vasu

Joined April 2020

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◆{{◆ सुनहरी तस्वीर लगाते है ◆}}◆

चल ख्वाबो की एक दीवार बनाते है उसमे यादों की सुनहरी तस्वीर लगते है, गुज़रा वक़्त जो बीत गया, हवा के झोंको की तरह मन के आंगन में ... Read more

◆{{◆ फैसला सुना देंगे ◆}}◆

तुम मुझसे इश्क़ का, एक कतरा तो मांगो, हम अपनी ज़िंदगी सारी, तुमपे लुटा दें, तेरे हर कदम के नीचे फूल , सज़ा रखे है मैंने, तेरे राह ... Read more

◆{{◆ अब इश्क़ का रंग नही जाता ◆}}◆

आँसुओ से इतनी भारी ,हो चुकी है पलके मेरी, अब कोई ख़्वाब सजाया नही जाता तुम तो चले गए मेरे अंजुमन से कब का, लेकिन आंखों से तेर... Read more

{{◆ भिखारी ◆}}

हम अपने आस पास अक्सर कुछ न कुछ ऐसा देखते है जो हमे ज़िन्दगी भर याद रहती है और कुछ बातों को भूल जाते है या ध्यान नही देते है, मेरे साथ... Read more

◆{{◆ मालूम न था ◆}}◆

vasu कविता Jul 27, 2020
मोहब्बत कर के भी आज हम अकेले हैं तन्हाइयां नसीब होगी ये मालूम न था हम डूब गए और सब तमाशा देखते रहे तू मेरे पाँव में पत्थर बंधेग... Read more

◆{{◆ तेरी याद ◆}}◆

vasu शेर Jul 25, 2020
जाने क्या................... बहुत चुभता है इन आँखों में रोने के बाद मेरे टूटे दिल का टुकड़ा है या तेरी याद Read more

◆{ शाम }◆

vasu शेर Jul 25, 2020
एक और गम की शाम तबाह होने में गुज़र गई,, बेईमान सी थी मोहब्बत उसकी तग़ाफ़ुल से तमाम बातें मुकर गई,, Read more

{{◆ क्या दोष देना ◆}}

vasu कविता Jul 23, 2020
मुझे अपनो की खुदगर्जी ने बर्बाद किया वक़्त की मार को क्या दोष देना मैं बैठा रहा किनारे पे और कश्ती वफ़ा की डूब गई इसमे नदी की धार... Read more

{{◆ एक आकार बनाता है मुझे ◆}}

vasu कविता Jul 23, 2020
मोहब्बत में कुछ ज्यादा , मोहब्बत जताता है मुझे, अपनी पलको पे, मोती सा सजाता है मुझे ,, परछाई तो सिर्फ रोशनी ,में साथ देती हैं, ... Read more

{{◆ खारा ◆}}

vasu शेर Jul 23, 2020
समुंद्र सा हैं मेरे यार का इश्क़ उतना ही गहरा,,, उतना ही खारा Read more

{{◆ गुमनाम सी ज़िन्दगी ◆}}

vasu कविता Jul 23, 2020
खुद के एहसास को खुद ही दगा दे रहे है अपने ही दिल को हर पल सज़ा दे रहे है क्या करें.. तुमसे एक तरफ़ा प्यार जो कर रहे है कहने को त... Read more

{{◆ कसूर ◆}}

दिल के हर पन्ने से तेरी याद मिटा दूँगी दिल टूट गया है तो क्या, नया ज़िल्द चढ़ा दूँगी कोई पूछे जो तेरी बेवफ़ाई की इंतहा मुस्कुरा के स... Read more

◆{{◆ नीलाम हो कर रह गई ◆}}◆

vasu कविता Jul 21, 2020
बंद दरवाज़े के पीछे , सिसकियां बंद हो के रह गई,, एक बेटी की इज़्ज़त बाप के हाँथो, नीलाम हो कर रह गई,, जिसने उसे एक रुप दिया ,एक आकर... Read more

{{ ◆ बात ही कुछ और है ◆ }}

vasu कविता Jul 20, 2020
मेरी तन्हा शामों में ,सिर्फ तेरी यादों को शामिल किया , एक तेरी आरज़ू के बाद , न इस दिल की आरज़ू कुछ और है,, हज़ारों दुश्मन होते हैं... Read more

{{◆ तेरी आदत पुरानी है ◆}}

vasu कविता Jul 20, 2020
ये तेरी मोहब्बत की कैसी मनमानी हैं, संग तेरा है फिर , क्यों आँख में पानी हैं इतनी दूर अपने साथ ले आया इश्क़ में,, अब कहता हैं , ... Read more

◆{{ ◆ पाव की बेड़ी ◆}}◆

vasu कविता Jul 20, 2020
मैं ओस की बूंद सी पारदर्शी , तेरे वज़ूद पे गिरी, और तुम में समा गई,, तेरी फ़ितरत पतंगे ... Read more

उसी दर पर

vasu शेर Jul 19, 2020
मोहब्बत हम दोनों को थी, दर्द सिर्फ मेरे हिस्से मिले जिस दर पे टूट दिल मेरा, वो हर बार मुझे उसी दर पर मिले Read more

{{◆ बवंडर ◆}}

vasu कविता Jul 19, 2020
कोई अपना भी है यहाँ, ये भम्र सा लगता है फरेब इतना है कि सांस लेने भी डर सा लगता है सूखे पत्तों की तरह, अपनो को साख से बिछड़ते देख... Read more

{{◆ दस्तखत ◆}}

vasu कविता Jul 19, 2020
आज तुम्हारे पुराने कुछ खत मिले बीते यादों के भूले कुछ वक़्त मिले आँखे कुछ धुंधली सी हो गई ज़ख्मो के कुछ दस्तख़त मिले मेरी वफ़ा का ... Read more

{{◆ ज़हर पी कर आए है ◆}}

vasu कविता Jul 18, 2020
कोई अपना नही, यहाँ सगे भी पराए है जिसने कुचला मुझे पैरों तले, वो अपने बन कर आए है मैं बारिश की बूंद सी बेदाग निश्छल उसे मेरे दा... Read more

{{◆ वादा वफ़ा के ◆}}

vasu हाइकु Jul 17, 2020
1 }◆ रात तन्हा है ज़ुबान मौन पड़ी समझे कौन 2 }◆ ज़ख्म नासूर कुछ बूंद अश्क के तस्वीर त... Read more

{{◆ सब्र ◆}}

vasu कविता Jul 17, 2020
वो सब्र है..... वो औरत है सम्मान, प्यार दोगे तो, अपना सर्वस्व तुमपे वार देगी तिरस्कार दोगे तो, अपने नज़र से भी उतार देगी Read more

{{◆◆ लाज़मी ◆◆}}

vasu कविता Jul 17, 2020
तमन्ना ताउम्र मेरी बस इतनी ही रही थोड़ा सा आसमा, थोड़ी सी ज़मी रही तरीके नही आते थे, झूठे अदाओं के मुझे तभी तो मोहब्बत में, उनकी ... Read more

{{{ दुआ मांग कर देखते है }}}

vasu कविता Jul 17, 2020
आज फिर से खुद का तमाशा देखते है साँसे बोझ है, थोड़ा मर कर देखते है दिल की दीवार का हर कोना टूटा है क्यों न उसे पत्थर कर के देखते... Read more

{{◆ भूख ◆}}

vasu कविता Jul 16, 2020
ये पेट की आग भी, कितनी अज़ीब होती है भूख तो है मगर, जेब अक्सर गरीब होती है कांधे पर बस्ते की जगह, ज़िम्मेदारी आ गई बचपन बेच कर भी... Read more

{{ ◆ वक्त ◆ }}

vasu लेख Jul 12, 2020
ये वक्त भी कितना अजीब होता है, कितने ही रंग छुपे होते है एहसास के | ज़िंदगी के सारे पन्नों पर वक्त ही तो अपना अच्छा बुरा रंग छोड़ता है... Read more

{{◆ जल्दी लौट आया करो न ◆}}

vasu कविता Jul 11, 2020
जैसा प्यार किया है मैंने तुमसे कुछ वैसा तुम भी तो मुझसे करो न रोज़ पलके भिगोते हो मेरा तुम कभी उन पलकों को चूम भी लिया करो न ... Read more

{{◆◆ खामोशी◆◆ }}

vasu लेख Jul 10, 2020
कितना कुछ कहती है न खामोशी .. अपने अंदर हजारों सवालों का जखीरा लिए | हर कोई बस मुस्कुराहट देखता है, दर्द कोई देखना ही नहीं चाहता है... Read more

◆मौन◆

vasu हाइकु Jul 10, 2020
1 ) विछिप्त मन विचलित नयन साँसे मौन 2) बुझता दिया गुमसुम अंधेरा गम अकेला Read more

{{◆ मेरा इश्क़ ◆}}

आज फिर थोड़ा सा बेईमान हुआ है मेरा इश्क़ दूबारा टूट के फिर बिखरा हुआ है मेरा इश्क़ रोज़ लगती हूँ फ़रियाद उसके दरबार में फिर भी मेरे ... Read more

{{◆ उंगली नही थामता है पापा ◆}}

हमारी हार में भी शाबाशी देते है सर पे छाँव भी हमे, आप रिहायशी देते है अपनी इच्छाओं का सोचा नही कभी अपने हिस्से की भी खुशी हमे द... Read more

{{◆ सावन मास में ◆}}

मोती बरस रहा सावन मास में विचलित मन विरह की आग में तन की काया ढूंढे उनकी छाया रोम रोम भीगना चाहे प्रेम राग में मन भी हो रहा कु... Read more

-: साँझ का दीया :-

बुझा दे साँझ का दिया कोई..चारो ओर खामोशी फैली है मेरा दर्द भी तन्हा रात की तरह अकेली है निहारती रहती हूं अपने किस्मत की लकीरों क... Read more

{{ गुनाह की ये कहानी क्यों है }}

गुनाह की ये कहानी क्यों है बेबस औरत की ज़िन्दगानी क्यों है सृजन कर के भी असहाय है उसका चर्चा सब की जुबानी क्यों है माटी सा होता... Read more

हर चेहरे में कई रंग देखे है

हर चेहरे में कई रंग देखे है अपनी मस्ती में मलंग देखे है वक़्त गवा दिया बर्बादी में नाकामयाबी के कई सुरंग देखे है मत ढूढ़ हर ज़र्र... Read more

दामन भिगाया नही करते

तेरी तस्वीर को भी अब दूर से देख लिया करते है अपने आँसुओ से हम किसी का दामन भिगाया नही करते कुछ बोलू तो रख देता है मेरे लबों पे ह... Read more

{{{ मेरे श्रृंगार के वही गहने है }}}

vasu कविता Jun 29, 2020
मेरी आँखों में कुछ सपने है अधूरे ही सही पर मेरे अपने है कर सकू हासिल मुकाम अपनी मेरे श्रृंगार के वही गहने है जाने क्यों विचलित... Read more

(( ग़ज़ल हो जाऊ ))

vasu कविता Jun 14, 2020
थोड़ा सा जो मैं तुझमे समा जाऊ ख्यालो में तेरे संग साथ फेरे घूम आऊं अब आँसू भी मयखाने से लगते है तेरी याद में सारे मयखाने पी जाऊ ... Read more

{{{ गेसू सवारे बहुत है }}}

vasu कविता Jun 10, 2020
तेरी हर महफ़िल में हमारे इश्क़ के मशहूर होते इशारे बहुत है तेरे दिल के आसमान पे मेरे जैसे सितारे बहुत है मेरे आँचल पे अपना पा... Read more

{{ मेरे मरने की दुआ करता है }}

दिल के हर टुकड़े को मैंने संभाल के रखा है हर टुकड़े में तेरी तस्वीर को लगा रखा है,, दर्द बहुत है मगर थोड़ा ही लिखते है हम लब्जो को... Read more

(( सिरहाने ))

बहुत दूर तक मैंने अपनी जी ज़िन्दगी को जाते देखा सिसक के सहम जाता है मन, दिल को भी घबराते देखा,, बेशर्म नही थी मोहब्बत कभी मेरी ज... Read more

~ अधूरा रिस्ता ~

तुमसे जुदाई का हर मंज़र आँखों से मेरे क्यों जाता नही कोई भी लम्हा क्यों न हो दिल पल भर को चैन पाता नही माना थोड़ा सा बेपरवाह ... Read more

{{ राह देख रहे है }}

आज कल खुद से ही एक लड़ाई लड़ रहे है हम जो मेरी बात तक नही समझते उन्हें समझ रहे है हम,, जिस शख्स की तमन्ना दिल में ही दफन हो गई,, ... Read more

(( दिल रूठ जाता है ))

कभी वो मेरे भी अन्जुमन में आए तो उनसे पूछे दिल मे रह कर भी क्यों, मचा रखा है बवाल पूछे,, तुम्हे देखते ही सब भूल गए हम नज़रों को ... Read more

~ वो इश्क़ रूहानी लिखो ~

एक हमारे भी इश्क़ की कहानी लिखो ना कहा अनकहा सब ज़ुबानी लिखो ना,, लफ्ज़ लफ्ज़ जो मोहब्बत की दांस्ता बताए नज़्म कुछ इस कदर, रूमानी लि... Read more

{{ सुनाने से न रुके }}

रोका था मैंने अपने दिल को, तुमपर आने से रुके कम्बख्त न वो रुका और तुम जाने से न रुके,, गीला तकिया सारी रात शिकायत करता रहा मुझसे... Read more

{{ यू नाश न कर }}

कहा हमे दिल लगाना आता है मेरे घर के रास्ते मे उसका घर आता है एक नज़र देख ले वो बस सौ दफा कोई काम निकल आता है दिल की बात जाने क्... Read more

{{ अतीत }}

vasu लेख May 22, 2020
आज जब भी अपने अतीत में झांकती हूँ, तो बहुत कुछ याद आ जाता है ।जो पल बीत गया वो अपने साथ बहुत कुछ ले कर चला गया । कौन सही, कौन गलत इस... Read more

{{{ पागल दीवानी }}}

vasu कविता May 22, 2020
इश्क़ में तेरे मैं पागल दीवानी सी फिरती हूँ । अपने में खोई गुमसुम सी रहती हूँ ।। तूने कभी कोशिश ही नही की मुझे पढ़ने की , उदास दि... Read more

-: {{ दूसरी विदाई }} :-

vasu कविता May 21, 2020
एक माँ बाप ने अरमानों और दुआओ की माला पिरोई थी, मंदिर सा पवित्र घोसले से एक बेटी घर मे आई थी । बेटी को पालने में कितने रात माँ न... Read more