Umesh Pansari

मध्यप्रदेश, भारत

Joined January 2017

विश्व रिकॉर्ड धारक, युवा नेतृत्वकर्ता, रासेयो स्वयंसेवक, यंग अचीवर, लेखक, वक्ता

Awards:
उत्कृष्टता सम्मान, रासेयो राज्य स्तर पुरस्कार, वर्ल्ड यूथ एस्से प्रतियोगिता जर्मन में फाइनलिस्ट अवार्ड,. लेखन प्रतियोगिताओं में अनेक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार

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बाल दिवस विशेष ....

बचपन में वो गिल्ली डंडा, पढ़ने में वो ज़ीरो - अंडा, खेल - खेल में मिट्टी खाना, माँ - पापा को रोज़ सताना, याद है ना, वो बचपन का फ... Read more

बारिश में वो लड़की.....

घनघोर घटा सावन की थी, जब बूँद-बूँद था जल बरसा, एक छाता लेकर बारिश में, मैं सड़कों पर था जा निकला, बारिश से बचती सड़कों पर, एक लड़की... Read more

तू मुझसे अनजान थी...

कुछ कहने का साथी तुझसे, दिल में मेरे खयाल था। तू मुझसे अनजान थी, मैं तुझसे अनजान था, कुछ कहने का साथी तुझसे, दिल में मेरे ख... Read more

''अधूरी तू नहीं होती अधूरा मैं नहीं होता''

निगाहों में अगर यूँ आशिक़ी का अश्क न होता, तो कमबख्त इस दुनिया में इश्क न होता, जो मोहब्बत करते ही इज़हार कर दिया होता, अधूरी तू ... Read more

समाज के दर्पण में नारी

भारत जैसे लोकतंत्र में आजादी को दबा डाला, जाति धर्म का भेद बता कर हिंसा को क्यों बढ़ा डाला । देश की बिटिया आज राह में डर कर ही त... Read more

धर्म के नाम पर पशु हत्या क्यों?

मानव को यह जीवन निर्बल की सहायता हेतु मिला है फिर क्यों नहीं समझता कि धर्म के नाम पर पशु हत्या करना किसी भी ग्रंथ में एक पाप है | स... Read more