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"माँ" पर दोहे

माँ ही जीवन सार है, माँ ही सुख आधार बिन माँ कैसे हो भले, जीवन नैया पार!!१!! माँ से ही जीवन बना, सुंदर सकल जहान ममता की मूरत बनी... Read more