तरुण सिंह पवार

सिवनी (मध्य प्रदेश)

Joined January 2017

साहित्य समाज का दर्पण होता है इसी दर्पण में भिन्न भिन्न प्रतिबिम्ब दिखाई देते है उन्ही को शब्दों की परिमार्जित कला की विवेचना करना एक कवि और लेखक का दायित्व है वही कार्य मैं करता हूँ

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नाम उसी का योग है....

अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर मेरी एक स्वरचित कविता राष्ट्र को समर्पित मानव को मानवता सीखने, एक निष्ठा रूपी प्रयोग है। जिससे काया कल... Read more

पिता वही कहलाता है

फादर्स डे पर मेरी एक स्वरचित कविता प्रत्येक पिता को समर्पित है खुद ज़हर दर्द का पीकर, बच्चों को शहद पिलाता है। जो अपने लिए नहीं ... Read more

कल करो सुरक्षित

उग्र हो रहे सूर्य देवता, हवा भी अब चुभती है। भीषण गर्मी शोले बन, घाव सी अब दुखती है।।1।। यदि रहा ऐसा ही आलम, संकट प्राणों पर ... Read more

पॉलिथीन का नाम ज़हर है

पॉलीथिन के विरोध में मेरी एक स्वरचित कविता पॉलीथिन है घातक इतनी, इसका दूसरा नाम ज़हर है। कोई न इससे बच पाया है, इससे प्रभावित ... Read more

श्रद्घांजलि समर्पित

*कुछ दिन पहले ढाई साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या किए जाने से मन दुःखी है उस अबोध बच्ची के लिए श्रद्घांजलि स्वरूप मेरी कविता समर्... Read more

श्रद्घांजलि

_सूरत में एक शिक्षण संस्थान में अपने प्राणोत्सर्ग हुए युवा विद्यार्थियों को मेरी श्रद्घांजलि स्वरूप स्वरचित कविता समर्पित_ *... Read more

नर सेवा नारायण सेवा

समर्पण युवा संगठन के स्थापना दिवस पर मेरी ओर से एक स्वरचित कविता समर्पित है जनकल्याण की भावना रखकर, एक पवन संकल्प बनाया है। युव... Read more

मतदान करो

मतदान करो, मतदान करो सब जाकर के मतदान करो। लोकतंत्र का पर्व ये पावन, इसका तुम सम्मान करो। प्रगति राष्ट्र की इससे ही है, इसको ... Read more

हम भारत के बच्चे हैं

हम हैं सीधे साधरण से, नन्हे से हम बच्चे है। जननी हमारी भारत माता, हम भारत के बच्चे है।।1।। ज्ञान हमें धरती से आया, मान है पाय... Read more

देश मेरा अलबेला

देश मेरा अलबेला 16/06/2018 भारत भूमि पावन इतनी, पापों का सारे नाश करे। दुष्ट न कोई टिक पाए, ईश्वर धरती में वास करे।।1।। ... Read more

किसान आंदोलन

कृषक ही देता अन्न सभी को, खुद पर नही है उसे गुमान । अन्नदाता का मर्म न जाना, फिर क्यों कहते जय किसान।।1।। कड़ी धूप में खुद को त... Read more

कल न होगा

सुनो ध्यान से अवनि वालों, यदि धरा में जल न होगा। प्राण ह्रदय से उखड़ जाएंगे, तब तुम जानो कल न होगा।।1।। आधुनिकता में जीने वालों... Read more

नशा देश का दुश्मन

नशा देश का परम् शत्रु है, जो करता सब कुछ नाश। सम्हल जाओ समय अभी है वरना होगा फिर विनाश।।1।। काम करो इंसानो जैसे, है दुनिया को... Read more

ज्ञान का प्रकाश

इनकी वाणी में कोमलता , नित्य प्रति जहां वास है । सभ्य आचरण और नम्रता , इनका जहां निवास है।।1।। सत्य अहिंसा त्याग परखता, इनके ... Read more

दीपांजलि

दीप जले प्रसन्नता के मन में, दीपों से होवे उल्लास। दीपों से बनते ये सारे, तुलसी कबीर और वेदव्यास।।1।। एक दीपक जो दे उजियारा, ... Read more

प्रकृति का मूल्य

क्या कुछ किताबें पढ़ लीं ,तुम्हे ज्ञान हो गया, मुड़ कर न कभी देखा, अभिमान हो गया।।1। अपनों को पीछे छोड़ तुम, आगे निकल गए, ग़ैरों को... Read more

अमर शहीद

हम शहीदों की शहादत को मनाने आ गये, देश भक्ति है ख़ुदी में ये बताने जा गए।।1।। देश की खातिर मिटे माँ भारती की लाज को, है नमन मेरा... Read more

ऐसा अपना गुजरात है

सुगम सहज निर्मल और कोमल, हो नित्य प्रगति की बात है। धन्य धरा की पावन मिट्टी , ऐसा अपना गुजरात है।।1।। सुख शांति और समृद्धि की,... Read more

नशा मुक्ति गीत

तर्ज:- मिलो ना तुम तो हम घबराए मिलो तो आंख चुराएं हमें क्या हो गया है....... नशा न करना मेरे भाई, नशे में आग लगाई, संभल जाओ मेर... Read more

मेरा देश

ये वो रौशन सितारा है, जिसे चमकाना पड़ता है। मेरे इस देश में देखो, भाई भाई से लड़ता है। यहां सो जाते है बच्चे पेट की भूख के मारे, ... Read more

आज़ादी की लिए पताका

आज़ादी की लिए पताका, घर-घर अलख जगाये जा। वन्दे मातरम् वन्दे मातरम्, बस इसको ही गाए जा।।1।। देख ज़रा कुछ देश को अपने, तू मन ही म... Read more

आरक्षण

आरक्षण का विरोध किया, तो मिली हमे आलोचना। हमने पूछा क्या हो तुम, ये खुद ही करो विवेचना।।1।। सभी मनुष्य सामान्य है, न कोई बड़ा ... Read more

बंद करो आरक्षण

ध्यान लगाकर सुनो रे भाई, ये बात है बड़ी विलक्षण। इंसानो में भेद बड़ा एक, है जिसका नाम आरक्षण।। बंद करो आरक्षण भैया बन्द करो आरक्षण... Read more

शिक्षक एक सम्मान

शिक्षक दिवस मनाने का, अब मतलब हमने जाना है। है सम्मान सभी को देना, हमने जिनको गुरु माना है ।।1।। तभी हमें विद्या आएगी, हम आग... Read more

दोस्ती

कौन कहता है मेरे पास नहीं हैं पैसे, मेरी दौलत तो हैं ये दोस्त नगीने जैसे।।1।। मुझे हर बार मुसीबत से निकला करते, मैं गिर जाऊँ तो... Read more

एक सैनिक की ललकार

मातृभूमि के मस्तक ऊंचा, करने अब हम आये है। अपने प्राणों की भारत माँ, भेंट अनुपम लाये है।।1।। गर दुश्मन ललकारे हमको, तब खून हम... Read more

सरस्वती वंदना

सरस्वती वंदना माँ शारदे दया का , अब दान हमें दे दो। पा जाएं तुम्हें अब हम, वरदान हमें देदो।। कर दो कृपा माँ ऐसी बालक हैं जानक... Read more

कीमत जानो तुम

किसी की आंख में आये, हुए आंसू की कीमत क्या, कोई मेहनत करे इतनी की उन सांसो की कीमत क्या दो रोटी के लिए दिन रात मेहनत करे जो भी, ... Read more

गुरु की महिमा

गुरु की महिमा न्यारी, गुरु के हम आभारी। गुरु की पावन वाणी से, निकली है ज्ञान की धारा। पाकर ज्ञान को इनके अब, हुआ जीवन धन्य हम... Read more

बेटियां एक सहस

बेटी ही लती है घर में, खुशियों का अनुपम उपहार। बेटी से ही होता निर्मल, पावन सकल ये घर संसार।।1।। मातपिता की सेवा करना, उनके ... Read more

अखण्ड भारत स्वप्न

न तीर से कटा है, न तलवार से कटा है। अपना ये देश देखो, अपनों से ही बंटा है।।1।। कितनो ने इसको रौंदा, कितनो ने इसको लूट। ... Read more