Suchi Sandeep

Joined November 2018

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कम भी नहीं है हौसले (गजल)

कम भी नहीं है हौसले (गजल) (बहर-2212 2212 2212 2212) कम भी नहीं है हौसले गिर भी पड़ी तो क्या हुआ। है जिन्दगी... Read more

कनक मंजरी छन्द (कृष्ण बाललीला)

कनक मंजरी छन्द(कृष्ण बाललीला) लिपट गया सुत आँचल से अरु, मात यशोमति लाड करे। गिरिधर लाल लगे अति चंचल, ओढनिया निज आड़ धरे।। निरखत ... Read more

अमिय स्वरूपा माँ

"अमिय स्वरूपा माँ" (राधेश्यामी छन्द) घट भीतर अमृत भरा हुआ, नैनों से गरल उगलती है, मन से मृदु जिह्वा से कड़वी, बात... Read more