नाम : सुरेन्द्रपाल वैद्य
पिता का नाम : श्री इन्द्रसिंह वैद्य
शिक्षा : कला स्नातक
पता : मकान न•- 45, हिमुडा आवास बस्ती भियुली, मण्डी, जिला मण्डी (हि•प्र•) – 175001
पत्र पत्रिकाओं के अतिरिक्त अन्तर्जाल पर गीत, नवगीत, गजल और कविताएँ प्रकाशित। विभिन्न सामयिक विषयों पर स्वतन्त्र लेखन, साहित्यिक गतिविधियों तथा कवि सम्मेलनों में भागीदारी।
ईमेल- surenderpalvaidya@gmail.com

Copy link to share

उठो शीघ्र हथियार अपने उठाओ

उठो शीघ्र हथियार अपने उठाओ * गीतिका * ~ उठो शीघ्र हथियार अपने उठाओ। सबक देश के दुश्मनों को सिखाओ। लहू खौलता जा रहा देश ... Read more

आहत है देश आज (घनाक्षरी)

आहत है देश आज (घनाक्षरी) ~~~~~~~~~~~~~~~~~ * एक * आहत है देश आज, खोए हैं धरा के लाल। मत बैठो मौन धार, शत्रु को मिटाइए। शा... Read more

स्नेह से (गीतिका)

* स्नेह से * ~ स्नेह से हर वक्त जब नजरें मिलाते तुम रहे। फिर बताओ आज क्यों नजरें चुराते तुम रहे। काश पहले जान जाते हम हक... Read more

मुस्कुराते तुम रहे

* मुस्कुराते तुम रहे * ~ कष्ट सहकर साथ मेरे मुस्कुराते तुम रहे। इसलिए हर वक्त मुझको खूब भाते तुम रहे। क्षण निराशा से भरे ज... Read more

कदम आगे बढ़ाओ तुम

कदम आगे बढ़ाओ तुम ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ चुनो पथ प्यार से मिलकर कदम आगे बढ़ाओ तुम। भुला दो बात बीती को नहीं मन से लगाओ तुम।१ ... Read more

प्यार उनसे क्या करें

* प्यार उनसे क्या करें * * साथ चल सकते नहीं जो प्यार उनसे क्या करें। डगमगाते हैं कदम व्यवहार उनसे क्या करें। ~ बात दिल की... Read more

निभाओ जिन्दगी भर

*गीतिका * ~ निभाओ जिन्दगी भर जो किया वादा। मुहब्बत की यही है एक मर्यादा। ~ न घबराना कभी मजबूर मत होना, कठिन ये वक्... Read more

भावनाएं स्नेह की

* गीतिका * ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ भावनाएं स्नेह की मन में जगाकर देखिए। जिन्दगी का गीत प्यारा गुनगुनाकर देखिए। * आ रहा मौसम सु... Read more

हिन्दी भाषा

* हिन्दी भाषा * ~ हिन्दी भाषा में खिले, जब शब्दों के फूल। हर्षित मन को सहज ही, भाव मिलें अनुकूल। मिट्टी से इस देश की, गुं... Read more

मुश्किलों में

~मुश्किलों में ~ * छोड़ना मत कर्म करना मुश्किलों में। राह मिल जाती स्वयं ही पर्वतों में। बढ़ रहे हैं पाँव अविरल सत्य पथ पर... Read more

अटल जी विदा हो गए

राष्ट्रभाषा हिन्दी के अनन्य उपासक, कवि राजनेता, राष्ट्रपुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को हार्दिक विनम्र श्रद्धांजलि... Read more

प्रेम पथ पर

* गीतिका * ~ प्रेम पथ पर जो कदम आगे बढ़ाए थे कभी। हो गए क्यों आज डगमग जोश खाए थे कभी। स्वप्न से भरपूर थे जो आज हैं सूने न... Read more

पुकारा नहीं

* पुकारा नहीं * किसी ने हमें जब पुकारा नहीं। मिलेगा कभी क्या सहारा नहीं। थका सा पथिक राह पर चल पड़ा, उसे बीच रुकना गवा... Read more

भूल जाना नहीं

गीतिका ~ * जो किए वायदे भूल जाना नहीं। याद रखना कभी अब सताना नहीं। दूर जाना नहीं पास जब आ गए, फासले और ज्यादा बढ़ान... Read more

उसे दो देखने दुनिया

गीतिका ~ * सभी को जिन्दगी की हर खुशी का हक दिलाना है। नहीं सैलाब अश्कों का किसी को भी बहाना है। न मारो कोख में बेटी उसे ... Read more

मत छिपाओ राज कोई

~गीतिका~ * मत छिपाओ राज कोई आज मन की बात कह दो। जिन्दगी का फलसफा है खोल कर जज्बात कह दो। हम समन्दर तक गए थे बुझ न पाई प्... Read more

पुकारे प्यार से कोई

मुक्तक-१ * पुकारे प्यार से कोई नहीं अवसर गँवा देना। कभी इनकार मत करना उधर ही पग बढ़ा देना। अधिक मत सोचना मुश्किल नहीं उलझन ... Read more

बहुत ही खूबसूरत है

* गीतिका * • बहुत ही खूबसूरत है सभी का मन लुभाता है। उजाला रात में जब चाँदनी का फैल जाता है। • नज़र के तीर मत छोड़ो कहीं द... Read more

इरादा भी जरूरी है (मुक्तक)

इरादा भी जरूरी है (मुक्तक) ********************* मुक्तक-१ सफलता के लिये मन में इरादा भी जरूरी है। अगर हो जीतनी बाजी पयादा भी... Read more

*उड़ान मन की*

*उड़ान मन की* (गीतिका) ~ ऊंची उड़ान मन की लेकर आगे बढ़ना। गिरना उठना सौ बार मगर आगे बढ़ना। नयनों में हो स्वप्न सुनहरे कल क... Read more

जरा नजदीक आओ तो

*गीतिका* ~ जरा नजदीक आओ तो। नजर हमसे मिलाओ तो। नहीं ये दूरियां अच्छी, सभी बाधा हटाओ तो। खजाना प्यार का है ये, ज... Read more

हिंदी का उत्थान

मुक्तक १. अपनी भाषा हिंदी का उत्थान करें हम। इसी हेतु जागृत अपना स्वाभिमान करें हम। दैनिक सब कार्यों में इसको ही अपनायें ... Read more

हिन्दी के हित मान चाहिए

गीतिका * हर भारतवासी के मन में हिन्दी के हित मान चाहिए। भारत माता की भाषा को सबसे ऊँचा स्थान चाहिए। . आजादी पाने की खातिर... Read more

* कुण्डलिया *

* कुण्डलिया * १. चारवाक का देखिए, मनमोहन अवतार। कहता है बस आज ही, आनंद मनाएँ यार। आनंद मनाएँ यार, छोड़िए कल की चिंता। सत्... Read more

बिखर रहे हैं रंग

बिखर रहे हैं रंग। (कुण्डलिया) १. देखो होली आ गई, बिखर रहे हैं रंग। मादक से हर नयन पर, जैसे चढ़ गई भँग। जैसे चढ़ गई भँग, सभी... Read more

साथ चलोगे (व्यंग्य)

साथ चलोगे * यार तुम्हें एक बात सुनाऊं सुन लोगे छोड़ के सारे झंझट मेरे साथ चलोगे क्या रखा है जीवन के इन संघर्षों में मि... Read more

बसंती भोर

बसंती भोर ************************ खिल रहे हैं फूल चारों ओर फिर से, आ गई महकी बसंती भोर फिर से। कोंपलें जब फूटती हैं टहन... Read more

बेटियों को प्यार दो

बेटियों को प्यार दो (गीतिका) **************** * बेटियों को प्यार दो, जिन्दगी संवार दो। * पुष्प बन ये खिल उठे, इस तरह श्रृ... Read more

महक सा गया

महक सा गया * वक्त गुजरा सिखाकर सबक सा गया एक पत्ता हवा से सरक सा गया * ओस की बूँद सुन्दर लगी फूल पर अश्क जैसे खुशी का छलक स... Read more

काफिले बढ़ते रहेंगे

काफिले बढ़ते रहेंगे * आँधियों में काफिले बढ़ते रहेंगे मंजिलों तक क्रम यही चलते रहेंगे * राह कोई भी कठिन होती नहीं है शूल ... Read more

स्वीकार करो तुम

गीतिका * प्यार करो इजहार करो तुम सच्चाई स्वीकार करो तुम * जीवन पथ पर बढ़ते जाओ हर बाधा को पार करो तुम * सपने जो... Read more

उनका

गीतिका * है गजब प्यार का हुनर उनका अक्स दिल में गया उतर उनका * फूल ही फूल खिल उठेंगे अब साथ हमको मिले अगर उनका * जिन्दगी... Read more

स्वप्न हम पूरा करें

० शुद्ध मन अपना रखें सब देश की सेवा करें आज भारत मात का हर स्वप्न हम पूरा करें ० छोड़ दें बातें सभी जिन में भरा हो स्वार्थ ही ... Read more

कसमसाना हो गया

कसमसाना हो गया * ठोकर लगी जब राह में तो कसमसाना हो गया फिर अनुभवों से सीखकर राही सयाना हो गया * जिसके लिए आनंद था सब कुछ ... Read more

हम दर्शन करें

हम दर्शन करें ० शुद्ध मन से माँ के हम दर्शन करें, भावनाओं में बहें चिंतन करें। ० शक्तिशाली माँ सभी यह जानते, सत्य यह स्... Read more

हो रहा है

गीतिका * छलावा भी उसे ही हो रहा है भरोसे भाग्य के जो सो रहा है * बहुत उम्मीद थी जिससे लगाई क्यों जाता दूर मुझसे वो रहा है ... Read more