surinder kaur

amritsar

Joined November 2018

सुरिंदर कौर
मेरा नाम सुरिंदर कौर है। मैं एक रिटायर अध्यापिका हूं। साहित्य से मेरा लगाव है। लिखना मेरा शौक है। मैं अमृतसर, पंजाब की रहने वाली हूं। मेरी कवितायें अमर उजाला और पंजाब केसरी की वेबसाइट पर और दैनिक वर्तमान अंकुर समाचार पत्र में प्रकाशित होती रहती हैं।
मैं पंजाबी भाषा में भी कविताये लिखती रहती हूं। मेरी कविताओ में “विरह” का रंग ही उभरता है। आशा करती हूं कि आपको ये पसंद आयेगा।

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उम्मीद तो नही

उम्मीद तो नही कि हम तुम्हे भुला पायेगे। बस एक खलिश सी दिल में सदा पायेगे। चली जायेगी रात जब सपने चुरा कर, फिर कैसे हम आँख तुमसे... Read more

बरसों साथ रह कर भी

बरसो साथ रह कर भी पहचान नही होती। लबों की हर मुस्कराहट मुस्कान नही होती। साँस ले रही हैं , बहुत सी लाशे यहाँ जिन्दा हो कर भ... Read more

मेरे बिन

मेरे बिन मेरे बिन तुम कैसे हो?कहो ज़रा। याद मेरी जब आती है, आँख में आँसू लाती है, क्या अब भी उन्हे छिपाते हो? क्या अब भी तुम ... Read more

ऐ जिन्दगी

ऐ जिन्दगी जख्मों को अब तू नुमाया न कर। लफ्ज़ों को ऐसे ही ज़ाया न कर।। सीधी सच्ची बात बोल मुँह पर बातों को गोल गोल घुमाया न कर... Read more

तेरा इशक

तेरा इशक चढा गया मुझ को सलीब पर। शक करते रहे लोग,मेरे हर रकीब पर। तुम गर किस्मत मे होते,तो मिल ही जाते, बात आकर अटकी बस,मेरे नस... Read more

माँ

कितना मुशकिल है माँ होना। एक अदृश्य बोझ को ढोना। रोज सुबह जल्दी वो उठती है उस घर के लिये मरती खपती... Read more