sunil soni

Joined February 2017

जिला नरसिहपुर मध्यप्रदेश के चीचली कस्बे के निवासी
नजदीकी ग्राम chhenaakachhaar में शासकीय स्कूल में aadyapak के पद पर कार्यरत ।
मोबाइल ~9981272637

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अटल ज्योति बुझ न पाये

अटल रहे निज सिद्धन्तों पर , अटल रहेगा, उनका वैभव । मातृभूमि का अमर पुत्र वह याद रहेगा युगों युगों तक ।। कर सका जितना समर्पण ... Read more

गुरु महिमा

मिला ज्ञान गुरुओं की वाणी से हमको वही वाणी तो आज अमृत बनेगी । उसी के सहारे जो तोड़ोगे पर्वत, तो पर्वत से भी आज गंगा बहेगी ।। बि... Read more

तो समझो राम जन्मे हैं,,,,,,

कोई मासूम सी सूरत जो हो जब,भूख से व्याकुल , उसे मिल जाये गर रोटी , तो समझो राम जन्मे है।। हों जो लाचार तन से ,बोझ खुद का ना उठा ... Read more

वन्दे मातरम् का गीत सुबह और शाम जो गाये

कश्मीर में सेनिको से दुर्व्यहार करने वाले गद्दारों को सबक सिखाने के लिये है ये कविता ___-______________________________ खाते ह... Read more

दामिनी का दम जो निकला

जितना दम उतना लड़े फिर हार मानी चल पड़े । दामिनी का दम जो निकला लोग सारे रो पड़े ।। फूल अब कोई कहाँ महफ़ूज है इस बाग में । ह... Read more

हे !राम सच्चिदानंद

हे सीतानाथ कौशल्यानंद दशरथ के प्राण करुणा निधान । लक्ष्मण के तात शत्रुघ्न साथ करो दया दयामय दीनबन्धु ।। कण कण में व्याप्त हे स... Read more

क्यों आरजू है चाँद से

दुनियां में ऎसे लोग बहुत मिल ही जायेंगे । सीखा था जिनने हमसे वो हमको सिखाएंगे ।। क्यों आरजू है चाँद से अब आरजू न कर । जुगनू बने... Read more

बीते हुये युगों से कुछ यादें साथ ले लें ।

बीते हुए युगों से कुछ यादें साथ ले लें । बन जाये एक तराना वो साज़ साथ ले लें ।। इतिहास कह रहा है बीते युगों की गाथा । कुछ सीख उ... Read more

माँ आदिशक्ति

आदिशक्ति जगजननी ज्वाला रूपी जगदम्बे । कष्ट मिटा दो तिमिर हटा दो राह दिखाओ हे अम्बे ।। एक बने हम नेक बने हम शरण तुम्हारी हे अम... Read more

तेरा नाम छा जाये

जुबां पे तेरा ही बस तेरा नाम छा जाये । हसरत-ए-जिंदगी अब तो तमाम हो जाये ।। मै चाहता हूँ तुझे सारा जमाना चाहे । हूँ सिर्फ तेरा म... Read more

तराना

भूल सकते है नही कोई तराना आपका । दर्दे गम की दास्तां है हर तराना आपका ।। तन्हा तन्हा कट नही सकता सफर जज्बात का । हम को शायद... Read more

चले पिचकारी प्रेम रंग की

चले पिचकारी प्रेमरंग की समता रूपी उड़े गुलाल । बैर भाव तज होली खेलें तज दें मन के सभी मलाल ।। मन एक बर्तन वाणी पानी प्रेम से ... Read more

तबाही का मंजर

हैराँ है धरती परेशां है अम्बर बतला रहा है तबाही का मंजर । पापों की गर्मी से कांपे ये धरती विष की घटा से ढँका है ये अम्बर ।। कि... Read more

आदमी तो आदमी है सिर्फ आदमी

हर वक्त हर रोज परेशां है आदमी कहीँ उनसे कही खुद से परेशां है आदमी।। नियति का सर्वश्रेष्ट है उपहार आदमी पर औरो से कही ज्यादा परे... Read more

चाँद अब रोशनी नहीं देता

चाँद अब रौशनी नहीं देता अब तो एक आग सी निकलती है । देख लो आके उनके आँगन में बर्फ अब सर्दियों में गलती है ।। किसको जाना कहाँ ?कहा... Read more