Vijay Jangid

Joined November 2018

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नही कन्या भ्रूण गिराउंगी

नही कन्या भ्रूण गिराउंगी , मेरे अनगढ़ सपनो को माँ ,तुमने ही आकार दिया। जन्मा मुझे कोख से अपनी, अतुल्य ये उपकार किया। देख रही थी ... Read more