Sudhir srivastava

Gonda(U.P.)271002

Joined July 2020

संक्षिप्त परिचय
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नाम-सुधीर कुमार श्रीवास्तव
(सुधीर श्रीवास्तव)
जन्मतिथि-01.07.1969
शिक्षा-स्नातक,आई.टी.आई.,पत्रकारिता प्रशिक्षण(पत्राचार)
पिता -स्व.श्री ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव
माता-स्व.विमला देवी
धर्मपत्नी,-अंजू श्रीवास्तवा
पुत्री-संस्कृति, गरिमा
संप्रति-निजी कार्य
स्थान-गोण्डा(उ.प्र.)
साहित्यिक गतिविधियाँ-विभिन्न विधाओं की रचनाएं कहानियां,लघुकथाएं कविताएं लेख,परिचर्चा,पुस्तक समीक्षा आदि का 100 से अधिक स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर की पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित।
दो दर्जन से अधिक संकलनों में रचनाओं का प्रकाशन।
ई-बुक काव्य संकलनों व पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन जारी।
सम्मान- एक दर्जन से अधिक सम्मान पत्र।
मो. &वाट्सएप-8115285921
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Email-sudhirsri921@gmail.com
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पैतृक निवास-ग्राम-बरसैनियां,पो.-दिनकरपुर,मनकापुर, जिला-गोण्डा(उ.प्र.)271302
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वर्तमान निवास-मो.-शिवनगर, पोस्ट-इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, जिला-गोण्डा, उ.प्र.,271002
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नोट-कुछ व्यक्तिगत कारणों से 17-18वषों से समस्त साहित्यिक गतिविधियों पर विराम रहा।कोरोना काल ने 25 मई को पक्षाघात का शिकार होने और इलाज के बाद जब अस्पताल से घर आया तब फिर साहित्य प्रेम कुलबुलाने लगा।हालांकि पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुआ ,परंतु पुनः सृजनपथ पर आगे बढ़ने के लिए विवश हो गया ।यूँ कहें कि मेरी सुसुप्तावस्था में पड़ी गतिविधियों को पल्लवित होने का मार्ग प्रशस्त पुनः दर्शित होने लगा और मेरी दूसरी साहित्यिक पारी धीरे धीरे आगे बढ़ चली।शायद यही ईश्वरीय इच्छा है।

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नैतिक शिक्षा का महत्व

आज के दौर में नैतिक शिक्षा अहम आवश्यकता है।हमारे समय में स्कूलों में नैतिक शिक्षा अनिवार्य विषय के रुप में पढ़ाया जाता था। ये नैतिक ... Read more

विधि का विधान

सत्यकथा विधि का विधान ************* अब इसे विधि का विधान कहें या कुछ और ,परंतु मैं तो इसे विधि का विधान ही मानता हू्ँ। 25 म... Read more

सम्मान के लिए

सम्मान के लिए ************* बेटियों अब समय आ गया है अपने को जानो अपनी ताकत को पहचानो। अपने को कोमल,कमजोर ,अबला कब तक मानोगी? ... Read more

लंकादहन

लंका दहन ********** सच ये नहीं कि सीता जी से मिलने के बाद हनुमान जी भूखे थे, दरअसल वे रावण से मिलने के लिये सूख रहे थे। अशोक... Read more

माँ सिद्धिदात्री

माँ सिद्धिदात्री ************ नवम रुप माँ जगदम्बे का माँ सिद्धिदात्री कहलाती है, शंख, चक्र,गदा, कमल मैय्या धारण करती है। कमल आ... Read more

आज का रावण

आज का रावण ************* कौन कहता है? रावण हर साल मरता है, सच मानिए रावण हर साल मरकर भी अमर हो रहा है। देखिए न आपके चारों ओर... Read more

राम सुग्रीव बाली

राम सुग्रीव बाली ************* भटक रहे थे जंगल में जब राम सीता की खोज में, तभी मिले थे हनुमानजी राम लक्ष्मण को जंगल में। चौकन्... Read more

रक्तबीज

******** आज मेरी पत्नी बहुत परेशान थी।इन दिनों अखबारों में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं की खबरों नें उसे डरा दिया है,तभी तो वह बेटी... Read more

माँ महागौरी

माँ महागौरी *********** माँ जगदम्बे का अष्टम रूप माँ महागौरी कहलाये, श्वेत वस्त्र आभूषण से अलंकृत माँ श्वेतांबरा भी कहाये। चार... Read more

रावण

रावण ***** वीर पराक्रमी शूरवीर महाज्ञानी, महा पंडित, अहंकारी शिवभक्त रावण मतिभ्रम का शिकार हुआ, सीताजी का हरण किया रामजी के ह... Read more

जिंदगी से दोस्ती

जिंदगी से दोस्ती --------------------- जिंदगी को जानने समझने की जरूरत है, जिंदगी को प्यार कीजिए, जिंदगी से दोस्ती कर लीजिए। स... Read more

ढलती शाम

शाम ढलने लगी परिंदे भी घोसलों में वापस लौटने लगे। मूक होकर भी शाम का अहसास करने लगे। बेटियां घर नहीं पहुंची हम बहुत डरने लग... Read more

माँ कालरात्रि

माँ कालरात्रि *********** सप्तम रूप माँ जगदम्बे का माँ कालरात्रि कहलाये, शुभकारी फल देती मैय्या शुभंकारी भी कहलाये। रुप भयानक,... Read more

प्रतिष्ठा

प्रतिष्ठा ****** जिस तरह इन दिनों महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार बढ़ रहा है, हम मस्तक शर्म से झुक रहा है। हम सबको सोचने की जरूरत ह... Read more

मेरी चाहत

मेरी चाहत ********* क्या कहूँ? शब्द जैसे खो गये हैं लगता है ऐसे जैसेतुम्हारे प्यार की बंदिशों में सो गये हैं। तुम्हारी तारीफो... Read more

रावण मारीच संवाद

रावण मारीच संवाद ***************** सूर्पनखा की दशा देख रावण बहुत अकुलाया, आनन फानन में उसने मामा मारीच को बुलवाया। फिर मारीच क... Read more

माँ कात्यायनी

माँ कात्यायनी ************ महर्षि कात्यायन की कन्या माँ कात्यायनी कहलाती, माँ के षष्टम स्वरूप में जग में पूजी जाती। स्वर्ण सदृ... Read more

चक्रव्यूह

चक्रव्यूह ******** आज की राजनीति भी बड़ी निराली है, सियासत के खेल में बड़े बड़े सूरमा भोपाली हैं। आम आदमी के वश के बाहर है राजनी... Read more

रेलगाड़ी

रेलगाड़ी ******* छुक छुक करती आती रेल हम सब को ले जाती रेल हो गरीब या हो अमीर शरणदात्री सबके रेल। चाहे पास या हो दूर सबको ही ल... Read more

घर की शोभा:गृहलक्ष्मी

घर की शोभा:गृहलक्ष्मी ******************** गृहलक्ष्मी!कहने सुनने में कितना अच्छा लगता है,परंतु सच्चाई इससे कोसों दूर है।आप सहमत... Read more

गृहलक्ष्मी

गृहलक्ष्मी 1 ---------------- नारी सिर्फ माँ,बहन पत्नी या बेटी भर नहीं एक चलता फिरता संस्थान है, भगवान के बाद प्रबंधन में नार... Read more

शबरी

शबरी ****** मतंग मुनि की शिष्या शबरी कुटिया बना कर हर रोज प्रभु आगमन की आस में राह के काँटे चुनती फूल बिछाती और प्रभु की राह... Read more

गृहलक्ष्मी

माता पिता परिवार छोड़ आई है, मेरी पत्नी गृहलक्ष्मी सी मेरा सौभाग्य लाई है। सबसे पहले जगती सबके बाद में सोती है इक पल चैन न पाती... Read more

भरत मिलाप

लौटकर ननिहाल से भरत अयोध्या आये, नगरवासियों की नजरों में शंका के बादल देख किसी अनहोनी से बहुत घबड़ाये। राज महल में पहुंच कर जाना... Read more

आ ही जा

हे जगत जननी माँ हे अम्बे हे जगदम्बे जय जग जननी माँ अब तो आ ही जा, धरती पर देख कितना अनाचार, अत्याचार दुराचार, भ्रष्टाचार बढ़ता... Read more

क्षणिका

क्षणिका ******* (1) कब अबला बनी रहोगी अपनी शक्ति को पहचानो, दुश्मन खुद ब खुद बेबस हो जायेगा। (2) शक्ति का दुरूपय... Read more

सत्य की जीत

सत्य की जीत *********** यह विडंबना है जीवन की कि सत्य सदा परेशान होता है ठोकरें खाता है, संघर्ष करता,टूटता,बिखरता फिर संभलकर ... Read more

माँ कुष्मांडा

माँ कुष्मांडा ********* जगत जननी जगदम्बा का चतुर्थ रूप गर्भ स्वरूप माँ कुष्मांडा कहलाती हैं, सृष्टि उत्पत्तिकर्ता ब्रह्मांड रचय... Read more

नारियां:अबला या सबला

नारियाँ:अबला या सबला ****************** ये ऐसा विषय है जिस पर पूरे विश्वास से कोई कुछ भी नहीं कह सकता।क्योंकि इस परिप्रेक्ष्य में ... Read more

एकल परिवार का दंश

एकल परिवार का दंश ****************** बुजुर्ग दम्पति का संवाद ------------------------------ पति-लखन की माँ !अब इस उमर में हमसे त... Read more

प्रेम धन

प्रेम धन ●●●●● प्रेम अनमोल है प्रेम से बड़ा धन नहीं प्रेम से बड़ी शक्ति नहीं प्रेम निराकार है, प्रेम परिपूर्ण है। प्रेम भावना ... Read more

सपना या हकीकत

सपना या हकीकत ------------------------ सपने और हकीकत में फासला बहुत है और नहीं भी है। सपनों को हकीकत में साकार करना होता है, ... Read more

माँ चंद्रघंटा

माँ चंद्रघंटा ********* माँ जगदंबा के चंद्रघंटा स्वरुप का तीसरे दिन पूजन होय, मस्तक पर बिराजे माँ के तभी माँ चंद्रघंटा भी कहाय... Read more

उजियारा

उजियारा ******** चहुंओर फैले उजियारा हो प्रकाश का विश्वास धरा पर हो खुशियों का प्रकाश जन जन में हो आपस में प्यार फैले आपसी एकत... Read more

कैकेयी का कोप

कैकेयी का कोप --------------------- राम के राज्याभिषेक को हो रही थी तैयारी, हर और खुशियों का शोर। मंथरा को ये सब खटका उसने अप... Read more

माँ ब्रह्मचारिणी

आदिशक्ति का द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी कहलाये, तपश्चारिणी, उमा,अपर्णा नाम भी इनके जाने जाये। कठिन तपस्या के बल पर भोलेनाथ को ... Read more

विनती

विनती ****** हे जगत जननी,अम्बे,जगदम्बे माँ मुझ पर कृपा करो, मैं अबोध,अज्ञानी, पापी मेरी भी नैय्या पार करो। पूजा, पाठ,भोग,आरती ... Read more

मर्यादा

मर्यादा -------- यह कैसा समय आ गया है मर्यादाओं का ह्रास बढ़ रहा है, संबंध फीके हो रहे हैं मर्यादाएं दम तोड़ रही हैं परिवार बिखर... Read more

कर्मगति

कर्मगति ******** राजा हो रंक कर्म गति से सबको ही दो चार होना पड़ता है। कर्मों के हिसाब से फल भोगना ही पड़़ता है, कौन बच सका है... Read more

प्रकृति

प्रकृति ****** प्रकृति की भी अजब माया है निःस्वार्थ बाँटती है भेद नहीं करती है, बस कभी कभी हमारी उदंडता पर क्रोधित हो जाती ह... Read more

बचपन की रामलीला

बचपन की रामलीला ***************** आज भी याद आता है दशहरे के दौरान नाना के घर जाना, बहाना तो होता था बस रामलीला देखना। बड़ा ... Read more

रावण सा विद्वान

रावण ***** वीर पराक्रमी शूरवीर महाज्ञानी, महा पंडित, अहंकारी शिवभक्त रावण मतिभ्रम का शिकार हुआ, सीताजी का हरण किया रामजी के ह... Read more

उठना नहीं है?

उठना नहीं है? *********** जिस दिन मैं सुबह देर से उठता हू्ँ उस दिन अनायास ही माँ की याद आ ही जाती है।क्योंकि माँ की ही तरह मेरी भी... Read more

सहानुभूति

सहानुभूति ********* सहानुभूति शब्द मन में आते ही एक भाव उत्पन्न होता है बेचारगी।परंतु ऐसा नहीं है।सहानुभूति एक भाव है,संबल है।जिसक... Read more

हमारी खुशियाँ हमारे हाथ

हमारी खुशियाँ, हमारे हाथ ********************* आज के इस व्यस्तम और भागदौड़ भरी जिंदगी में खुश रह पाना सबसे कठिन काम है।हर इंसान भाग... Read more

हे प्रभु

कर्तव्य ******* जब तक हमारे मन में सकारात्मक भाव नहीं होंगे तब तक हम कौन सा कर्तव्य निभायेंगे? जब तक अपने मन में कर्तव्यबोध नह... Read more

कर्तव्य

कर्तव्य ******* जब तक हमारे मन में सकारात्मक भाव नहीं होंगे तब तक हम कौन सा कर्तव्य निभायेंगे? जब तक अपने मन में कर्तव्यबोध नह... Read more

समय

समय ****** समय कब किसके लिए ठहरता है? वो तो बस,अविराम चलता ही रहता है, कहते हैं हर समय सम नहीं होता कभी खुशियों का तो कभी गम... Read more

नयन

नयन ●●●● मूक रहकर भी बहुत कुछ कहते है, सुख दुःख ,हर्ष विषाद के भाव भी सहते है। हंसते मुस्कराते, रोते भी हैं अंतर्मन के भाव खो... Read more

संकल्प

संकल्प ****** आखिरकार पुरखों का देखा सपना पूरा हो रहा है, सौभाग्य से सच होते वे सपने देखने का अवसर हमें मिल रहा है, मन में ... Read more