सुशील भारती

नित्थर, कुल्लू

Joined February 2017

कवि, शिक्षक

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शहीदे आज़म भगत सिंह

शहीदे आज़म - भगत सिंह आओ याद करें आज़ादी के दीवानों को, आओ याद करें उन जिंदादिल इंसानों को, मिट्टी की खातिर जो गुरूब हुए, आओ याद ... Read more

आओ होली मनाएँ

आओ होली मनाएँ होली के रंगों के साथ खेलकर, आज सारे गम भुलाएँ। हँसी खुशी इस मर्तबा, प्रेम- सदभावना का त्यौहार मनाएँ।। हरा ... Read more

थम सी जाती है जीने की ख्वाहिशें

थम सी जाती है जीने की ख्वाहिशें थम सी जाती है जीने की ख्वाहिशें, दुखों का पहाड़ जब टूटता है। नहीं होता बर्दाश्त चिराग तले अंधेरा... Read more

निवाला छीन जाए कोई मुँह से अगर

निवाला छीन जाए कोई मुँह से अगर निवाला छीन जाए कोई मुँह से अगर, जिस्म दूर हो जाए रूह से अगर, बिना छत और रोटी के रात जब कटती है, वही... Read more