“थी बिगड़ने की भरपूर गुंजाइश
इस इश्क ने हमको बचाए रखा”

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"तुम भूल जाओ मुझको,मैं कैसे भूलूँ तुमको"

तुम भूल जाओ मुझको मैं कैसे भूलूँ तुमको मेरी जान कुछ न सुनना जो आवाज़ दूँ मैं तुमको यह बात भी सही है यही मत भी है तुम्हारा ल... Read more

आज की जिंदगी

गजल जिन्दगी ए शहर जहन्नुम बनती जा रही है जिधर देखिये आग ही उगलती जा रही है जल रही जिंदगी को ज़रा सा शांत करने में हर तरफ और अध... Read more

तश्वीर तेरी

आलमारी में रखी किताबों को झाड़ते हुए मैंने पाया तुझे,डायरी को फाड़ते हुए किताबों के बीच से जब गिरी तेरी तश्वीर लगा!कलेजे पर रख ... Read more