Vedha Singh

Joined August 2017

hello friends, I am Vedha Singh. I study in class VI. I love to write very much. I learnt the art of writing poems and stories from my mother. I write english stories in my blog-vedhasingh2000.blogspot.com. I love to read novels also. I have made some audio clips of my stories also. I have published it in my youtube chanel. Friends, I hope that you will love my stories and poems.

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बचपन

बचपन की किलकारियां, छुपन - छुपाई खेल। काँधे ऊपर हाथ रख, चले हमारी रेल।। वेधा सिंह Read more

बहन

बातचीत औ मस्खरी, सब दीदी के संग। बड़ी बहन होती नहीं, किसको करती तंग।। सुख दुःख की वो संगिनी, मेरी दिल ओ जान। मुझको लगती कीमत... Read more

नीम

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 पेड़ लगाओ नीम का, दूर करो सब रोग। इसके गुण को जानकर, सभी सुखों को भोग।। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 डेंगू-मच्छर दूर कर, रखता नीम निरो... Read more

बारिश

🌈🌧🌈🌧🌈🌧🌈🌧🌈🌧🌈 बारिश की बूंदें गिरी, घिरी घटा घनघोर। बिजली चमकी जोर से, मेघ मचाए शोर।। 💧💦💧💦💧💦💧💦💧💦💧 मेरा मन तो चल पड़ा, खुले ... Read more

गर्मी

🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 ऋतु गर्मी की आ गई, लेकर खुशी हज़ार। हम सब बच्चों के लिए, मस्ती की बौछार। गर्मी की छुट्टी पड़ी, हम सब करते मौज। ... Read more

दोहा

❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤ जो मन में रखता नहीं, कभी छुपा कर दंभ। सारे गम को भूल कर, करता नव आरंभ।। ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤ सबके दिल में गाड़ दो,... Read more

सूरत अग्नि कांड

सूरत में हुए अग्नि कांड से रोंगटे खड़े हो जाते है। आंखों में अश्रु भर आते हैं। कानो में मासूमों के चिखने की आवाज गुंज उठती है। आत्मा... Read more

समय

.समय ही वो चीज़ है जो हमें सबसे ज्यादा चाहिए, पर ये वो भी चीज़ है जिसका हम निकृष्ट (गलत) उपयोग करते हैं। -विलियम पेन्न समय स... Read more

आधुनिकता

आधुनिकता तो एक सोच है, एक विचार है, जो व्यक्ति को इस दुनिया के प्रति अधिक जागरूक व मानवीय दृष्टिकोण से जीने का सही मार्ग दिखलाती है।... Read more

गाए

हिन्दू धर्म में गाए हमारी माता होती है। गाए माता होने के साथ साथ घरेलू जानवर भी है। गाए का पौस्टिक दूध हमें स्वस्थ रखता है। गाए का प... Read more

पहला दिन

आज मेरे विद्यालय में पांचवी कक्षा में मेरा पहला दिन था। सब कुछ नया था। सिर्फ दोस्त वहीं थे। नई कक्षा, नए अध्यापक/ अध्यापिकाएँ। मैं स... Read more

श्रृंगार

श्रृंगार शब्द सुनते ही मुझे एक कहानी याद आ जाती है। वो कहानी मेरी बड़ी बहन की है। तो चलिए सुनते है वो हंसीदार बचपन का श्रृंगार। एक दि... Read more

बेटी

बेटी भगवान का वरदान है , बेटी बिन ये जगत वीरान है , जहाँ बेटी का सम्मान ना हो , वो समाज तो बना शमशान है। -वेधा सिंह Read more

मुक्तक

काश मेरा एक भाई होता , दिल में उसके सच्चाई होता , मेरे दिल के हर इक जख्मों का, उसका हर बोल दवाई होता। -वेधा सिंह Read more

कल्पना

अद्भुत है ये कल्पना ,ये सपनों की खान। कभी कल्पना के बिना ,भड़ते नहीं उड़ान।। --वेधा सिंह Read more

मुक्तक

नन्हा मुन्ना मेरा भाई , सबसे प्यारा मेरा भाई, वो करे शरारत प्यारी सी , सबसे भोला मेरा भाई। रक्षा बंधन आएगा , रिश्तों का दिन ... Read more

चाॅक्लेट डे

पापा जी मेरे लिए , लाना मिल्की बार। देर किया तुमने अगर, नहीं मिलेगा प्यार।। - वेधा सिंह Read more

माँ

सबकुछ उसके पास, जिसकी मात करीब। माँ के आशीर्वाद से, होता नहीं गरीब।। -वेधा सिंह Read more

मन के मोर

मै अक्सर झाँका करूँ, अंतर मन की ओर। शोर मचाते है जहाँ, मेरे मन के मोर।। -वेधा सिंह Read more

महानगरीय जीवन

महानगर में बढ़ रहा , घोर प्रदूषण आज। हवा जहर से है भरा , धूल-धुआँ का राज।। मेला सोशल मीडिया , तनहा है इंसान। इयर फ़ोन हटता नहीं ... Read more

प्रेरणा

प्रेरणा, यह शब्द सभी जानते है पर इसका मतलब बहुत कम लोग जानते हैं। तुम जो भी काम करते हो उसका कारण है प्रेरणा। तुम्हारे हर व्यवहा... Read more

सीखना

जियो एसे जैसे कल तुम मर जाओगे, सीखो ऐसे जैसे तुम अमर रहोगे। -महात्मा गांधी सीखना, इसने यहाँ एक बहुत बड़ा मतलब अौर महत्व इस ए... Read more

चुलबुल चिड़िया

इक थी नन्ही सी प्यारी सी , नटखट-चुलबुल चिड़िया। घर -आंगन में फुदक-फुदक कर , करती ता-ता थैया। तिनका-तिनका चुन कर लाती , फ... Read more

रुपयों का पेड़

रुपयों लदा पेड़ जो होता , सोचो जीवन कैसा होता। नहीं जेब पे ताला होता , हर कोई पैसे वाला होता न कोई भूखा नंगा होता , जीवन कितना... Read more

चाँद का उड़न खटोला

बना चाँद का उड़न खटोला मैं आसमान जाऊँगी, खेल खेलुँगी लुक्का-छुप्पी तारे तोड़ कर लाऊँगी। परियों संग चांद से उड़कर इक खास जगह म... Read more

गाय

रोम-रोम में देव बसे है , गाय हमारी माता है। परम पूज्य पाप हरिणी माँ, सबसे परम् पुनीता है। दूध-दही घी-मक्खन औषधी , सब पदार्थ गु... Read more

चाँद-सितारे

जग-मग करते चाँद सितारे ,सबको लगते कितने प्यारे। रोज शाम को लिए चांदनी ,हँसते रहते नील गगन में। ओढ़ काली रात का चादर ,चाँद उतर आ... Read more

कुछ पल की यादें

कुछ पल की यादें कहे डरता क्यों है दिल। मुस्कुरा दे तू ज़रा जख्मों को तू सिल। तेरे से ही तो मिले जग का हर एक सुख। मेरी तू सुन ल... Read more

बेटी

बेटी भगवान का वरदान है , बेटी बिन ये जगत वीरान है , जहाँ बेटी का सम्मान ना हो , वो समाज तो बना शमशान है। -वेधा सिंह Read more

जादू

जादू अगर जो मेरे पास होता । असंभव से संभव अहसास होता । जब मन चाहा तो गगन नापती मैं- सपने सच करने का विश्वास होता । - वेधा सिंह Read more

रिश्ते

रिश्ते होते रेशम की डोर , रेशम से भी ज्यादा कमज़ोर, मिलते है ये बड़ी मुश्किल से, दिल का ये बड़ा अनूठा चोर। -वेधा सिंह Read more

पापा

जब पापा होते मेरे पास। वो दिन तब होता सबसे खास। पापा संग करती मस्ती। तब न होती मैं कभी उदास। -वेधा सिंह Read more

कर्म

जीवन में सुख के लिए, करना अच्छे कर्म। सदा प्रेम सबसे मिले , रखना अपना धर्म ।। वेधा सिंह Read more

ख्वाहिश

कहती हैं ये ख्वाहिशें, हँस ले तू दिल खोल। पंख खोल उड़ जा कहीं, खुशियाँ है अनमोल।। -वेधा सिंह Read more

भू

❤💕❤💕❤💕❤ मत भू का शोषण करो , ये है सबकी जान। हरा - भरा इसको करो , रख लो इसका मान।। प्यारी-प्यारी ये धरा , देती इक सन्देश। मुझ... Read more

उड़ान

उड़न खटोला बैठकर, भरने चली उड़ान। हर मुश्किल को पार कर, पहुंची नयी जहान। वेधा सिंह Read more

गरीब

कड़क ठण्ड में ठिठुरते, वो लाचार गरीब। दिन भर मेहनत करते , रोटी भी न नसीब।। -वेधा सिंह Read more

खास जगह

मेरा मन तो चल पड़ा , खास जगह की ओर। जहां प्रेम ही प्रेम है , मधुर सुहानी भोर।। -वेधासिंह Read more

सफलता

ऊँचाई की ओर चल , मैं अम्बर लूँ थाम। स्वप्न सफलता का लिए, निडर करूँ मै काम।। -वेधा सिंह Read more

पापा

मैं हूँ पापा की परी , उनकी दिल-ओ-जान। दिनभर मनमानी करूं , कहते वो शैतान। पापा जी मेरे लिए , लाना मिल्की बार। देर किया तुमन... Read more

बूँद

मैं पानी की बूँद हूँ , मुझसे बुझती प्यास। करो मुझे बर्बाद मत, मैं हूँ सबसे खास ।१। मैं नन्हीं सी बूँद हूँ , देती जीवन दान। रखे... Read more

कलम

🌹🌹🌹🌹🌹 तख्त ताज को पलट दे,कलम चले जब खूब। लिखे हुए हर भाव में,जाते हैं सब डूब।१। उठा कलम हिम्मत भरी घुटकर जीना छोड़। रखना मंज... Read more

लेखनी

मैं न रहूंगी कल कभी, न ही मेरा वजूद। पर लेखनी की ध्वनि में , रह लूंगी मौजूद। -वेधा सिंह Read more

परियां

मैं प्यारी नन्ही परी, है मस्तानी चाल। छड़ी जादुई हाथ में, लाल गुलाबी गाल। सारी दुनिया से परे, परियों का इक देश। रहन सहन बिल... Read more

तितली

नन्ही सी एक तितली, भरने चली उड़ान। पर घातक प्रदूषण ने, ले ली उसकी जान। - वेधा सिंह Read more

अालस

आजकल तो ऐसा लगने लगा है जैसे आलस लोगों के टाइम टेबल में ही शामिल हो गया है। वैसे सब लोग तो अलसी नहीं है। मगर वो भी है। हैरानी हो रही... Read more

सैंटा

सैंटा आया,सैंटा आया। रंग-बिरंगे कई तोहफे लाया। टाफियो की कर के बौछार, हम बच्चों को वो कितना भाया। 🌹🌹🌹🌹🌹 हंसी-खुशी का दे दिया पै... Read more

माता वैष्णो देवी की यात्रा

दो साल पहले मैं अपने माता पिता के साथ माता वैष्णो देवी की यात्रा पर गयी थी। वहां मेरे साथ एक संस्मरणीय घटना घटी। मुझे और मेरी बहन को... Read more

संस्मरणीय यात्रा

वैसे मैंने तो बहुत यात्रा की है। मगर उनमे से एक भी मेरे सपनो की यात्रा जैसी नहीं है। मुझे लगता है आप सभी को जानने का मन कर रहा होगा... Read more

कलम

तीन अक्षर का शब्द होता है कलम , उलट - फेर कर दो तो खिल जाता है कमल। जब चलती है तेज कलम की धार , उसके सामने झुक जाती है तू... Read more