Uma Vaishnav

Joined November 2018

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भूला न सकोगें....

रहूंगी जो यादों में, मैं तस्वीर बनके, तुम मेरी हस्ती, मिटा न सकोगें, मुझे तुम कभी भी , भूला न सकोगें। रहूंगी जो साथ में, मैं स... Read more

प्रकृति

प्रकृति फल - फूल, पेड़ और ये पती, प्रकृति की इन में, खुशबू आती, चाँद - तारे सूरज और ये गगन, प्रकृति इन से ही, दिखती सुंदर, ... Read more

माँ और बीवी

खामोश खड़ा हूँ, कोई बोल नहीं हैं, इधर माँ, उधर बीवी है कोई और नहीं है, जनता हूँ, इन रिश्तों का, कोई मोल नहीं है, चाहती है दो... Read more

माँ

माँ ****************** जैसे दिये में, ज्योति होती , माँ भी तो बस, ऎसी ही होती, ख़ुद जल कर,घर रोशन करती, तेरी व्याख्या, क... Read more

प्रेम

प्रेम मेरी कमजोरी, प्रेम ही मेरी ताकत है। प्रेम ही मेरी चाहत, प्रेम ही मेरी राहत है। प्रेम ही दि... Read more