सुरेशसोनी”शलभ”, सिवनी.मालवा, जिला=होशंगाबाद, मध्यप्रदेश | श्रंगार ,देशभक्ति ,गीत गजल ,मुक्तक | स्वन्ताय सुखीय समाज सेवा | जीवन का उद्देश्य- समाज सेवा करना | जन्म- दिनांक २५-६ १९५९

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दोहे

जिस संस्कृति की भक्ति ने दिया विश्व को ग्यान उसी भक्ति की शक्ति से क्यों हैं हम अनजान भरत वंश की धरा पर संस्कृति हुई गरीब चलें छ... Read more

गीत

सृष्टि कण कण में बसा है गीत का संसार शब्द की स्वर लहरियों में गीत का श्रंगार ग्यान में विज्ञान में है,साधकों के ध्यान में है श्वा... Read more