ज़िन्दगी

एक झोंके ने कुछ बातें पुरानी, ताज़ा बना गई । मोतियों की चमक, साँसों की गुलाबी महक छा गई । कुछ परतें जमी थी जिल्दों पर, पन्... Read more

सफ़रनामा

अम्माँ के मुँह सुना ज़िन्दगी का सफ़रनामा याद नहीं आता । सतरंगी शिशु सपन में नींदिया में मुस्कुराना याद नहीं आता । ऊँघती हाँथो... Read more

यादें

यादों की लौ से, ख़ुशियाँ मुस्कानों की, समय का समन्दर सूखा देती हैं ! डा॰ नरेन्द्र कुमार तिवारी Read more

टक्कर

टक्कर ना हो चलना सम्भल के, दीखता है जो होता नही है । खुले साँड़ों का क्या बात करना, घुमती यूँ गायें मनमानी हुई हैं । रास्ते ... Read more

२) "डील"

हिम्मत चाहिए , जनाब ! सच कहने की झूठ कहने की सच को झूठ झूठ को सच, और कहने कीं- मोहब्बत है हमें ! तुमसे मोहब्बत है- ये कहने म... Read more

१) खुशबु

अन्जाने रिश्तों की खुसबु- अन्जान मन भृमर मँडराता अकर्मी नादान। Read more

४) प्रकृति

शकुन्तला का शावक दीखता नही है कान्हा का धेनु रम्भाती नही वनराज बसेरे से उजड़े बंजारे बने गजराज पथिक शहर के बने हैं । चन्दा ... Read more

५) यार

यार, और रार, नहीं अब जमाने में, वक़्त का तक़ाज़ा हैं यार, और रार जमानें में । ऑंखें दिखती नहीं चश्मों के नीचे, शीशों के रंग ... Read more