उन लहरों का क्या होगा कलियां जो रही रुठीं तो फिर भंवरों का क्या होगा गांवों से ही है आबाद शहर हर एक जमाने क... Read more

हैवानियत की घटनाओं और सोचने की जरुरत

विगत दिनों हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर प्रियंका के साथ हैवानियत का मामला प्रकाश में आया । मामले के सभी पक्षों एवं वास्तविकता को जान... Read more

इंसाफ हुआ है

एकदम सही ये जुर्म के खिलाफ हुआ है छुपा न कुछ भी पूरा साफ साफ हुआ है दक्षिण की खबर सुनके लग रहा है ये भारत में आज असली इंसाफ हुआ ... Read more

जानता हूं मैं

जीवन के कठिन रस्तों पे चलना जानता हूं मैं मुझे गिरने की न चिंता संभलना जानता हूं मैं चाहे गम हो या खुशियां मुझे न फर्क कोई है समय... Read more

तीन मुक्तक दहेज के

दामन में अपने पाप को सहेज न लेना सुखों के बदले जलालत की सेज न लेना उनको भी हक शादी का है जो गरीब हैं सोचके इस बात को दहेज न लेना ... Read more

जय श्री राम

बस एक शब्द बसे जिसमें सभी तीरथ व चारों धाम सभी संताप मिट जाते जो हृदय से ले लो उनका नाम वो रक्षक है मर्यादा के और भक्तों के वत्सल ... Read more

आह्वान

आह्वान है यह हमारा सभी धर्मों के अनुयायियों से हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई बौद्ध जैन सभी भाईयों से सब मिलकर एकता से अनोखी सी एक रीत च... Read more

रूठे हुए हैं क्यों

ख्वाबों के सारे रंग वो झूठे हुए हैं क्यों शय सारे मेरे नाम से रूठे हुए हैं क्यों क्यों बहारें एक अर्से से यहां आती नहीं ये नज... Read more

निशानी न मिटा पाओगे

दिन सुहाना रात सुहानी न मिटा पाओगे चाहे कुछ भी कर लो कहानी न मिटा पाओगे घिस लो हाथ तुम भी पर याद रखो इतना निशान ही मिटेंगे निशान... Read more

निशानियां मिटती नहीं

वक्त के पन्नों से कोई कुर्बानियां मिटती नहीं मिटते भले निशान हैं निशानियां मिटती नहीं तयशुदा हर चीज की पूरी मियाद रखता है अपन... Read more

19 नवम्बर - रानी लक्ष्मीबाई विशेष

युद्ध की हुंकार थी , ललकार की वाणी थी वो सिर्फ झांसी की न पूरे हिंद की रानी थी वो उसमें था जज्बा भरा कूट कर के देशभक्ति का वो प... Read more

जिम्मेदारियां

नातों का प्रेम भाव यार की यारियां सब पे भारी पडी़ं चंद जिम्मेदारियां ऐसा आया तूफां की उजड़ गए सभी देखे रस्ता बहारों की फुलवारियां... Read more

जाने क्यों

ऐसा इस जमाने का हुआ अंदाज जाने क्यों पहले एक था पर बंट गया है आज जाने क्यों सदा अच्छा ही होता है मोहब्बत का यहां अंजाम तो फिर न... Read more

चाहता हूं मैं

कि फिर यादों की बस्ती में जाना चाहता हूं मैं बहुत भटका हूं अब लेकिन ठिकाना चाहता हूं मैं कभी ... Read more

मुक्तक

दिल के मामलों में हम जहाँ से बड़े हैं दिल तुमको देने को लिए हाथों में खड़े हैं लोगे तुम नहीं बिना दिए हम जाएंगे नहीं तुम जिद पे ... Read more

इंसानियत का भाव

प्रेम करूणा दया और सद्भाव नहीं भूलूंगा कुछ भी हो इंसानियत का भाव नहीं भूलूंगा हमने बुजुर्गों को अपने पाया है वरदान में अपना मान... Read more

प्रेम

प्रेम दुनिया में सबसे हसीं चीज है प्रेम अंतस में सबके बसी चीज है ना ही बंगला न कोठे न कोई भी शय प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी चीज है ... Read more

जीवन संवार डाला मेरा

मुश्किल जो थी राहें उसे आसां मुकाम कर खुशियां जमाने भर की उसने मेरे नाम कर वीरान से जीवन में वो बहार ले आई जीवन संवार डाला मेरा ह... Read more

श्रीराम जीत गए

भारत में भक्ति भाव के आयाम जीत गए वनवास हुआ खत्म और श्रीराम जीत गए वर्षों चली जद्दोजहद हक को जताने की राम जन्मभूमि को अपना बत... Read more