Taposh Kumar Ghosh

Vrindaban

Joined April 2018

Am multi lingual. Love meet people. Live LIFE as a Mystery to live.

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पुत्र अंत्येष्टि में, शोककित

पुत्र अन्त्येष्टि में , शोकाकित !! वक़्त कटता नहीं , उसकी यादों में हर लम्हा , हर पल , याद आती है, मेरे बेटे की वक़्त का क्या ज़ि... Read more

ग़ुज़रें हैं हम , देखते देखते

गुज़रें हैं हम , देखते देखते हम भी गुज़र जायेंगे , देखते देखते | सालों साल गुज़र गये, देकते दखते बाकी भी ग़ुज़र जायगा , देखते देखत... Read more

ज़िंदगी में तोल मोल

ज़िंदगी में तोल मोल जब ज़िंदगी में तोल मोल आ जाये ज़िंदगी तब गोल मोल हो जाती है, बहती ज़िंदगी , बर्फ बन जाती है, और भाप बन उड़ जा... Read more

शिक़वाए ग़ुस्सा

शिक़वाए गुस्सा शिक़वा अपनों से होती है, परायों से नहीं गुस्सा ख़ून के रिश्तों से होती हे , गैरों से नहीं | उड़ादे गुस्से को हवा... Read more

रिश्ताए फुर्र , पैसा ही मौला

रिश्ताए फ़ुर्र, पैसा ही मोला क्या ग़म करें , जब अपने ही बेगाने हो गये पैसेके जोश में , अपना होश खो गये | सोचा न था, तारीख यहाँ त... Read more

हाले नाज़ुक ; रिश्ते नदारत

हाले नाज़ुक ; रिश्ते नदारत दिल धड़का , साँस फूली कमर लचका , दर्द से कहराया डाक्टर दिखाया, चाय पिलाई , खाना खिलाया डाक्टर बोल... Read more

कभी वक़्त था , वक़्त का ....

कभी वक़्त था, दौड़ते थे वक़्त के पीछे तब वक़्त था वक़्त का | अब वक़्त है , हमारा दौड़ती है हमारे पीछे | अब वक़्त आया अब हमारी मुठ्ठी म... Read more

अहं के भर्म में

अहं के भर्म में...... रात के अँधेरे में , जब दिन का प्रकाश हो तो रात को दिन नहीं माानना चाहिये ; और जिस ने मान लिया , उस का दि... Read more

बन्दे माँ तरम, बन्दे माँ तरम, यह भारत देश हमारा

बन्दे माँ तरम, बन्दे माँ तरम यह भारत देश हमारा , है हम सबको प्यारा | बन्दे माँ तरम, बन्दे माँ तरम.... उत्तर में है हिमालय , ... Read more

फूल खिलते नहीं बहार से पहले

फूल खिलते नहीं बहार से पहले , हमदम मिलते नहीं वक्त से पहले | बहार जब आती हैं, ख्शबू सात लती हैं , वक्ते इंतजार खत्म हो जाती हैं, ... Read more

सन्नाटा ही सन्नाटा

सन्नाटा ही सन्नाटा !!! सुबह होती है सन्नाटा लिए दोपहर होती है सन्नाटा लिए शाम होती है सन्नाटा लिए रात होती है सन्नाटा लिए ... Read more

ज़माना बदल गया

Hahaha..... ज़ामाना बदल गया | तुम कहते हो -----ज़माना बदल गया, वह कहता हैं -----ज़माना बदल गया, यह कहता हैं ----- ज़म... Read more

मेरे जवान जवाँ दोस्त रत्नादीप श्रीवास्त्व से नोंक झोक

मेरे जवान दोस्त की य़ादो के झरोखों में , मेरे बिते हुये दिनो कि य़ादें .....🌹🌹🌹🌹 पुरानी किताब के पन्नों के बीच गुलाब क्या दिखा... Read more

न तो मैं शायर हूँ ; न शायरी आती है

My shayri मैं ना तो शायर हूँ, ना शायरी आती है कभी कभी जोशे आगोश में, तुक बन्दी कर दिता हूँ तो वाह वाह हो जाती है और कभी दे... Read more

जीवन एक क्षण है....

जीवन एक छण है, सूर्य के उदय के तरह , सूर्य के अस्त के तरह | जीवन एक छण है ... जीवन एक छण है , पानी के बुलबुले की तरह ,मरुस्थ... Read more

मैं मैं हूँ, तुम तुम हो.....

कियूं करते हैं --- अभिमान ! कियूं करते हैं --- रोष ! क्या मिलता है ! अहं के मैं में ; व्यंग के कटुता में ? मैं, मैं हूँ , वह, वह... Read more