सुखविंद्र सिंह मनसीरत

कैथल हरियाणा

Joined August 2019

सुखविंद्र सिंह मनसीरत
कार्यरत ःःअंग्रेजी प्रवक्ता, हरियाणा शिक्षा विभाग
शैक्षिक योग्यता ःःःःM.A.English,B.Ed
व्यवसाय ःःअध्ययन अध्यापन अध्यापक
शौक ःःकविता लिखना,पढना
भाषा ःःहिंदी अंग्रेजी पंजाबी
हिन्दी साहित्यपीडिया साईट पर प्रथम रहना

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नर्म लाल लहू से अधर

भानु सी अंगीठी में तप रहे हैं अंगार सी गर्म सांसें उगल रहें हैं उसके नर्म लाल लहू से अधर व्याकुल हैं मिलने को मेरे अधर जो हैं ... Read more

अब तो जाग उठो इंसान

अब तो जाग उठो इंसान क्यों बन बैठे हो शैतान कहाँ फुर हुई इंसानियत तुम में घर है हैवानियत तुम्हारे अंदर हैं छिपे चोर मोह,लोभ... Read more

सतगुरु नानक जग ते आया

सतगुरु नानक जग ते आया सतगुरु जी बेड़ा पार लगाया बेड़ा पार लगाया सतगुरु जी सतगुरु जी बेड़ा पार लगाया दीन दुखिया लोकां दा वाली क... Read more

क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा

दिती देश उतो वार ,अनमोल जिंद जान आजादी लई कर दिती जिन्दगानी कुर्बान माता साहिब कौर दा सी अखियाँ दा तारा पिता मंगल सिंह दा सी इ... Read more

दिल जीते तन हार गए

देखके मुझे वो झट से बोली तुम्हारी यहाँ की नहीं बोली बोलो कहाँ से तुम आए हो किसके यहाँ ,क्यों आए हो क्यों देख रहे हो यूँ ऐसे तुम ... Read more

माता सुन्दरी दे लाल

दिते कौम उते सी वार, माता सुन्दरी ने लाल निकी जिन्द वडे साके किता लालां ने कमाल सरसा नदी किनारे,जुदा गुरू गोविंद दे दुलारे दो... Read more

चाचा नेहरू

बच्चों के नेहरु प्यारे चाचा लाड़ लड़ाते दुलारे चाचा बाल भाव में बह जाते थे बच्चों में बच्चे बन जाते थे जहाँ पर कहीं वो जाते... Read more

चिड़िया रानी

चिड़िया रानी चिड़िया रानी लगती हो तुम बहुत सियानी रंग बिरंगे जो हैं पँख तुम्हारे दिल को भाते हैं खूब हमारे हर रोज सुबह तुम आत... Read more

आँसुओं की जो बदली बनी

आँसुओं की जो बदली बनी कुछ पल में ही बरसेगी घनी रोक रखें हैं दिल के जज्बात अब नैनों से बरसने की ठनी कब तक सहेंगे जुल्मोसितम ... Read more

धन धन बाबा गुरूनानक देव जी

भैण नानकी दा वीर लाडला सारे जग दा है हरमन प्यारा सिक्ख पंथ दा स्तंभ बनया सिक्खी जग सरताज बनाया माता तृप्ता दी सी कुखों जमया... Read more

बसा तुम्ही में.हमारा जहान है

जब से दिल हुआ ये जवान है बसा तुम्हीं में हमारा जहान है दिल बगिया जो थी सूनी सूनी अरमानों भरा अब गुलिस्तां है खालीपन महसूस जो... Read more

हारा अपने आप से

हारा वह अपने आप से करता जीत का आडंबर रिश्ते नाते तोड़कर सब करता सभी का निरादर अहम अंहकार सब व्यर्थ सभी बुराइयों का है मूल दिल... Read more

चंद्रमा से सीख

सितारों भरी घनी श्यामल एकांत रात को ऊंचे गगन में सुंदर,शालीन, शांति दूत सा मखमली चाँदी सी चाँदनी बखेरती प्रकृति की दुर्लभ अनमोल ... Read more

अंग्रेजी व्याकरण

A B C D E F G H There are Letters Letters are combined Give meaning,sense Knowns as a Word Words use in sequence With meaningf... Read more

मैं और मेरा दिल

मैं और मेरा दिल हम हैं बहुत नाजुक संभल,कदम रखते हैं कहीं कभी ना जाएं तिड़क नाजुक शीशे समान गिर कर बीखर जाएंगे टुकड़ों में नहीं... Read more

दिल के हो पार चली

प्रेम जब बयार चली दिल के हो पार चली देखता ही रह गया मैं सीना कर चीर चली नजर से नजर मिली नजर ना टिक सकी नेस्तनाबूद ... Read more

मेरे देश का विकास देखो.घोड़ी है चढ रहा

मेरे देश का विकास देखो घोड़ी है चढ रहा आरक्षी सुरक्षा,अधिवक्ता है न्याय मांग रहा हाल बेहाल क्या होगा देश का बद बदत्तर अन्नदाता ... Read more

सुलगे कहीं धुँआ तो जलती है आग

सुलगे कहीं धुँआ तो जलती हैं आग समुद्र के खारे पानी मे बनती है झाग कौन सुरक्षित है आज नवयुग दौर में अपने ही डंक मारते बन विशैले... Read more

रिमझिम रिमझिम है बारिश

रिमझिम रिमझिम है बारिश टपक रहा बादलों से है पानी तन बदन में रहे अग्न लगाए पास नहीं दूर है दिलबर जानी छोटी छोटी ठंडी गिरती बूंद... Read more

छाया यहाँ तम का कहर

छाया यहाँ तम का कहर उजियारे है की आस नहीं आज बहुत गमगीन हूँ खुशी का आभास नहीं बहे आँखों से अश्रुधारा मुस्कराहट का वास नह... Read more

बढ रही है दूरियाँ

नजदीकियाँँ बन गई दूरियाँँ बढ रहीं हैं यहाँ वहाँ दूरियाँ चेहरे दिखते नहीं रंगीन हैं भाव रत नहीं भावहीन हैं नित बढ रहीं हैं परे... Read more

चल अकेला चल अकेला

चल अकेला तू चल अकेला जीवन पथ पर तू बढ अकेला नहीं कोई तुम्हारे संग साथ है ईश का तुम्हारे सिर पर हाथ है आएंगी असंख्य बाधाएं पथ पर ... Read more

प्रदूषण और.स्मोग

प्रदूषण और स्मोग का छाया कहर प्रदूषित है आज देश का गाँव शहर लोगों ने दीवाली पर चलाए पटाखे प्रदूषित पर्यावरण प्रदूषक थे पटाखे ... Read more

मधुरिम पल.बीत गए

पंछी सभी हैं छूट गए नीड़ सभी हैं टूट गए कलरव था जो सुर में मधुरिम पल बीत गए घर अब मकान हो गए रिश्ते सब फ़ना हो गए मिलते थे जो... Read more

हँसता तू क्यों है बंदे

हँसता तू क्यों है बन्दे करके तू कारज मन्दे पछताना पड़ेगा बन्दे होगा तू अकेला बन्दे करता क्यों मेरा मेरा यहाँ कुछ नहीं है तेरा... Read more

कलयुगी प्यार

देखो कलयुगी प्रेम प्यार बन गया है प्रेम व्यापार प्रतीति तनिक रही नहीं जग में प्रीत हुई लाचार धोखा तो पग पग पर है कपटी छाया जग... Read more

बहकते कदम

अंगुलियां थम गई जब देखी एक प्रोफाइल हो गई धुँधली याद फिर ताजा देख उसका सालों बाद छायाचित्र में सुंदर मनोरम हसीन मुखड़ा जो था काय... Read more

हरियाणा

हरियाणे की सरजमीं तुझको सलाम है विश्व पटल परिदृश्य में चमकता नाम है पंजाब जन्म भूमि जननी से जन्मा था 1 नवंबर 1966 को पूर्ण र... Read more

हरियाणा

हरियाणे की सरजमीं तुझको सलाम है विश्व पटल परिदृश्य में चमकता नाम है पंजाब जन्म भूमि जननी से जन्मा था 1 नवंबर 1966 को पूर्ण र... Read more

दर्पण सब जानता है

यह जो दर्पण है ये सब जानता है असली नकली को पहचानता है हद बेहद जो निखरता संवरता है दर्पण पूर्णता असलियत जानता है अपनों के च... Read more

हिंदी व्याकरण

वर्णों से ही बनते हैं शब्द शब्द बिन जग हैं निशब्द शब्दों से बनते है वाक्य वाद संवाद कराते वाक्य व्यक्ति, वस्तु और स्थान ... Read more

काल

Tenseजनक के होते हैं तीन बेटे समय भाग का बोध कराते हैं बेटे Past,Present,Future वो बेटे काल को तीन भागों में बाँटते बेटे समय... Read more

विधायिका

ढांडा गौत्र में ब्याही मलिक की सुपुत्री पूर्व मन्त्री श्री नर सिंह ढांडा की पत्नी खेड़ी सिम्बल की बहू बन डोली चढी विज्ञान संका... Read more

भैया दूज

बहन भाई रिश्ते में होता प्रेम प्यार भैया दूज त्यौहार पर दिखे आपार भाई बिन बहना बहना बिन भाई एक दूसरे बिन रहती सूनी कलाई संग ... Read more

बीत गई दीवाली

बीत गई दीपावली देकर एक पैगाम खर्च,प्रदूषण बढाकर करते हो बदनाम दीवाली का नाम लेकर करते हो काम नहीं हैं सामाजिक बदनाम हो सरेआ... Read more

विश्वकर्मा देवता

जय जय जय विश्वकर्मा देव निर्माणकारी सृजनहारी देव महासृष्टि का महा वास्तुकार जय विश्व रचनाकार महादेव सूई हो या हो कोई कलपूर्ज... Read more

जो चला गया विदेश

जो चला गया विदेश छोड़ कर अपना देश धार कर वहाँ का भेष भूला बैठा निज स्वदेश विदेशी भाषा को बोले देसी लफ्जों को हैं भूले बो... Read more

अब की बार दीवाली में

अब की बार आई दीवाली में तुम मिट्टी के दिये जला जाना विदेशी वस्तु का तज कर के तुम देसी वस्तुए... Read more

हर दिन दीवाली

साथ हो गर उसी का हर दिन दीवाली बिन प्रियतमा हमारी सूखी है दीवाली संग संग चले अगर दीप जीवन जलता संग छूट जाए तो है दीप जीवन बुझता... Read more

मंगलमय हो दीवाली

मंगलमय हो जन गण को दीवाली जगमग जगमग दीपशिखा दीवाली कार्तिक मास रात है अमावस वाली जलते दीयों से उजाला करे दीवाली लक्ष्मी धन ... Read more

दीपावली पर्व

दीप शिखाओं का उत्सव हैं प्रकाशपुंज का दीपोत्सव है जन खुशियों का यह प्रतीक दीवाली का पावन है त्योहार कार्तिक मास अमावस्या में ... Read more

मौन थी वो

कौन थी वो सब कुछ जान कर भी मौन थी वो प्यार जताना भी नहीं चाहती थीं वो चाह कर भी प्रेम छिपाना नहीं जानती थी वो कसूर कातिल मयक... Read more

मौन थी वो

कौन थी वो सब कुछ जान कर भी मौन थी वो प्यार जताना भी नहीं चाहती थीं वो चाह कर भी प्रेम छिपाना नहीं जानती थी वो कसूर कातिल मयक... Read more

चुनावी बुखार

मलेरिया बुखार और चुनावी खुमार दोनों का चढे समान तीव्र ताप ज्वर पर ढले है ज्वरताप मंद मंद मद्धिम अस्त होता हो भानु मंद मंद मद्ध... Read more

चुनावी नतीजे

आ गया रे भाई आ गया रे नतीजा चुनावी आ गया रे सियासी दंगल जीत गया रे कोई सियासी खेल हारा रे कोई जीता भारी बहुमत से कोई हार गय... Read more

दोस्त दोस्ती दोस्ताना

सुन लो यार हो गई शाम प्रतीक्षा में हैं मय के जाम पूरे हो गए होंगें सब काम मिलते हैं कहीं बीच मुकाम मिल कर पूरे करें अरमान सा... Read more

डल गए चुनावी वोट

डल गए हैं चुनावी वोट किसको मिली है सपोर्ट डंके की लगी है जो चोट किसमें कितना है खोट किसकी किस्मत बुलंद ईवीएम में हो गई है ब... Read more

तेरी मेरी मेरी तेरी यादें

लो फिर आ गई तेरी दर्द भरी याद जब हाथ लग गई वो प्रेमभरी चिट्ठियां जो समेटे हुए थी तेरा मेरा वाद विवाद ओर मधुर संवाद इजहार इनका... Read more

ईश की माया अजब

ईश की माया है अजब बड़ी लीला अपरंपार है परिवेश बहुत खुशनुमा कहीं हालात गमसीन है लगी है सावन की झडी़ तो कहीं सूखा अपार है म... Read more

तुम बिन कैसे जिऊँ

तुम बिन कैसे जिऊँ ना कुछ खाऊँ पिऊँ दूर रह सकता नहीं पास कैसे तेरे आऊँ जब से है देखा तुझे दिल चैन नहीं पाऊँ आसपास ही रहू... Read more