Neelam Sharma

Panipat

Joined February 2018

Copy link to share

चलो ना

अपने आप तक सीमित छोटी सी दुनिया में तो हर कोई रहता है आओ सत्य से निर्मित अनंत दुनिया की सैर पर निकले खुद के लिए ही केवल ... Read more

स्वार्थ

ये जो आसमान आज नीला हो रहा फिर से धुंधियारा था मैला था कल . . . दिवारों में अब तू कैद है फिर भी ना तुझको मिली अक्ल . . . फ... Read more

नाम अनमोल

श्याम मेरो अनमोल है अनमोल है मेरो श्याम सूरत बिकती ना वो बाजारों में मेरे हृदय में बसती है जो मूरत बिकती ना वो बाजारों में मे... Read more

सपने

ओ रे सपने! तुझे भूले नहीं है हम बस फंस गए थे हालातों में.. हो सकती है कुछ देर आने ना देंगे पर अंधेर कुछ गहरी सी लगी है चोट ज... Read more

सत्य सनातन को पहचान ले

झूठ को मत पी सच को छान लें जानलें मानलें सत्य सनातन को पहचान लें यह तुम थे मनुष्य धर्म नहीं यह स्वार्थ है कर्म नहीं तुम... Read more

नारी तू केवल

अब जाग जा सपनों से , जहां तू पूजी जाती है , धरातल को समझ ए नारी , भारत की धरती पर तो तू केवल लूटी जाती है... इस देश की संस... Read more

मोहे बरसाने में छोड़ गयो

मोहे बरसाने में छोड़ गयो काहे तकरार करे ना राधे मोरी सारी सखियां पूछे हैं तोहे का हो गयो श्री राधे मोहे... या तो तूने दरस दिख... Read more

तुम

रोके जग ने तो ठहर गए तुम किसी से नहीं खुद से हार गए तुम ठहरना तो मौत है शान से जी जिंदगी यारों मक्कारी की जीत कायरता ... Read more

रक्त प्यासी बन

रोशन था सुंदर था नारी तेरे जीवन का वन नर देह जानवर ने तेरे आँचल को कालिख से रंगा दासी नहीं अब तू रक्त प्यासी बन रंगीले फू... Read more

बेटी

तू मेरा सूरज है बेटी तुझ से हुई हूँ मैं रोैशन जब जब तेरा मुखड़ा मैं देखूँ खिल जाए मेरा रूखा मन तुझसा कोई मुझे प्यारा नहीं ... Read more

मां बिन बेटी

सूख गया आंखों का पानी अब यह बह ना पायेगा अब सहलाने को क्योंकि उस को मां का आंचल ना आयेगा पत्थर पड़े दुखों के भारी-भारी फि... Read more

मैं गलत हूं तो बतला

एक सपना देखा भविष्य अपना तूफान आया चला भी गया पर अपने निशान कुछ यूं छोड़ गया कि पल-पल उसकी आहट होती है क्या समझेगा वह कि ... Read more

मुसाफिर

रुकना नहीं है तुझे ए मंजिल के मुसाफिर मुश्किल है माना पर नामुमकिन कुछ नहीं पत्थर भी चोट खा खाकर शिवालय बनता है चांद दे... Read more

अब ना है कोई फिक्र सांवरे

तेरा हाथ है मेरे सर पर टीका मुझको अब ना है कोई फिक्र सांवरे रात दिन सुबह शाम रहता है रहता है तेरा ही जिक्र सांवरे हम तो ते... Read more

रंग बदलती सत्ता

रंग बदलता ना गिरगिट भी इतने जितने रंग बदलती सत्ता और सत्ता की चाहत ये रंग तो जगजाहिर हैं फल तो दुत्कार है पर विश्वास करना पड़ता ह... Read more

नफरत

फूल सजा लो कांटो में तुम क्या रखा है नफरत में सारे जीवो से श्रेष्ट बना तुझे खास रचा है कुदरत ने पशु और मानव ले एक प्राणवाय... Read more

अच्छी शिक्षा व कानून महिला व बाल हिंसा को रोक सकते हैं

प्रकृति ने पुरुष और स्त्री को समान बनाया है परंतु फिर भी यह विडंबना रही है कि समय के साथ पुरुष प्रधानता स्थापित होती चली गई और स्त्र... Read more

ओ री चिरैया

चिरैया ओरी चिरैया तेरे पंखों पर बंधी है बेड़ी पहरेदार लगाए हैं घेरी आशा ना छोड़ तू ना बन कमजोर तू तेरी जीत उसकी हार ... Read more

कमजोर भले ही पर कायर नहीं

आया समंदर उसको डुबाने जिसको लगी है प्यास बड़ी अपनों के रेगिस्तान में यह रेत है दुश्मनो से भरी कांटे भी बिछाओगे तो अच्छा ही ह... Read more

ऐ नारी

तुझे फिक्र है दुनिया की यह तेरी इंसानियत है मगर दुनिया की हैवानियत भी समझ लेती तो अच्छा था तेरे हर रूप ने दुलार के बदले ख... Read more

युवा केे रंग हजार

कभी अनंत प्रेेेम कभी गुस्सा सवार कभी सृजन की प्यास कभी शोषण पर हथियार ये जो युवा हैं इनके हैं रंग हजार जो रखेगा इनको निग... Read more

क्यूकर भूल जाऊँ

जिंदगी के खास हैं पल ये जो संग बिताए थारे जी क्युकर भूल जाऊँ मैं दोस्त जी तै प्यारे जी कट्ठे होकै आणा-जाणा कट्ठे होकै खा... Read more

बारिशें आती हैं जाती हैं मगर अब फटती नहीं कापियाँ

बचपन ऊब सा गया ये कश्ती भूल सा गया बच्चे तो अब भी बच्चे हैं मगर बचपन आधुनिकता में है गुम सा हुआ बारिशें आती हैं जाती हैं म... Read more

श्याम ऐसे डूबे हम तेरे प्यार में

डोलता है उमंगो से भर के ये मन श्याम एेसे डूबे हम तेरे प्यार में वृंदावन की गलियों की खुशबू हमें खींच लाती है फिर से शहर में ड... Read more

प्रेम की ना कोई सरहद है

ये कहते रब है सारे मेरे हो या हो तुम्हारे कि दुनिया में एक ही रब है इंसान ऐसे क्यों लड़ा रे काहे का झगड़ा रे अब हो गई जु... Read more

चाहत है तुमको

वह पल भी आएगा जिस की चाहत है तुमको बस चलना है संग साहस के मंजिल भी चाहत है तुमको अकेले ही चलना होगा सबका साथ पाने के लिए ... Read more

काटने के बहाने

यह कांटे ही गुलाब की शोभा बढ़ा रहे दुनिया की तमाम उलझनों से इस को बचा रहे वह हाथ हो जाते लहूलुहान जो इसको तोड़ने इस ओर आ रह... Read more

ठोकर

तू इतना इतरा ना ठोकर तुझे मैं प्रीत समझती हूं वक्त हंसके सिखाता है मैं हंसकर सीख लेती हूं वो राहों में बिछा कांटे बड़ा ह... Read more

भागीरथ क्यों ले आया मुझे

तू पहुंचा स्वर्ग में मां पाप मिटाओ तेरे इंसाँ कष्ट में धरा पर आ जाओ ममतामई मैं हूं कष्ट निवारिणी भगीरथ तू ले आया मुझे मैं आ ... Read more

| मंजिल के पार

संभल के चल तू जरा यूं ना लड़खड़ा तुझको जाना है मंजिल के पार देख रस्ते हैं हजार चल तू अपनी पथ पर सब होते मतलबी फिर किस... Read more

छुप छुप के रोने से

वह छोड़ गए संसार आंगन है अब कुछ सुने से खुल के रोना तो दूर यह रोकती है दुनिया उसको छुप-छुप के रोने से आंखों में छुपाए गम थो... Read more

हकीकत तो हकीकत से बड़ी बे मेल है

मुझको मालूम है मेरी आजादी तो बस खेल है मुझको मालूम है खुली दीवारें तो बंद जेल हैं वो हकीकत मुझसे आ कहते नहीं कहते हैं वो... Read more

वो तो रोज तड़पाई जाती हैं

क्यों रुक रुक के टीस उठती है तुम्हारे सीने में जनता वो तो रोज तड़पाई जाती हैं इस बार केवल लकड़ियों से काम ना चलेगा बारूद भ... Read more

शर्म के मारे आज हिमालय फूट-फूटकर रोया है

भारत के सरताज को देखो आजकल कलंकित होया है शर्म के मारे आज हिमालय फूट-फूट कर रोया है जिस बेटी से जीवन चलता आज उसका जीवन लगा... Read more

गाँँधी 'मूल्य' हो गए

चोट सी लगती है सीने में कि बस वो कागजी हो गए अहिंसा के पैगंबर गांधी जी कहीं खो गए अब बची कूटनीति है कि स्वच्छ भारत की गीत... Read more

क्या यह तेरे बेटे नहीं

सदियों पहले एक बेटे ने मां के लिए कटवाया सिर अपना पुत है जान के तूने हाथी का चढ़ावा सिर आज हजारों बेटे सरहद पर शीश कटाते... Read more

पत्थर

पत्थर की पूजा करने वाला क्यों खुद ही बन जाता है पत्थर वो खून बहाए मुझे समझ ना आए क्यों उसका दिल बन जाता है पत्थर. विशाल... Read more

अन्नदाता

तुम ताक रहे रूई से गुब्बारों को, पर तेरी आंख में पानी है घटाओ में नहीं. तेरी जरूरत भाषणों में पूरी हो जाती है, कार्य क्रियान्वन ... Read more

भगत सिंह

उठी क्रांति की शमशीर हिंदुस्तान में जब पैदा हुआ वह वीर हिंदुस्तान में बड़ी ना कोई कुर्बानी उससे जहान में चलते हैं युवा उनका ... Read more

हम भगत सिंह के वंशज

जरा उठो तो सही थोड़ा चलो तो सही अपनाओ क्रांति की धुन हमें अत्याचार मिटाना है हम भगत सिंह के वंशज हमको हिंदुस्तान बनाना है ... Read more

दीपक बन नारी संदेश

डरूंगा नहीं मैं कर लो कितनी कोशिश, आओ घटाओ लेकर तेज हवाओं को, मदमस्त हो रोशन करना है मुझको चारों दिशाओं को . मन है मेरा ... Read more

फस रही मकड़ी अपने ही जाल में

रात होती थी सुंदर सी पावन जैसे अनगिनत मोती सजे हो सुना है यह मैंने भी कहानियों में क्यों धुंधला गए यह चांद सितारे जैसे खो ... Read more

हम- मैं भारत तू पाक

अनजान तुझको कर दिया अनजान मुझको कर दिया दोनों में दीवार डालकर शैतान ने अपना बदला लिया तुझको खुश उसने कर दिया मुझको खुश उ... Read more

दो तस्वीर भारत महान की

एक तरफ है लगा पहरा जवानों का आंख दुश्मन को इस ओर उठाने ना देंगे दूसरी ओर पल रहे गद्दार कहते तरक्की हम होने ना देंगे एक तरफ... Read more

दास्ताँ

ए मेरे जहाँ नाम हिंदोस्ताँ उलझनों से भरी है तेरी दास्तां बरसों पहले आया था तूफान जो आज तक भी हुआ ना शांत वो बरसों पहल... Read more

प्यार की होली

रंगों की होली के कुछ रंग अधूरे हैं जिन को चाहिए था होना वो ही कहीं खो रहे हैं प्यार के रगों में नफरत की मिलावट है किस पर ... Read more

अपनेपन की खोखली नियत से

ढके हुए था छिलका अपनेपन का जो पल रहा था द्वेष में किया विश्वास अपना समझ कर पर वह डस रहा था सांप मनुष्य के भेष में मासूम... Read more

भाई भाई

तू हिंदू मैं मुस्लिम तू सिख मैं इसाई इसी रंजिश में बरसों से बट रहे हैं देखो यह भाई भाई खुद तो बट ही रहे हैं और बांट दिय... Read more

रूलाया उसने

सच्ची आत्मा को ठुकराया उसने हीरे को पत्थर बताया उसने अजीब फंडा है इस दुनिया का कहते यह तो होनी है सब उसकी माया है फिर भगवा... Read more

आत्मा परमात्मा

आत्मा सन्यासी मन संसारी है, मनुष्य यही तेरी लाचारी है, परम सुखी आत्मा को दुत्कार कर सुख की खोज में निकलता है, क्यों तू सच से प... Read more