मै सत्येन्द्र प्रसाद साह (सत्येन्द्र बिहारी) ग्राम – सैय्यदराजा, जिला – चंदौली उत्तर प्रदेश का निवासी हूं । परन्तु मेरा मूल जन्म स्थान बिहार है । मै एक शिक्षक हूं और वर्तमान समय में सासाराम बिहार में पदस्थापित हूं। मेरा मुख्य उद्देश्य अपनी लेखन विधा से हिन्दी को समृद्ध और सुशोभित करना है।जिसे पूर्ण करने के लिए मुझे आपके सहयोग और आशीर्वाद की जरूरत पड़ेगी ।
धन्यवाद ।

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" स्टैच्यू ऑफ यूनिटी "

"स्टैच्यू ऑफ यूनिटी" ***************************** बिखरी पड़ी थी जो सभ्यता और संस्कृती प्रदर्श रूप हो गई वो "स्टैच्यू ऑफ यून... Read more

" प्रेम बावरी "

" प्रेम बावरी " ************************ तेरी सूरत की चांदनी अब बिखर रही है मेरे रोम-रोम में जादू अब जैसे जगा रही है तुझे दे... Read more

" मुठ्ठी भर जमीं "

"मुठ्ठी भर जमीं" ================== मुठ्ठी बांधे आया था जहाँ में फैला कर मांगता रहा जिंदगी भर पकड़ने की हरदम कोशिश में भाग... Read more

" प्रेम दिवाना "

" प्रेम दिवाना " **************************** तू छोड़ गयी मुंह मोड़ गयी ना जाने क्यूं दिल तोड़ गयी मै ढूंढा तुझको हर गली गली... Read more

" आजादी "

" आजादी " ******************** आज खुद से खुद को मुझे मिल लेने दो परिंदा हूं कब से पिंजड़ों में जकड़ा हुआ मुझे बांधो मत ... Read more

" प्रेम बावरी "

" प्रेम बावरी " ***************************** तेरी सूरत की चांदनी अब बिखर रही है मेरे रोम-रोम में जादू अब जैसे जगा रही है ... Read more

" दर्द -ए- दिल "

" दर्द -ए- दिल " ************************* छुपा के दर्द जहां का सीने में चल दिए क्या बेबसी हुई जो तुम मुस्कुराके चल दिए हम ज... Read more

" जीवन "

" जीवन " *********************** यायावार खानाबदोश है बंजारा है जीवन पग क्षण यहां है पग क्षण वहां है अपनापन अनंतकाल है दि... Read more

" सड़क "

" सड़क " *************** रुकती थकती विश्राम नहीं बढ़ती और मचलती जाती अंतहीन अनन्त की ओर परावार पथिक की चाल हासिल मंजिल मु... Read more

हथेली में चांद

"हथेली में चांद" ************** झरोखों से दिखा जो चांद फलक का चांद भी शरमा गया झुकी महबूब की नजरें उतर के चांद भी हथेली में आ ग... Read more

" चाहत "

" चाहत " ***************** तू धड़कन मै तेरी सांस पिया जीने की हो तुम आस पिया तुम सांसों मे मेरी बसते हो फिर कैसी है ये प्यास ... Read more

" अल्फाज- ए- इश्क "

" अल्फाज -ए- इश्क " ************************ झटक दो जुल्फ अपना तुम सुबह से शाम हो जाए चलो जो बल खाके तुम समुंदर में लहर उठ... Read more

" दरकते पर्दे "

" दरकते पर्दे " ******************** टूटते दरख्तो के मेले में, कोई छूटता तो है । चली है बात करीने से, तो कोई लूटता तो है ।। ... Read more

"चीन को चेतावनी"

"चीन को चेतावनी" ********************** ना समझो हम बासठ के है अब ट्वेंटी ट्वेंटी हो जाएगा अब चाल तुम्हारी नही चलेगी हिन्दी-ची... Read more

"टूटते एहसास"

"टूटते एहसास" असत्य पे सत्य की जीत चाहिए , अधर्म पे धर्म की जीत चाहिए । हिंसा पे अहिंसा की जीत चाहिए, पाप-पुण्य का लेख चाह... Read more

" क्या कह दूँ "

"क्या कह दूँ" ********************* तेरे हुस्न की इबादत में आज क्या कह दू, चौदहवीं की चांद को भी तेरा नूर कह दू। लव्ज लड... Read more

भजन

भजन ****************** हे रघुनंदन हे घनश्याम सुन लो हमारी अर्जी भगवान तुम ही हो प्रजा पालक तुम ही हो आधार हे रघुनंदन हे घनश... Read more

" आत्महत्या क्यूँ "

"आत्महत्या क्यूँ " ********"********** क्यूँ जिंदगी भी मौत से सस्ती हो गई है क्यूँ शोहरत भी जीने के लिए जरुरी हो गई है क्यू... Read more

भोजपुरी गीत " ख्वाब "

भोजपुरी गीत" ख्वाब " ----------------------------------------------- कजरा बन के तू अखियां मे बस जइता खुशबू बनके तू संसियॉं मे बस ... Read more

सिसकता बचपन

सिसकता बचपन ********************** सपने आंखों से देखती नन्ही परी जिंदगी ढूंढ़ती गली-गुचों में कली आशाओं का पर लिये फुदकती चली ... Read more

बेटी

बेटी ******************** मां की कोख में जब पली तब से मेरी पहचान किया, बेटा - बेटी में भेद करी फिर कोख में ही मुझे दफन किया, इ... Read more

शायरी

अपना ईमान बेचकर खरीदा था तेरी मोहब्बत को, मुफलिसी ऐसी चली की कोई खरीदार ना मिला मेरी मोहब्बत को । हम बेवफा कैसे कह दे तुझको तेरी भ... Read more

सरस्वती वंदना

**सरस्वती वंदना** हे विष्णुप्रिया हे शिवानुजा मैं तुझमें ध्यान लगाता हूं तू कमल नयनी तू पद्मासनी मैं तेरी महिमा गाता हूं! ... Read more

अस्मत

अस्मत बेतहाशा लड़खड़ाती दौड़ती पग मे, चित्कारती फटी नजरों से ढूंढती सहारा। कपकपाती अधरों पर टूटती सांसें, ढूंढते नैना पगडं... Read more

किसान की जीवटता

किसान की जीवटता अवशान वर्षा रित बढ़ता तुषार ठिठुरती सांझ ओझल उदित सांध्य गीत की मधुर ध्वनि सिमटती स्वर्णिम यामिनी की ओर। ... Read more

कलयुगी मां

कलयुगी मां ममता करुणा स्नेह विसारी लोक हया सब त्याग दिए, रूप स्वरूप विलासिता खातिर मां के रूप विद्रूप हुए सीता सावित्री अन... Read more

पर्यावरण परिवर्तन

पर्यावरण परिवर्तन असर दिखने लगा है मौसम-ए- परिवर्तन का सूखने लगा है पानी नदियों और झरनों का कहानी कहते है परिंदे अब भी उस शहर क... Read more

"माही- ए -इश्क"

"माही ए इश्क" *********************** हर पल मैंने तुझको याद किया सांसो में हर पल महसूस किया ना जाने तू खो गई कहां सनम सिर्फ... Read more

मजदूर

हाथ खाली पेट खाली जिंदगी का सफर कभी पगडंडियों पर कभी राजपथ पर गांव जाने के लिए वह रात दिन चलता रहा करता रहा मजबूर मानस मौत का... Read more

रंग

रंगों का त्योहार मुबारक, होली का हुड़दंग मुबारक। खुशियां आए बनके बहार सुख समृद्धि का त्योहार मुबारक।। बसंती फाग की बयार मुबारक... Read more

तेरा इंतजार

मै तुझे प्यार बेशुमार करता हूं, तुम खफा ना हो जाओ इसलिए मै डरता हूं । तुझे देखने को तरसे मेरी आंखे, मै सुबह-शाम तेरा इंतजार करता... Read more

बलिदान

कतरे-कतरे चीथड़े-चीथड़े का हिसाब होना चाहिए, बिछी जो लाशे सड़कों पर उनका इंसाफ होना चाहिए। बहाना था जो रक्त तुम्हे बहा लिया ... Read more

दिव्य कुम्भ

दिव्य कुम्भ दिव्य कुम्भ की बात निराली छायी सब पर संगम की हरियाली स्नान ध्यान पूजा अर्चन संगम पर सब संतों ने प्रयागराज में... Read more

शिशिर कामिनी

लौटते पशु-विहग कोलाहल चहुंओर, कांपती अरुणिमा छिपती क्षितिज की ओर। सकुचाई शिशिर वसन लिपटी लौट रही ‘शिशिर कामिनी’, वसुधा की ओर। ... Read more

दुपहरी

अनल अम्बर झरता ज्येष्ठ की दुपहरी उष्ण वातावरण तप्त तवा सी धरणी व्याकुल पखेरू पशु जन लू समीरणी पाषाण खंडों को तरासती बैठ दुपहरी। ... Read more

जोकर

मै बात पते की कहता जीवन सरकस है होता। रास रचाता मन बहलाता पर सदा मै जोकर कहलाता ।। तरह तरह का स्वांग रचाता कभी हसाता कभी रुला... Read more

मॉ की टीस

मांए जब बिलखती है , कलेजा छलनी हो जाता है। पापिन मंजर नाचती है , रब भी सजदा करता है। चित्कार हृदय भी करती है, अम्बर का सीना... Read more

अवध के राम

आस्था और अनास्था का दीप जलाए बैठे है मंदिर बनेगा राम का ये उम्मीद जगाए बैठे है त्रेता से कलयुग आ गया सत्ता के गलियारों में सत्ता ... Read more

" मां "

" मां " ********************** सुना है रहबरों के किस्से बड़े सुहाने होते है । मां तो मां होती है मां के किस्से कहां पुरान... Read more