Sudhir kewaliya

Joined January 2019

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इन्तहा

इन्तहा ----------- बहुत कुछ दरक गया है मेरे अन्दर देखकर,सुनकर पल भर में बेजान होते इंसानी जिस्म वातावरण में फैलती बारुदी गंध ... Read more

खुदगर्ज़

खुदगर्ज़ ---------------- आईने में अक्स बढ़ती उम्र का हिसाब मांग रहा है ... Read more

खुदगर्ज़

खुदगर्ज़ ---------------- आईने में अक्स बढ़ती उम्र का हिसाब मांग रहा है ... Read more