सुरेखा अग्रवाल

यूपी लखनऊ

Joined November 2018

मैं स्वरा मुझे शब्दों से दोस्ती हैं।जब मैं उदास होती हूँ तो हर्फो को पिरोती हूँ और उदासी गायब खुश होती हूँ तो भी उनके साथ हँसती हूँ ।मुझे पन्नों पर हर अभिव्यक्ति उकेरना अच्छा लगता।जानती हूँ शब्दों और किताबो से बढ़कर कोई बेहतरीन साथी नही हो सकता तो सिर्फ पढ़े और अच्छा पढ़े ।एक अच्छे पाठक भी होना चाहिए क्योंकि जब हम पढ़ेंगे नही तो लिखेंगे कैसे!!

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माँ

प्रथम प्रस्तुति .. आयोजन विधा...छंदमुक्त विषय ..माँ क्या लिखूँ तुम्हे शब्दों मे कहाँ समाहित होगा तुम्हारा अस्तित्व लफ्ज़... Read more