Swati Garg

Joined April 2017

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तस्सली

किसी चाहत की गहराई कभी हम ले नहीं सकते। ये झूठी सी तसल्ली तक भी तुमको दे नहीं सकते। भले इस नाव की पतवार है मेरे ही हाथों मे। मग़र ... Read more