Versha Varshney

Aligarh

Joined August 2016

कवियित्री और लेखिका अलीगढ़ यू पी !_यही है_ जिंदगी” मेरा कविता संग्रह है !
विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में लेखन !
साझा संकलन -१.भारत की प्रतिभाशाली हिंदी कवयित्रियाँ !
२.पुष्पगंधा
3.संदल सुगंध
Indian trailblazer women Award 2017
pride of the women award 2017
Money is not important then love,bec love is God n God is our life .
my blog -http://vershavarshney.blogspot.in/
my page -https://www.facebook.com/versha22.writer/?ref=aymt_homepage_panel .
https://www.facebook.com/versha.varshney

Books:
yahi hai jindagi
साझा संकलन -१.भारत की प्रतिभाशाली हिंदी कवयित्रियाँ !
२.पुष्पगंधा
3.संदल सुगंध

Awards:
Indian trailblazer women Award 2017
pride of the women award 2017
Naari gaurav samman

Copy link to share

जिंदगी या सपना

मुझे कहीं ले चलो दूर इन हवाओं से सहमी घटाओं से नदी का किनारा हो पहाड़ों का बसेरा हो । न हो किसी के खोने का डर न हो किसी के र... Read more

सुनो न

काश कभी तो ऐसा होता तुम समझ जाते बिन कहे मेरे दिल का हाल । न कह पायी जुबां वो दर्द जो तुम कभी सोच भी न पाए वो बारिश का ... Read more

प्रकृति

##मेरी ये पोस्ट उन पुरुषों के लिए है जो स्त्री को आज भी सिर्फ एक मोहरा मानते हैं और उनका शोषण करते हैं ।बाकी मित्र अपनी स्वस्थ प्रति... Read more

बलिदान

बलिदान तुम्हारा व्यर्थ न जाने देंगे , हम भारत के वाशिन्दे । भेड़ियों की खाल से निकाल ही लेंगे , देश मे छिपे दरिंदे । गर्व करती ... Read more

माँ

कैसे लिखूँ मैं कविता तुझ पर , माँ तू खुद में एक उपन्यास है । 1.निर्झर नदिया सी बहती रहती , मुख से न कभी कुछ अपनी कहती । आँखों मे... Read more

जिंदगी का सार

प्यार का अर्थ बहुत व्यापक होता है ।जीवन का सार सिमटा हुआ है इस ढाई शब्द में । किसी के लिए प्यार सिर्फ काम है , तो किसी के लिए ख... Read more

दर्द की इंतहा

(यहां न बात धर्म की है ,न किसी विशेष जाति की । यहां तो बात है सिर्फ मासूम बच्चियों की इज्जत की । क्यों लाते हो बीच में मजहब और रा... Read more

आसिफा या राजनीति

औरत एक माँ भी है ,एक जननी भी । पत्नी भी है , एक बहन भी । राजनीति जिसका न कोई लिंग है ,न धर्म ही । जिसका न रूप है ,न व्यक्तिव ... Read more

ऑनलाइन

देखकर उनको ऑनलाइन एक ज्वार उठता है दिल में , कभी थकते नही थे जो बात करते हुए , आज रुलाती हैं सिर्फ खामोशियाँ उनकी । वो अदाएं जि... Read more

इन्तजार

कहाँ हो तुम आओ न मैं रो रही हूँ मुझे चुप कराओ न क्यों बसे हो मेरी धड़कन में आकर राज बताओ न मैं हो गयी हूँ खुद से ही फना मुझ... Read more

प्यार

प्यार क्या है ,क्या एक भीख है जो सबके सामने कटोरा लेकर खड़े रहने से मिल सकती है ?क्या प्यार को किसी की खुशामद करके प्राप्त किया जा सक... Read more

13,अहसास

जर्रा जर्रा वक़्त का जैसे रो रहा था , आंसुओं से कोई चेहरा भिगो रहा था । मासूम थी मोह्हबत कहीं सिर झुकाए , हर घड़ी कोई दिल में यादों... Read more

दुनिया और हम

हैरान हो जाती हूँ दुनिया को देखकर , समझ में कुछ नहीं आता । भरते हैं जो हर पल दावा वफ़ा का , भुलाने में क्यों एक पल भी नहीं जाता । ... Read more

दिल

दिल रे तू काहे का सोच करे , वो निर्मोही प्यार न जाने , जिनको याद करे ।। दिल की राहें बड़ी ही तंगदिल , मुश्किल है जहाँ मिलना मंजिल... Read more

यादें

हंसती हुई आँखों ने देखे थे कभीं सपने प्यार के । महकी सी अदाओं ने सजाये थे कुछ लम्हे याद के । तरन्नुम में गाये थे कभी गीत प्यार के।... Read more

एक अजन्मी बेटी का दर्द

  जीना चाहती थी मैं भी कभी इन तरंगों की तरह, सुनना चाहती थी कभी मैं भी इन की मधुरता को: जो खिला देती हैं अपनी  तरंगों से म... Read more

8.इन्तजार

बिन तेरे क्यों थमी सी लगती है जिंदगी , कहाँ है तू बता ................ऐ हमनशी । बहार भी लगती आजकल खामोश है , जीने का न अब कोई मक... Read more

7.कविता(गीतिका )

हाँ तुमने सच कहा मैं खो गयी हूँ , झील की नीरवता में ,जो देखी थी कभी तुम्हारी आँखों में । तुम्हारी गुनगुनाहट में ,जो सुनी थी कभी उद... Read more

दिवाली और पटाखे

दिये की रौशनी में अंधेरों को भागते देखा , अपनी खुशियों के लिए बचपन को रुलाते देखा। दीवाली की खुशियां होती हैं सभी के लिए, वही कुछ... Read more

प्यार या पैसा

गगन चुम्भी इमारतों के नीचे जो बने होते हैं छोटे छोटे आशियाने , एक पल में ढह जाते हैं बनकर रेत् की तरह | दिलों में खिले हुए प्यार भ... Read more

यादें

जैसे कोई बुझता हुआ दीपक , तेज रोशनी से अँधेरे को रोशन कर जाए । यादों से आज भी कुछ गुलशन महके हुए लगते है । मस्ती कहाँ थी जाम को... Read more

3. पुकार

सुनो क्यूँ करते हो तुम ऐसा जब भी कुछ कहना चाहती हूँ दिल से , समझते ही नहीं मुझे ,जानते हो न मुझे आदत है यूँ ही आँसू बहाने की ! क... Read more

2.मानवता

क्या जमाना आ गया खो गयी है मानवता , देख रहे जलते किसी को बचाने की फ़िक्र नहीं , मशगूल हैं वीडियो बनाने में, जिंदगी का मोल नहीं । ग... Read more

कृष्ण और जीवन

जब जब समाज में क्षय हुआ प्रेम त्याग परोपकार का , रखकर अनौखा रूप दुनिया को राह दिखाने आये हो ! तुम ही कान्हा तुम ही राम मुरलीधर तुम... Read more