प्रवक्ता हिंदी

Books:
काव्य-संग्रह–“आइना”,”अहसास और ज़िंदगी”
“काव्य-अमृत”,”भारत के श्रेष्ठ युवा कवि और कवयित्रियाँ”साँझा काव्य संकलन(जे.एम.डी.प्रकाशन)

Awards:
“काव्य-अमृत”,”श्रेष्ठ शब्द शिल्पी”,”काव्य श्री”एवं “साहित्यापीडिया-काव्य” सम्मान

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यूँ ही नहीं उतरता कोई दिल के क़ाशाने में

यूँ ही नहीं उतर जाता है कोई दिल के क़ाशाने में। कोई तो हुनर होता है यार उसके अफ़साने में।। ये हवाएँ जो लेकर आई हैं ख़ुशबुओं के पैग़ाम।... Read more

चाहत पैदा करो

अर्ज़ किया है--👌 ख़्वाबों को ज़िंदा करने की ताक़त पैदा करो। हवाओं में न उड़ो--जो है हक़ीक़त पैदा करो।। मंज़िलें स्वयं चलकर आएंगी पास में ... Read more

आँखों में ख़्वाब रहने दो

अर्ज़ किया है--👌 ----------------------- नींद में न जगाओ आँखों में हसीं ख़्वाब रहने दो। इक दीदार तेरा बस हाथों में गुलाब रहने दो।। ... Read more

2-अर्ज़ किया है--

अर्ज़ किया है..👌 खुद को मज़बूत बनाओ मज़िलों का फ़ासला खुद ही तय करना है। दूसरे के भरोसे तैरने वाले अकसर डूब जाया करते हैं। बुलंदियों ... Read more

अर्ज़ किया है....

1- अर्ज़ किया है-👌 इरादे नेक हों तो हर काम आसान हो जाता है। वरना हवा का एक झोंका भी तूफ़ान हो जाता है।। खुद की ऊर्जा समझकर सपने ... Read more

शेरो-शायरी

अहसास ज़िंदगी के सांझे करने चला हूँ। कोई कहता बुरा हूँ कोई कहता भला हूँ। सबका अपना-अपना नज़रिया है प्रीतम, कोई चाँद देखे कोई दाग़ मै... Read more