काव्य-संग्रह ‘कुछ के कण’ के लिए ‘मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार’, उपन्यास ‘प्रार्थनाओं के कुछ क्षणगुच्छ’ के लिए ‘प्रेमचंद पुरस्कार’ तथा कविता ‘तुम आई हो!’ के लिए ‘रचनाकार सम्मान-2017’ से समादृत। खंड-काव्य ‘आखिर क्या है सत्य?’ डायमंड बुक्स नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित।

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सुजश कुमार शर्मा की कविताएँ

1. होने की अभिव्यक्ति विशिष्ट शादी! होने की अभिव्यक्ति विशिष्ट। सौंदर्य की उपासना मे लीन दो जोड़ी सर्वांगसम हथेलियाँ, दो जो... Read more