सोनी सिंह

सेक्टर - 5/ब, Q. नो. - 1026, बोकारो

Joined April 2020

मैं सोनी सिंह बोकारो स्टील सिटी,झारखंड,भारत की निवासी हूँ। मेरा पैतृक निवास नालन्दा जिला,बिहार है। मैं हिंदी साहित्य प्रतिष्ठा की छात्रा हूँ, साथ ही मुझे कविताएं आदि गद्य – पद्य रचनाओं में काफी दिलचस्पी है। मैं एक प्रोफ़ेसर/लेक्चरर बनना चाहती हूँ। मैंने अपनी बारहवीं तक की पढ़ाई विज्ञान संकाय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड,क्रिसेंट पब्लिक स्कूल,बोकारो,झारखंड से की है। अभी मैं अपनी उच्च शिक्षा (स्नातक) बोकारो स्टील सिटी कॉलेज,बोकारो,बिनोद बिहारी महतो विश्विद्यालय, धनबाद से कर रही हूँ। मैं हमारे हिंदी साहित्य का स्तर औऱ ऊँचा उठाने के लिए प्रयत्नरत हूँ। वर्तमान में महाविद्यालय के हिंदी विभाग के संगठन ‘हिंदी विकास मंच’ की अध्यक्षा हूँ।

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मौत को जगाऊँ कैसे

गर तू होता नींद में, तब तुझको जगा सकती। खुली आँखों को कहता सोना, इस पर तुझे आया ना रोना। नींद आधी मौत है, मौत मुकम्मल नींद। ऐस... Read more

'गुरु - शिष्य का अटूट बंधन'

आज मैं आपको गुरु - शिष्य की महत्ता के बारे में बतलाना चाहती हूँ।मैं काफ़ी दिनों से इस विषय पर लिखने की सोच रही थी।मैं आपको सच बताऊँ च... Read more

पहला जन्मदिन

आपको लग रहा होगा कि पहला जन्मदिन... ये कैसे संभव है,अपने पहले जन्मदिन में तो बच्चा केवल साल भर का होता है,फ़िर उसे कुछ याद रहना या उस... Read more

मत भटको तुम.....

लक्ष्य से भटको नहीं, ओर इसकी बढ़े चलो। साथ में जज़्बा भी जीत की ले चले चलो। वक़्त है जीवन का, और अपनेपन का। फ़िर भी तुम चले ... Read more

अनकही : प्रेमकथा

क्यों आते हो,सपनों में मेरे क्यों सारी रात जगाते हो दिल चीज़ क्या है ये तुम क्यों न समझ पाते हो। क्यों करते, बेचैन इस क़दर क्यो... Read more

दिल : न जाने क्या चीज़ है..

दिल, न जाने क्या चीज़ है। होता क्यों बेचैन है, क्यों रहता बेताब है, दिल, न जाने क्या चीज़ है। किसके पीछे भागता है, जाने क्या... Read more

'हनुमान नगर में मौत'

वहाँ जाने के बाद मुझे जीवन के बहुत सारे कठिनाईयों से रूबरू होने का मौका मिला। मैं जा रही थी...जा रही थी.... ना कभी गयी थी और नाहीं क... Read more

दिल की बातें....

मैंने सोचा था,इन सारी बातों को कभी ख़ुद पर तो हावी होने ही नहीं दूँगी,तो आप सबके साथ साझा करना तो दूर की बात है। पर मैंने अपने आप से ... Read more

इतना क्या कम था......

इतनी तबाही क्या कम थी, जो अब आया तूफ़ान है। इतनी बर्बादी क्या कम थी, जो आया अब मेहमान है। इतनी लाचारी क्या कम थी, जो उजड़ रहा... Read more

चमकती हुई 'रौशनी'.....

सभी रिश्तों से हसीन, पर होती है कमसीन। है निः स्वार्थ भाव ध्येय, निश्छल लुटाती स्नेह। बहसबाज़ी,लड़ना,झगड़ना, बिना इसके न कोई क... Read more

'मजबूर' "मजदूर"

मजदूरों का क्या हाल हुआ, हाल नहीं,बेहाल हुआ। ये कैसा तंत्र है, न जाने क्या मंत्र है। रोज़ बिछ रही हैं लाशें, घर जाने की फिर ... Read more

मोबाईल माँगती लड़की.....

मोबाईल माँगती लड़की बात है ये एक बार की। हर रोज़ आती वो वहाँ, प्रेमी मिलने जाता जहाँ। निकल गया वो ऐसा, छोड़ गया उसे वैसा। ज... Read more

'सोना' "सोना" है....

ऐसा भी क्या सोना, जो अपना कर दे रोना। भूख नहीं,प्यास नहीं, फ़िर भी सोने की आस यँही। उषा देखा ना,प्रातः न देखा, यही है तेरा ल... Read more

एक ऐसा परिवार....

परिवार है जहाँ, प्यार है वहाँ। इसमें है हँसी, इसमें है ख़ुशी। सुख - दुख का साथी है, पर इतना ना काफ़ी है। चाहिए इसका साथ, ... Read more

जर्जर मानसिकता....

मेरे मन में कुछ विचार हैं जो उथल - पुथल मचा रहें हैं,मैं उन्हें आपके समक्ष रखना चाहती हूँ, ना चाहते हुए भी मैं ये सब व्यक्त करने पर ... Read more

माँ ! तुझे सलाम

तेरी बाहों में जन्नत तेरी दुआ में मन्नत माँ ! तुझे सलाम। तेरी अलकों में सपने तेरी पलकों में अपने माँ ! तुझे सलाम। तेरी अश्... Read more

ख़ुश हूँ

ख़ुश हूँ, हाँ, मैं ख़ुश हूँ। ज़िन्दगी से ख़ुश हूँ, ईश्वर ने जो दिया, उससे ख़ुश हूँ, हाँ, मैं ख़ुश हूँ। अपने मुक़ाम से ख़ुश हूँ, अप... Read more

कोरोना को भगाना है......

कोरोना को भगाना है, हमको ये कर दिखाना है। दूरी का पालन करना है, कोरोना से नहीं डरना है। कोरोना से नहीं होना तंग है, इसको कर... Read more

सैनिक

बलिदान करे जो सैनिक स्मारक बने वो सैनिक है तुझको नमन। अभिमान करे जो सैनिक मातृगान करे वो सैनिक है तुझको प्रणाम। गर्व करे ज... Read more

कहानी मन की.....

सब ठीक चल रहा था सहसा कुछ अजीब अलग क्या पता नहीं। ऐसा जिसने बैचेनी ला दी ऐसी उलझन सुलझाए न सुलझे शायद सुलझे कब पता नहीं।... Read more

ऐसी है एक लड़की .......

शांत स्वभाव अनुकूल विचारों वाली ऐसी है एक लड़की। चाहे दुनियाँ जो कहे फ़र्क नहीं पड़ता ऐसी है एक लड़की। गुरूओं की चहिती सखियो... Read more

कश्मकश..... बेटियों की

बेटी, जिसे नाज़ों से पाला उसी को घर से निकाला। घर, उसका था ही नहीं 'बेगाने' हो जाते अपने 'अपने' हो जाते बेगाने। नया घर नई... Read more

ज़रा मुस्कुरा लें....️

आओ थोड़ा हँस लें हँसा लें ग़म को भुला लें ज़रा मुस्कुरा लें। ☺️☺️☺️☺️ उदासी मिटा लें ठहाके लगा लें ज़रा मुस्कुरा लें। ☺️☺️☺️... Read more

संध्या वंदन......

तपती धूप को भगाता हुआ सूर्यास्त सूर्यास्त हुआ वह चिपचिपाती गर्मी की शुरुआत पेड़ - पौधे जैसे मौन हों संध्या में हवाओं का सिहरन भर... Read more

अनचाहा प्रातः हुआ....

प्रातः होने की लालिमा छा गई धीरे - धीरे प्रातः होने को आया। चिड़ियों की चहचहाहट मोटरों का चलना मन में उथल - पुथल मचाया। प्रातः... Read more

कश्मकश.......ज़िन्दगी की

कितना संयोग है ना जिंदगी में मिलना बिछड़ना लगा ही रहता है। पर शायद उस एक क्षण के लिए मनुष्य क्या कुछ करने को आतुर नहीं हो जाता। ... Read more

चाह नहीं होती.......

जो बोलते नहीं, उनकी चाह नहीं होती? बयाँ न करने वालों की जज़्बात नहीं? सम्मान करें सबका, उनका अपमान नहीं होता? कम बोलने ... Read more

सोचा न था......

सोचा न था, ऐसा होगा। साथ होकर भी न होगा सोचा न था ऐसा होगा। इतिहास थी जो सुनी - सुनायी, वही आज बन गयी परछायी। ऐसा वक़्त ... Read more

भर लें हम जोश........

ए देश मेरा तू जीता रहे तूने शेर के बच्चें पालें हैं कुछ होगा नहीं संकल्प लें हम संयम में हम तो आगे हैं। जोश है ये तक़दीर ... Read more

'शिक्षा'

शिक्षा है एक मंत्र ज़रूरी जो न करते पालन इसका उसे न मिलती जीवन की मंजूरी। जिसने भी इसका अलख है जगाया, संसार में अति सम्मान है प... Read more

'किताब'

वो दोस्त,साथी,हमसफ़र ऐसा गहरा सागर जिसमें डूबने के बाद बाहर आना असंभव जितने गोते गहराईयों में लगाएंगे, अपने आप को उतना ही ऊपर पा... Read more

याद माँ की.......

जब दुनियाँ में आँखें खोली, अपने मुख से माँ ही बोली। जब मैं राहों में लड़खड़ाई, माँ! तूने मुझे सही राह दिखाई। जब कभी भी मुझे रो... Read more