Shilpa

Joined June 2018

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बारिश

निर्वात सांझ दीदार बारिश का काव्य_जन्म पे .... मेरी रचना खुब रंग रुप ले बीच बारिश .... भावुक होने चले थे वे बादल मेरी तरह ... Read more

भाव विश्व

समय डूबा विचार पतझड़ नई पुरानी ....... प्रेम विरह बढ़ता अविरत तूफ़ानी राहें .... मर्यादा छूटी विलक्षण सुंदर नारी चल दी ..... Read more