Deepak Singh

Joined January 2019

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पहली मुलाकात वाली चाय

मैं जब पहली बार उनके घर गया था, हाथ में गरम चाय लिये उनके घर को निहार रहा था। वो पूछ रही थी कि बताओ कुछ? मैं-जी, सब बढ़िया है,... Read more

क्या तुम्हें लगता हैं

हर रोज़ तुम्हें देखता हूँ। सब दिन एक जैसी ही दिखती हो, एक ही अंदाज़ में। कभी-कभी तुम मेरे सामने रुख बदल लेती हो, किसी-किसी बात ... Read more

चैट

#चैट सरसरी बातों के दौर में बहुत सहजता से मैंने दो चार संदेश भेजे है गंभीर ना बन जाये वार्तालाप इसलिये मुस्कुरा के भेजे है ... Read more

मैं और मेरे ख़्वाब

शहर के किसी एक कोने से कुछ सुन कर कुछ सुना कर अपने साथ कुछ खुशियां समेट लाता हूँ साथ-साथ थोड़ा धका सा थोड़ा प्यासा घर आता हूं पर... Read more