Sushil Sihag

SIHAG SADAN, CHARANWASI

Joined November 2018

एक कवि के तौर पर मेरी उपलब्धियां कुछ भी नहीं है। कविकुल परम्परा का एक नन्हा सा निर्वाहक हूं । मैं मेरी समस्त रचनाएं कविकुल के महान कवियों के श्रीचरणों में समर्पित करता हूं और उम्मीद करता हूं कि उनका आशीर्वाद मुझ पर हमेशा यूं ही बना रहेगा ।

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मेरे ख्यालात...

रिश्तों में मिठास रहे हरदम कुछ ऐसे ख्यालात रखता हूं । किसी के दिल को ठेस ना लगे काबू जज़्बात रखता हूं । अपनी ख्वाहिशों को दबा के स... Read more

मेरी ये जिन्दगी

मेरी ये जिन्दगी ख़ुदा ने चटक रंगों से ऐसे संवारी है । आईना रोज मुझसे पूछता है कि क्या रज़ा तुम्हारी है । उम्मीदें हर पल हर दिन एक ... Read more

सिर्फ़ तुम

सिर्फ तुम...... चंद ख्वाबों में सिमटा मेरा विस्तार हो तुम... मेरे जीवन के पतझड़ का गुलजार हो तुम.... मेरी ही परछाई में मिलता है अ... Read more

इश्क मेरा

एहसास ,चाहत और सपनों की स्याही से, कोरे कागज पर उतरी तस्वीर सा......इश्क़ मेरा ।। रंगीन ख्यालों और जज्बातों से उभरा, इस मतलबी दु... Read more

* मेरी प्यारी नानी *

* मेरी प्यारी नानी * मुझे लगती बड़ी ही प्यारी मेरी प्यारी नानी..... कुछ अलग थलग सी है हमारे रिश्ते की कहानी । एक अनकहा - सा किस्स... Read more

मां

* मां * अनन्त रुपी रब का कुछ सिमटा सा विस्तार है मां... आड़ी तिरछी रेखाओं का अजब सा आकार है मां... मैं हूं एक छोटा सा पहलू और सकल... Read more