VEDANTA PATEL

BILASPUR

Joined October 2018

Actually VEDANTA PATEL is my son. Myself B P PATEL , My all thought are coming by spiring son. I am working in ISRO SPACE CENTRE SRIHARIKOTA .I Have post graduate in M SC Mathematics from CMD P G COLLEGE BILASPUR C.G

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*** "" पागल पथिक ......! "" ***

@ मेरे चंचल मन में एक भ्रम था , विचारों में चिंतन का अनवरत क्रम था। क्या है...? , " जीवन " जीने का आध... Read more

*** " आओ सोंच के देखें जरा........! " ***

* जिंदगी के कई रंग देखो , बे-तुका जीवन जीने के ढंग देखो। कहीं है , मौज-मस्ती ; ... Read more

*** " हम तीन मित्र .........! " ***

* मेरे दो मित्र , शेखर और विशाल , तीसरा मैं स्वयं काँजीलाल । थे ' माँ-बाप ' के एक अकेला-लाड़ला संतान ,... Read more

*** " नसीहत - ऐ - पाक.......! " ***

ऐ मेरे प्यारे वतन , ऐ मेरे प्यारे सजन। कर ले तू अपनी जतन , सजा ले अपनी धरती - चमन। सद... Read more

*** " हौंसले तुम्हारे और मेरे प्रयास.......! : ISRO " ***

* है अदम्य हौंसले तुम्हारे , और मेरे अथक प्रयास । न हो , हिन्दुस्तानी भाई ; ... Read more

*** " आधुनिकता के असर.......! " ***

* न रहा अब जंगल , अब न रहा ओ अमरैय्य की शीतल छांव। ... Read more

*** " मन मेरा क्यों उदास है .........! " ***

* हम सब पास - पास हैं , फिर क्यों...? , मन मेरा इतना उदास है । चाँद और सूरज भी आस-पास है , ... Read more

*** " हमारी धरोहर : पेड़ - पौधे और मैं......! " ***

* प्रकृति की अनमोल रचना हो तुम , प्रकृति की अतुल्य संरचना हो तुम । प्रकृति की अनुपम देन हो तु... Read more

*** " एक ख़त : जो शाम आया ......! " ***

* * एक ख़त , ( " एक युवा बेरोजगार को .. !") जो शाम आया ; पढ़ा ओ ख़त , ... Read more

*** एक आव्हान : प्रकृति की ....! **

* एक पेड़ लगा कर तो देख , " ओ एक से अनेक हो जायेगा , ... Read more

मां

**** माॖं **** प्रकृति की अतुल्य रचना है तू , संस्कृति की अनमोल संरचना है तू । जगत की जनन बिंदु है तू , अनुपम ममता की संसार औ... Read more