उसको याद नही करना

दरवाजे पे आँखे रखकर , मन पहुँचा है तुम्हें बुलाने ! पैर खीचता अंदर बाहर , खुद को झूठा ख़्वाब दिखाने !! इच्छाओं को रोज तहाकर , तकिए ... Read more

लड्डू जैसे गालों वाली

मतभेदों के बीच हमारे , जागा है इक भाव प्रिये ! इन आँखों में दिखता मुझको , इक प्यारा ठहराव प्रिये !! और तुम्हारे गानों में है , क... Read more

ऐसा ही है प्यार हमारा

सारी मर्यादायें तोड़ी , मन को थोड़ा किया सबल ! ज्यों ही पलटी मिरी ओर तो , आँखें भूल गयी हलचल !! फिर कन्धे पे सर को रखकर , बही प्रेम ... Read more

दीदी तुमसा कोई नही है

इंद्रधनुष सा पल्लू रखकर , आज सजी है राजकुमारी ! बाहर बाहर हँसती जितना , मन अंदर से उतना भारी !! पापा मम्मी के कन्धों में , रखकर सर... Read more

अद्भुत है एहसास तुम्हारा

कसमें तोड़ रहा हूँ तेरी खुद को फिर से भरमाउंगा तेरे सब उपहार सजाकर उनमें पागल हो जाऊँगा तस्वीरों से बातें करके लम्बी चौड़ी रातें... Read more