ग़ज़ल, गीत, नज़्म, दोहे, कविता, कहानी, लेख,गीतिका लेखन.
प्रकाशन‌‌–१. भूल ज़ाना तुझे आसान तो नही
२— सुनिक्षा [ग़ज़ल संग्रह ]
3—use keh to doo’n(Ghazal Sangrah)

Copy link to share

मैं जब रोता हूँ तनहा सा लिपटकर शब के सीने से

मैं जब रोता हूँ तनहा सा लिपटकर शब के सीने से . बिखरने लगते हैं ये अश्क आँखों से करीने से . खयालों में मिरे तुम दौड़कर मुझको बुला... Read more

उरी तो टीसेगी

मुदद्तों कहीं गहरी ये उरी तो टीसेगी| पीठ पर चली है जो वो छुरी तो टीसेगी | कूटनीति की बातें और कुछ सियासत भी, मालकां तेरी ऐस... Read more

आँखें ही अब बोलती, आँखें ही अब कान..........

उसने ही सब दिया , ये तन मन ये प्राण. उसकी खातिर मिट चलूँ, छोडूं ये पहचान. मेरा मुझमे कुछ नहीं , सब उसकी है रीत. मैं तो उसमे खो ... Read more

मेरा ख्याल तेरी छत पे बिखरने वाला है....

मुझे भुला के कहाँ तू भी बचने वाला है, मेरा ख़याल तेरी छत पे बरसने वाला है. फिजां में रंग ए मुहब्बत बिखरने वाला है. सुना है आदम... Read more

मुझे ज़िन्दगी तुम पढाते रहोगे.....

नज़र मुझसे यूँ ही मिलाते रहोगे, मुझे ज़िन्दगी तुम पढाते रहोगे. तुम्हारे ज़हन में हमेशा रहूंगा, मुझे लिख के तुम जो मिटाते रहोगे ये... Read more

जिंदगी आपकी हंसी सी है...

फूल,तितली,कली,परी सी है. ज़िन्दगी,आपकी हंसी सी है. इस कदर यूँ घुली मिली सी है. मैं समंदर हूँ वो नदी सी है. ज़िक्र तेरा हुआ नह... Read more

प्रीत में तुम सखी ----

प्रीत में तुम सखे स्वस्तिक हो गए ये जहाँ गौण तुम प्राथमिक हो गए. साथ जो तुम चले हाथ में हाथ ले, रास्ते नेह के सात्विक हो... Read more

होते हैं इश्क में अब देखो कमाल क्या क्या..

होते हैं इश्क में अब देखो कमाल क्या क्या. मेरे ज़बाब क्या क्या उनके सवाल क्या क्या. मुझपे उठा के ऊँगली वो चुप रहा मगर यूँ, उसने ... Read more

मुझे मालूम होता ...

मुझे मालूम गर होता बसर का।। कभी रुख भी नहीं करता शहर का।। मुझे हाँ कर या बिलकुल ही मना कर; ये क्या मतलब अगर का औ मगर का। हमारे ख... Read more

प्यार भी मानसून हो जाए ----

प्यार भी मानसून हो जाये. फरबरी बाद जून हो जाये. तुमको चाहूँ किसी अदा से मैं, इश्क मेरा जूनून हो जाए. झूठ ना बोलना पड़े इतना, ... Read more

तुम्हारी बेटियां है ...

हमें भी खिलखिलाने दो ज़रा सा मुस्कुराने दो. तुम्हारी बेटियां है हम हमें धरती पे आने दो. बहुत मासूम हैं ये बच्चियां पढने पढ़ाने दो.... Read more

बहुत खुद्दादार है वो....

बहुत खुद्दार है घुटनों के बल चलकर नहीं आता. वो लिखता है बहुत अच्छा मगर छपकर नहीं आता. मुहब्बत खलवते-दिल में उतर जाती है चुपके स... Read more

हमें धोखा हुआ तितली के पर का........

लड़कपन की हसीं दिलकश डगर का। हमारा प्यार था पहली नज़र का ।। सबब वो शाम का वो ही सहर का। भरोसा क्या करें ऐसी नज़र का।। सिवा मेरे... Read more

उधार नही उतरा है---

क़िताबों मे कभी करार नही उतरा है। जुनूँ था सर पे जो सवार, नही उतरा है। गज़ल कहकर कभी गुबार भले कम कर लो अभी तक बनिये का उधार... Read more