Dr. Swati Gupta

Bareilly

Joined June 2018

मेरा जन्म बरेली के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ।
विभिन्न विषयों में विशिष्ट योग्यता के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की।वाद विवाद प्रतियोगिता, भाषण कला तथा संगीत के क्षेत्र में कई पुरस्कार प्राप्त किये। बरेली के ही प्रतिष्ठित डिग्री कॉलेज में अंशकालिक प्रवक्ता पद पर कार्य किया।
विवाह के उपरांत अपने पारिवारिक दायित्वों के कुशलता पूर्वक निर्वहन हेतु नौकरी के क्षेत्र में विभिन्न सुअवसरों को ठुकरा कर घर पर ही रहते हुए आगे बढ़ने के लिए कार्यरत एवं समाज को सजग एवं प्रेरित करने के उद्देश्य से कविता लेखन के माध्यम से मुकाम हासिल करने हेतु सतत प्रयत्नशील हूँ।

प्रकाशित साँझा संकलन- *गुलिस्तां(साहित्य की फुलवारी),* *तेरे मेरे शब्द* , *शब्दों का कारवां,* *काव्य चेतना,* *साहित्य सरोवर।*

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ख़ुशी से लें गुजार।

दोहे- हर एक पल जिंदगी का, ख़ुशी से लें गुजार। छोड़ दें चिंता सारी, वक्त की यह पुकार।। जीवन की इस राह में, काँटे मिलें हजार। सत... Read more

नहीं बदलिये चाल

दोहे- सुख में अहम न कीजिए, नहीं बदलिए चाल। दुख भूले से आ गया, फिर होंगे बेहाल।। परपीड़ा समझे नहीं, काहे के इंसान। निर्बल का उपह... Read more

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

हिंदी भारतदेश की शान है, हमारी संस्कृति की पहचान है, वेद, पुराणों की गाथा है इसमें, सब भाषाओं की यह जान है। सौंदर्य रस घोलती काव... Read more

माँ मैं तेरी परछाईं हूँ।

बेटी.... माँ मैं तेरी परछाई हूँ, फिर इस घर से क्यों मैं पराई हूँ। अंश मैं तेरे शरीर की हूँ, तेरी ममता की छांव में बड़ी हुई हूँ, ... Read more

घरौंदा बनाया है।

तिनका तिनका जोड़ कर घरौंदा बनाया है। बहुत प्यार से हमने मिलकर इसे सजाया है। मुश्किल हालातों में भी धैर्य न खोया हमनें, संयम और स... Read more

नज्म- साँस भी चलती नहीं।

नज़्म- साँस भी चलती नहीं। लगती है चोट दिल पर तो मिटती नहीं, दर्दे दिल की दवा भी कहीं मिलती नहीं। घाव जिस्म के साफ नज़र आते हैं... Read more

नज्म-इन्तजार करती हूँ।

नज़्म-इंतजार करती हूँ। गलत को गलत कहने का दम रखती हूँ, पड़ जाऊँगी अकेले,यह सोचकर न डरती हूँ। क्यूँ बर्दाश्त करूँ बेवजह गलत को ह... Read more

दिल है मेरा

1- दिल है मेरा न समझो खिलौना नहीं तोड़ना 2- दिल के जख्म दर्द असहनीय ... Read more

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

आदरणीय शिक्षकगणों को हमारा नमस्कार, जिन्होंने हमारे जीवन को दिया सँवार। माता और पिता बने प्रथम गुरु हमारे, दी हमें अच्छी परवरि... Read more

जीओ जिंदगी को हसीन ख्वाब की तरह

जियो जिंदगी को हसीं ख्वाब की तरह, हर पल मधुर बने मीठे एहसास की तरह। कर्म ऐसे हो खुली किताब की तरह, अच्छी लगे रामायण और कुरान की त... Read more

कविता-अश्रु बहाना छोड़ दिया।।

मुश्किलों से अब हमनें घबराना छोड़ दिया, छोटी छोटी बातों पर अश्रु बहाना छोड़ दिया। उम्मीद का दामन पकड़ा है जब से हमनें, निराशा ने इस... Read more

कौन है अपना

कौन है अपना, कौन पराया, यह किसी को समझ न आया। बनकर अपना,जकड़ लिया मोहपाश में, फिर हौले से अपना असर दिखाया। लालच का कीड़ा पनप र... Read more

कवि की कविता

कवि की भावनाएं।। 1-जज्वात व्यक्त करने का आधार कविता, शब्दों को पिरोकर बनती हार कविता, रातों की नींद उड़ाकर शब्दों को चुना है... Read more

गणेश भजन

गणेश भजन🙏🙏 नमन करते हम बारम्बार, गणपति अतिथिरूप में आए, मोहनि सूरत देखके उनकी, भक्तों का मन हरषाए।। भोले शिव के नटखट लाला, क... Read more

गणेश चतुर्थी

Happy Ganesh Chaturthi.. एक बार माता पार्वती ने सोच समझ कर किया विचार, अपने शरीर के निकले मैल से पुतले का दिया आकार, प्राण डाले उ... Read more

मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान।

मेरे बच्चे बन गए हैं मेरी चट्टान, मेरे सपनों को दे रहे नई उड़ान। कभी मैं गिरती कभी बिखरती, निराशा के फिर भँवर में फंसती, थक हार... Read more

मेरे ख़ुदा तुम कभी भी न बदलना

नज्म-मेरे ख़ुदा तू कभी भी न बदलना। दिल की बात दिल में ही रखना, चाहें पड़े घुट घुट के मरना। बात आ गयी जुबां पर अगर, बिन वजह लोग... Read more

किनारा मिल ही जायेगा।

सत्यमेव जयते.... सत्य और असत्य में एक दिन छिड़ा भयंकर द्वन्द था, असत्य था बड़ा अभिमानी, बोला बड़े अभिमान से, जो मुझको अपनाता है, ... Read more

15 अगस्त

15 अगस्त आया है देखो, सब आजादी का जश्न मना रहे हैं। मेरा भारत महान, मेरा भारत महान, के नारें भारतबासी लगा रहे हैं, लाल किले पर झ... Read more

वन्दे मातरम

तिरंगा है भारत की शान, हम सब की है यह पहचान, बुरी नजर रखे जो इस पर, मिटा दें उसका नामोनिशान। पाकिस्तान ने समय समय पर दिखलाए ... Read more

कृष्ण भजन

कृष्ण भजन- कान्हा तेरी सूरत बड़ी प्यारी प्यारी, श्याम वर्ण पर मै जाऊँ बलिहारी। 1-बाललीला तेरी मन को लुभाये, नटखट अदाओं पर हुई म... Read more

शत शत प्रणाम है।

भारतीय वीरों को मेरा नमन..... "देश की आजादी की खातिर अपने प्राणों को दांव पर लगा दिया, स्वयं से पहले देश है, ये हम सबको दिखा दिया,... Read more

मेरी साँसे अब तुझसे हैं।

जीवन की डोर बंधी तुझसे, मेरी साँसे अब तुझसे हैं, तू ही मेरे मन में है बसा, मेरे दिल की धड़कन अब तुझसे है, कुछ तेरी सुनूँ,कुछ अपनी... Read more

नारी

नारी पर दोहे। 1-मूरत है मामृत्व की,स्नेह उसमें अपार। नारी से ही रचा गया ,यह सारा संसार।। 2-नारी दुर्गा रूप है, संयम अपरम्पार। ... Read more

आँसू

जानें कहते हैं लोग क्यों यह, जल की कमी है इस दुनियां में, सूखा चारों ओर छाया है, हमारी आँखों में बसा समुन्दर, उदासी का घना साया ... Read more

खिलेगा बीच काँटों के फिर से गुलाब।

शराफत का पहने हैं वो नकाब, सम्भल कर रहिये जरा तुम जनाब। ईर्ष्या द्वेष का जहर मन में छिपा, शक्कर बातों में घोले वो बेहिसाब। झ... Read more

जय श्री राम

जय श्री राम🙏🙏🙏🙏 चारों ओर हो रही जय जयकार, दशरथ नन्दन विराजें अपने द्वार। अयोध्या नगरी सजी दुल्हन सी, प्रभुरामजी के स्वागत को... Read more

मिले अपनो का खूब दुलार।

रक्षा बन्धन का त्यौहार, आता है बर्ष में एक बार, उमंग,हर्षोल्लास के संग, बहन जाती भाई के द्वार, रोचन करती बड़े प्यार से, बाँधे कल... Read more

मेरे साथ होने का देते आभास हैं।

मेरे दोस्त बहुत ही खास हैं, मुझको देते वो एक नई आस हैं। रोज न हो चाहें मुलाकातें उनसे, फिर भी रहते सदा मेरे पास हैं। कनेक्श... Read more

निराशा तुझको छोड़ चुकी हूं मैं।

निराशा तुझको छोड़ चुकी हूँ मैं, अब फिर से वापस न आना, आशाओं के जो फूल खिले हैं, अब तुम उनको न मुरझाना, विश्वास जगा है मन में फिर ... Read more

मकान और घर

बना हो जो ईंट और सीमेंट से, वो एक घर नहीं कहलाता है। खिलखिलाहट न हो,जहाँ हँसने की, तन्हाई का अहसास दिलाता है। दीवारें हो ... Read more

राह न तकना मेरे भइया

राह न तकना मेरे भइया, इस बार भी न आ पाऊँगी, राखी के इस पर्व को मैं, दिल से सदा निभाऊंगी।। बसेरा है मेरा दूर देश में, कैसे समझ... Read more

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की शुभकामनाएं।

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष- "वृक्षों की सुन लो करुण पुकार, करो न उन पर अत्याचार, न काटो स्वार्थवश उनको यूँ, चहुंओर मच ज... Read more

गजल- खुदा की अगर हमपे रहमत न होती।।

हमें जिंदगी की युं चाहत न होती, ख़ुदा की अगर हमपे रहमत न होती, मिले जख्म अपनों से हमकों बहुत हैं, हमें जख्म सीने की हिम्मत न होत... Read more

जीवन

जीवन सुख दुख का मेला है, इंद्रधनुषी रंगों का जैसे खेला है। कभी खुशियों की चादर ओढ़े, कभी गम का बहुत झमेला है। सबके साथ कभी मस्ती,... Read more

प्यार से महकाते होंगे।

अरमां जाग उठे हैं दिल में, साजन मेरे आते होंगें, अपनी मीठी मुस्कान लिये, घर में खुशियाँ लाते होंगे, जब से गए परदेस सजन, सूनापन ह... Read more

हरियाली तीज

चलो एक बार फिर से हम सावन में भीग आते हैं, रिमझिम रिमझिम बारिश में अपने मन को लुभाते हैं। छायी है काली बदरी और मौसम भी है आशियान... Read more

वरदान हो तुम।

प्यारे बच्चों!हमारी जान हो तुम, ईश्वर का दिया वरदान हो तुम। यूँ तो आसान नहीं था इतना, तुम जैसे प्यारे फूलों को पाना, हर एक घड़ी... Read more

नारी

नारी कोमल सी काया है, ममता की प्यारी छाया है, नर भी उपजें नारी से ही, नारी ने विश्व रचाया है। कन्या बनकर उसने हरपल, बाबुल का गु... Read more

सावन

सावन🌺🌺🌹🌹🍀🍀 मन हुआ है मेरा बावरा,दिल झूमझूम कर गाए, बारिश की रिमझिम से मेरा रोम रोम खिल जाए। छायी हरियाली चारों ओर,आया मौसम सा... Read more

मेरी बेटी

मेरी बिटिया है सबसे प्यारी, पापा की है राजकुमारी, दिनभर चहके घर में ऐसे, जैसे कूंकती कोयल न्यारी, जब गुस्सा हो जाती हमसें, हो ज... Read more

खुशी

ख़ुशी- बचपन की यादों का उपहार है खुशी मिलजुलकर रहने में प्यार है खुशी, डाँट पापा की,माँ का दुलार है खुशी, भाई बहन के संग में त्यौ... Read more

आया सावन

आया सावन, अजब सी बहार, लाया खुशियाँ, प्रेम की है बौछार, पनप रहा प्यार। 2-पेड़ पौधों की शोभा बड़ी निराली देते जीवन, लाते हैं ... Read more

कहाँ गया वो बचपन।

आधुनिकता का परिधान पहने है आज का बचपन, महँगे खिलौनों में सिमट गया है आज का बचपन, खुले आसमान के नीचे खेलने का रिवाज नहीं अब, इलेक्... Read more

कविताएं लिखती हूँ मैं।

कवियत्री हूँ,कविताएं लिखती हूँ मैं, मन के भावों को, पन्नों पे रचती हूँ मैं, सप्तरंगी सपनें, जो देखें मैंने, इंद्रधनुष के रंगों मे... Read more

ऐसा शंखनाद बजाना है।

भारत है हमको प्यारा,ये हमको दिखलाना है, विश्व के मस्तक पर,भारत का मुकुट सजाना है। देश की खातिर वीरों ने प्राणों का बलिदान दिया, ... Read more

गजल-रूहानी लिख रही हूँ।

ग़ज़ल-रूहानी लिख रही हूँ।। जिंदगी की दास्तां, सुहानी लिख रही हूँ, हसीं लम्हों की मैं, कहानी लिख रही हूँ। गुनगुनाते रहें उम्रभ... Read more

प्रीत लगाएं कहीं और पिया।

प्रीत लगाएं कहीं और पिया, नैन लड़ायें उससे साँवरिया। दिन भर उसके संग वो रहते, उसका सारा भार वो सहते, न देखें जब तक वो उसको, ... Read more

शिव महिमा

शिवमहिमा पर मुक्तक काव्य: 1-सावन के आते ही,सबके मन हर्षित हो जाते हैं, काले काले बदरा भी, उमड़ उमड़ बरसाते हैं, भक्तों के स... Read more

गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं

चिंतन किया जब प्रथम गुरु का, माँ का चेहरा मेरे सामने आया, बातों ही बातों में माँ ने हमको, शब्द ज्ञान से परिचय दिलाया, जन्म लिया ... Read more