मेरा परिचय मेरे एक शेर से लेलें

इंशा हूँ अवतार नही हूँ
गुल खुश्बू हूँ खार नही हूँ

विजय शान

Copy link to share

हौसले जब भी आजमाए हैं

हौसले जब भी आजमाए हैं आंधियो में दिए जलाए हैं आज सौदा यहीँ कहीं होगा खूब दौलत वो साथ लाए हैं गैर मुल्को में कोई इनका है ... Read more

अश्क बनकर निकल गया कैसे

~~~~~~ ग़ज़ल ~~~~~~~ यूँ मुकद्दर बदल गया कैसे / हाथ से वो निकल गया कैसे // मेरी आँखों में बस गया फिर क्यूँ / ... Read more