vasu

Joined April 2020

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~ अधूरा रिस्ता ~

तुमसे जुदाई का हर मंज़र आँखों से मेरे क्यों जाता नही कोई भी लम्हा क्यों न हो दिल पल भर को चैन पाता नही माना थोड़ा सा बेपरवाह ... Read more

{{ राह देख रहे है }}

आज कल खुद से ही एक लड़ाई लड़ रहे है हम जो मेरी बात तक नही समझते उन्हें समझ रहे है हम,, जिस शख्स की तमन्ना दिल में ही दफन हो गई,, ... Read more

(( दिल रूठ जाता है ))

कभी वो मेरे भी अन्जुमन में आए तो उनसे पूछे दिल मे रह कर भी क्यों, मचा रखा है बवाल पूछे,, तुम्हे देखते ही सब भूल गए हम नज़रों को ... Read more

~ वो इश्क़ रूहानी लिखो ~

एक हमारे भी इश्क़ की कहानी लिखो ना कहा अनकहा सब ज़ुबानी लिखो ना,, लफ्ज़ लफ्ज़ जो मोहब्बत की दांस्ता बताए नज़्म कुछ इस कदर, रूमानी लि... Read more

{{ सुनाने से न रुके }}

रोका था मैंने अपने दिल को, तुमपर आने से रुके कम्बख्त न वो रुका और तुम जाने से न रुके,, गीला तकिया सारी रात शिकायत करता रहा मुझसे... Read more

{{ यू नाश न कर }}

कहा हमे दिल लगाना आता है मेरे घर के रास्ते मे उसका घर आता है एक नज़र देख ले वो बस सौ दफा कोई काम निकल आता है दिल की बात जाने क्... Read more

{{ अतीत }}

vasu लेख May 22, 2020
आज जब भी अपने अतीत में झांकती हूँ, तो बहुत कुछ याद आ जाता है ।जो पल बीत गया वो अपने साथ बहुत कुछ ले कर चला गया । कौन सही, कौन गलत इस... Read more

{{{ पागल दीवानी }}}

vasu कविता May 22, 2020
इश्क़ में तेरे मैं पागल दीवानी सी फिरती हूँ । अपने में खोई गुमसुम सी रहती हूँ ।। तूने कभी कोशिश ही नही की मुझे पढ़ने की , उदास दि... Read more

-: {{ दूसरी विदाई }} :-

vasu कविता May 21, 2020
एक माँ बाप ने अरमानों और दुआओ की माला पिरोई थी, मंदिर सा पवित्र घोसले से एक बेटी घर मे आई थी । बेटी को पालने में कितने रात माँ न... Read more

खाली हाँथ होती है

vasu कविता May 20, 2020
बाते जो तेरे मेरे दरमियाँ थी उसमें किसी तीसरे को लाओगे तो दिक्कत होती है इस इश्क़ में जो पाया, खो के पाया है इसमे तेरी इनायत कहा... Read more

{{ आँसुओ से सींच रहा है }}

vasu कविता May 20, 2020
दिल के रास्ते किसी के इन्तेज़ार में पत्थर सा हो रहा है एक शख्स जिसे ख़ुदा माना हैं दिल उसे ख़ुदा से ज्यादा प्यार कर रहा है सब... Read more

{{{ खुद को आँचल में छुपाती }}}

vasu कविता May 19, 2020
ऐसा नही था कि उसने महसूस न किया हो पीछे से घूरती सख्त आँखों को, उसने कई दफा महसूस किया था, कैसे नही करती कभी-कभी सोचती हूँ , खु... Read more

{{ तेरे नाम का श्रृंगार करते है हम }}

vasu कविता May 18, 2020
तेरी शायरी का हर लब्ज़ झूठा है फिर भी, तेरी हर झूठ का यक़ीन करते है हम। तुमने सिर्फ मेरी खूबसूरत चेहरा ही देखा है, तुमने देखा नह... Read more

{{ तेरी ही खुशबू आती है }}

vasu कविता May 18, 2020
मेरी ज़िंदगी मेरी कहाँ सुनती है, कठपुतली सी मुझे रोज़ नचाती है। मोहब्बत में सब नाम लेते हैं कृष्ण का, मेरी ज़ुबा नाम तुम्हारा लेती... Read more

((( एक सिंदूरी शाम )))

vasu कविता May 18, 2020
जाने क्यों नही अच्छा लगता है अब नाम अपना तुम ही कोई अच्छा सा नाम दे दो न मुझे ,, हर सुबह तेरे ही याद शुरुवात होती है मेरी एक सि... Read more

(( जहाँ सादगी भाती है ))

vasu कविता May 17, 2020
मुझे कहाँ इस दुनिया में बनावटी अदा आती है चलो वहा चले जहाँ सादगी भाती है लौटा रहा है वो देखो प्यार के मेरा ये कह के तुममे अब फू... Read more

{{ परिचय }}

vasu कविता May 17, 2020
आपको मेरे परिचय की ज़रूरत क्या है मैं वहीं हूँ, जिसे आपने चाहा था कभी,, Read more

{{ कदम }}

vasu कविता May 17, 2020
अब अपने फतेह का परचम लहराना है बहुत जी लिया पिंजरे में कैद हो के अब अपना वजूद ज़माने को दिखाना है नही हूँ मैं छुई मुई सी ये सब को ... Read more

-: {{ तलब }} :-

vasu कविता May 16, 2020
न उससे पहले किसी की आरज़ू न उसके बाद किसी की तलब होती है ,, एक बार जो हो जाये किसी से मोहब्बत तो ख़ुदा की इबादत भी इश्क़ के बाद हो... Read more

(( प्याला ))

vasu कविता May 16, 2020
हर रोज़ हम मुलाकात का वादा कर दिल को बहलाते हैं रोज़ दिल मिलने की आरज़ू में बच्चो की तरह ज़िद्द में रूठ जाता है शाम होते ही आँखों मे... Read more

{{ बोझ }}

vasu कविता May 16, 2020
मिल कर जाता हैं तो यू जाता हैं वो जैसे कोई एहसान उतार कर जाता है मेरे दिल के हर ज़ख्म से वाकिफ़ था वो तभी तो नमक लगा जाता है म... Read more

{{ हक़ }}

vasu कविता May 15, 2020
दरमियाँ अब कुछ फासला ना रखा जाए बहुत कहा है मैंने,, आज तुमसे भी कुछ सुना जाए पतझड़ का मौसम आ रहा है दिल में इश्क़ का कुछ पल सुह... Read more

(( तकरार ))

vasu कविता May 15, 2020
बहुत जी लिए हम दिल के ज़ज़्बातों को छुपाते हुए सोचा क्यों ना आज मोहब्बत का इज़हार करते है बेज़ान ,,बेरंग सी पड़ी ज़िन्दगी को तेरे प्... Read more

{{ आदत पुरानी है }}

vasu कविता May 15, 2020
ये तेरी मोहब्बत की कैसी मनमानी हैं, संग तेरा है फिर , क्यों आँख में पानी हैं इतनी दूर अपने साथ ले आया इश्क़ में अब कहता हैं , ये... Read more

(( एक पल ))

vasu कविता May 14, 2020
तबाह हो गए हम जिसके एक पल की चाहत पाने को आज हर किसी से तौल देता है, वो मेरी मोहब्बत को Read more

-: {{ महकते रहेंगे }} :-

vasu कविता May 14, 2020
चलो एक फैसला हम दोनों कर ही लेते है, तुम्ही मगरूर रहना, हम मज़बूर हो कर ही रहेंगे,, चमन का हर एक फूल, सिर्फ तुम्हारे ही लिए हो, ... Read more

{{ मुझे रुलाया न कर }}

vasu कविता May 14, 2020
मोहब्बत कर मुझसे बेइंतहा पर, थोड़ी वफ़ादारी से कर, नज़्में तेरी सुन लेगे हम, तू बस सीने से लगा सुनाया कर,, तेरे इश्क़... Read more

{{ फरमाईश }}

vasu कविता May 13, 2020
इन आँखों की भी हर रात जाने कैसी फरमाईश होती है तेरे ख्वाबों को बुलाने का वादा करो, तभी सोती है Read more

-: { शहादत } :-

vasu कविता May 13, 2020
मेरी धरती ,,मेरा देश मेरी शहादत याद करेगी ज़रूर, खून से सनी वर्दी मेरी, सारी कहानी बताती है,, जो जा रहा है बेटा तू, तो जल्दी वापस... Read more

{{{ ज़मी कही और रखता है }}}

vasu कविता May 13, 2020
मोहब्बत जिससे करते है ,वही अक्सर हमसे खफ़ा रहता हैं जाने कैसा यार है मेरा जो दूसरों पे यक़ी रखता हैं मेरे इश्क़ के मका में उसके ख्व... Read more

((( ज़िस्म ही बिकता है )))

vasu कविता May 12, 2020
कौन पूछता है यहाँ इश्क़ को दिखावे की दुनिया है, दिखावा ही चलता है,, सीरत की चाहत ही किसे है अब यहाँ ज़िस्म का व्यपार है, ज़िस्म ह... Read more

(( रिहाई ))

vasu कविता May 11, 2020
तेरे साथ बिता हर लम्हा दिल के,, तहखाने में हिफ़ाज़त से छुपाई मैंने तुम सिर्फ और सिर्फ मेरे हो यहीं,, दिलासा दे कर खुद से की बेवफ... Read more

((( इश्क़ की खुमारी )))

vasu कविता May 11, 2020
तेरे प्यार का एक लम्हा भी । मेरे सौ गमो पे भारी है ।। हर रोज़ तू ख्वाबो में आता हैं - मुलाकातों का लम्हा आंखों में ज़ारी है... Read more

(( सहर के बगैर ))

vasu कविता May 11, 2020
ये कैसी शाम आई हैं ,चाँद के बैगर,, मैं इश्क़ सफर कैसे तय करू तेरे बगैर जाने कितने शब काट दिए तेरे इन्तेज़ार में, सूरज तो निकल ... Read more

-: { गवारा } :-

नही गवारा था मुझे ,के तुम्हें कोई और भी देखे, तो तेरा किसी और को देखना, कैसे गवारा कर लेते ,, Read more

{{ आसमान बनाना है मुझे }}

बंधे पंख खोल कर , उड़ान भरना है मुझे, सारा जहाँ मेरा अस्तित्व देख सके, वो आसमान बनाना है मुझे पाँव छोटे है अभी, कदम भी डगमगाते... Read more

{{{ गुनाह सुनहरे }}}

भर गए थे जो ज़ख्म ,आज और गहरे हो गए , चीखता रहा दिल मेरा , वो सुन के भी बहरे हो गए ,, तलब थी जिस मुकाम की मुझे, ज... Read more

{{ खंज़र }}

उसकी नज़र थी या ,चलता फिरता खंज़र था कोई , आज तक उस नज़र की ,नज़र उतारी नही जाती है , कुछ गिन के ही वक़्त देता है , वो मुझे इश्क़ में , ... Read more

-: {{ साथ मेरे }} :-

मेरी गज़लों में कभी तो, सुना कर ज़ुस्तज़ू अपनी साथ मेरे कभी तो , सहर कर के देखो Read more

-: {{ पूर्ण नारीत्व }} :-

मुझे कन्या से हैं ,पूर्ण नारीत्व का है रूप दिया , आज मेरे शरीर मे भी ,कुछ परिवर्तन है हुआ ,, हर माह लड़ती हूँ मैं , खुद के शरीर स... Read more

-: {{ जिल्द }} :-

दिखावे की दुनिया में ,सब दिखावा करते है,, चलो अब हम भी कुछ नया करते है मेरे ज़ख्मो को देख बहुत बाते हो... Read more

{{{ माँ }}}

कोई ताबीज़ ..... कोई दुआ काम नही आती,, माँ एक बार सर पे हाँथ फेर दे,,,, हर बददुआ है टल जाती Read more

{{{ प्रश्न चिन्ह }}}

क्या सीता और क्या पांचाली, हर नारी का यहीं विधान है, सम्मान उसका प्रश्न चिन्ह सा, जीवन अग्नि के सामान है,, जिस पांचाली का वस्त्र... Read more

(( दरवानी ))

गैर को न आने दु , न तुझको कही जाने दु काश, मिल जाये तुम्हारे दिल की दरवानी मुझको Read more

-:【 सूरत 】:-

न मौत आती है , न आँखों में नींद आती है, न तेरी सूरत बिसरती हैं , ये रोज़ रातो को जागते जगते हम ... Read more

-: { थोड़ा फासला रखना } :-

कभी वक़्त मिले तो , मेरे लिए भी कुछ वक़्त रखना, डर नही रुसवाइयों का, वफ़ा और जफ़ा एक ही मिज़ान में रखना ,, बहुत सी नज़रों के तीर , उ... Read more

{{ नर है न नारी }}

पूरा परिवार लगे थे देने में, एक दूसरे को बधाई, खुशी की लहर दौड़ी थी , सुन के एक नन्ही सी किलकारी,, चेहरे सब खुद से मिलने लगे, आशी... Read more

-:{ ख़्वाब तोड़ दिया }:-

अभी तो बचपन भी ठीक से आया नही मुझे , क्यों पॉव में घुघरू बांध , पायल तोड़ दिया , देखा था जाने कैसे कैसे हसीन ख़्वाब मैंने , कोठे ... Read more

{{ जन्नत लिख दिया }}

हर कदम पे ,मेरे इन्तेहान लिख दिया , मुझको हालात ने, बेज़ुबा लिख दिया ,, दुश्मनों से मिल गए , मेरे दोस्त ... Read more

-: { जुम्बिश } :-

मोहब्बत के सफर में ,तन्हाई मिली मुझे , महफ़िल और कहकहे हिस्से तेरे ,, मेरे दामन को खबर ,तक न हुई ,, उसमे जाने कितने , छुपे हुए द... Read more