प्रवक्ता हिंदी

Books:
काव्य-संग्रह–“आइना”,”अहसास और ज़िंदगी”
“काव्य-अमृत”,”भारत के श्रेष्ठ युवा कवि और कवयित्रियाँ”साँझा काव्य संकलन(जे.एम.डी.प्रकाशन)

Awards:
“काव्य-अमृत”,”श्रेष्ठ शब्द शिल्पी”,”काव्य श्री”एवं “साहित्यापीडिया-काव्य” सम्मान

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मीठे बोल लब पर दिल में बंदूक रखता है

ग़ज़ल----------------------------------------। वज़्न-222-122-222-212-22 ------------------------------------------------।। मीठे बो... Read more

मुमकिन है हर काम

ग़ज़ल----------------------------------------। वज़्न--222-221-222-122 ------------------------------------------------।। मुमकिन है ह... Read more

ज़न्नत मिलती है जब तुम मिलते हो

ग़ज़ल------------------------। वज़्न-222-222-222-2 -------------------------------।। सपना बनके आँखों में पलते हो। दीपक बनके इस दिल ... Read more

इक गलती पर खुद से ही न पराया कीजिए

ग़ज़ल मीटर-222-222-211-222-12 ----------------------------------------- हम व्याकुल हैं तेरे बिन न भुलाया कीजिए। इक गलती पर खुद से ... Read more

दिल कहता है तू मेरा रसके-क़मर है

ग़ज़ल मीटर-२२२-२२२-२२२-१२२ ------------------------------------ खोये-खोये रहते हो कैसी डगर है। लगता है हमको मोहब्बत का असर है।। ... Read more

जैसे शरीफ़ उनसा कोई नहीं है

ग़ज़ल-मीटर-२२१-२१२-२२२-१२२ ------------------------------------------- तूने नज़र नमी क्यों खोई नहीं है। लगता जगी रही तू सोई नहीं ... Read more

दिल जीतने की जिसे कला आ गई

ग़ज़ल वज़्न-221-221-212-212 ----------------------------------- दिल जीतने की जिसे कला आ गई। हर कामयाबी उसे भला आ गई।। जीता जह... Read more

हम उनकी दर्द-ए-दिल-दवा जो जानें हैं

वो चाहें हैं हमें हमनवा जो जानें हैं। हम उनकी वो हमारी हवा जो जानें हैं।। वो आते हैं हमारी तरफ़ खिंचे-खिंचे। हम उनकी दर्द-ए-दिल-... Read more

आइना देखके तुम ख़ुदी पर फ़िदा हो रहे हो

ग़ज़ल मीटर-212-212-212-212-212-2 ---------------------------------------------- आइना देखके तुम ख़ुदी पर फ़िदा हो रहे हो। नूर से पर स... Read more

आँखें खुली हैं ग़ाफ़िल दिल ये ख़ामोश है

ग़ज़ल-मीटर-221-222-222-221-2 ----------------------------------------------- आँखें खुली हैं ग़ाफिल दिल ये गुमकोश है। बैठे हुए हैं मह... Read more

दवा यहाँ झूठ की कोई भी होती ही नहीं

ग़ज़ल-मीटर-121-221-222-222-212 --------------------------------------------------- ग़ुनाह करते हुए रुह तेरी रोती ही नहीं। नमी नहीं आ... Read more

राजनीति होती अवसरवादी है

मीटर..212-122-222-22 ---------------------------------- राजनीति होती अवसरवादी है। पैंतरा चले वो ही फ़ौलादी है।। झूठ बोल सकता ... Read more

ज़िंदगी ज़ोश भर जी लीजिए

ग़ज़ल-मीटर-212-212-221-2 ---------------------------------------- ज़िंदगी ज़ोश भर जी लीजिए। प्यार का ज़ाम गर पी लीजिए।। लोग चाहे कह... Read more

है मज़ा तो बस काम कर दिखाने में

मीटर-212-222-121-222 क्या मिलेगा यूँ शोर ही मचाने में। है मज़ा तो बस काम कर दिखाने में।। कोशिशें तो नाक़ाम ख़ार होती ना। पर वक़्... Read more

ग़ज़ल

मीटर-2222-1222-2221-2212 दिल में तसवीर तेरी है आँखों से मना क्यों करूँ। कोई हसरत जगी है आहों में फ़ना क्यों करूँ।। बढ़ते जाते क़दम... Read more

भारत-भारत जय-जय भारत कहो।

#ग़ज़ल# मीटर-222-222-221-2 मेरा भारत सबसे प्यारा लगे। इसके आगे जग भी हारा लगे।। नभ के तारे हैं सारे देश ये। सबमें चंदा-सा ये न्... Read more

साथ तेरा मिले जीत लूँ हर ख़ुशी

# गज़ल# मीटर-212 212 212 212 साथ तेरा मिले जीत लूँ हर ख़ुशी। है तुझी से हँसी ज़िंदगी तर ख़ुशी।। राह में फूल हों साथ तू जो चले। रा... Read more

गाँव जँचता हमें

# ग़ज़ल# वज़्न 212-212-212-212 आज फिर याद आई मुझे गाँव की। प्यार के मेल की खेल के ठाँव की।। यार मिलते गले चार पीपल तले। मौज मस्त... Read more

--ग़ज़ल--अश्क़ मोती तेरे तू बहाना नहीं

बहर-फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन वज़्न-212 212 212 212 अश्क़ मोती तेरे तू बहाना नहीं। टूट के हार से दिल जलाना नहीं।। दीप का काम ह... Read more

--ग़ज़ल--राह काँटों भरी मिले चलना सदा

वज़्न-- 2122-1212-2212 ग़ज़ल राह काँटों भरी मिले चलना सदा। प्यार हँसके सफ़र से ही करना सदा।। धूप हो छाँव हो नहीं रुकना कभी। आँख त... Read more

--ग़ज़ल--रीत पल बीत न आए

बहर--फ़ाइलातुन-फ़यलातुन-फ़ेलुन 2122-1122-22 हारना याद नहीं जीते ग़म। नाज़ है आज़ खुदी पर है दम।। जो झुका हार गया खुद से ही। ज़िंदगी ... Read more

--ग़ज़ल--

बहर-फ़ाइलातुन मुफ़ाईलुन फ़ेलुन 2122 1212 22 ग़ज़ल आपकी याद इस तरह आई। ये हवा ज्यों गुलाब छू आई।। रातभर सोचता रहूँ ना मैं। आँख सप... Read more

--ग़ज़ल--ईद मुबारक

मापनी--2122-2122-2122-212 ग़ज़ल--ईद मुबारक़ चाँद-सा मन हो मुबारक आ गले मिलके रहें। ईद हो सबको मुबारक आ गले मिलके रहें।। आज हो कोई... Read more

-ग़ज़ल-प्यार तेरा जीत मेरी...

मापनी-- 2122-2122-2122-21 दीद तेरा हो अगर तो जी उठेंगे यार। प्यार तेरा जीत मेरी ना मिला तो हार।। ज़िंदगी में मीत नहीं तो गीत है ... Read more

--ग़ज़ल-"तेज़ तलवार-सी नारी घनी।"

मापनी--2122-2122-212 काफ़िया-नारी-भारी-लारी-खारी-प्यारी-न्यारी-हारी-सारी-पारी। रदीफ़ -घनी। ग़ज़ल- तेज़ है तलवार-सी नारी घनी। मर्द पर... Read more

--ग़ज़ल--मापनी--2122-2122-2122-21

गज़ल/गीतिका ---//--//---//---मापनी-2122-2122-2122-21 चाँद भी फीका लगे है,है ग़ज़ब दीदार। देखके दिल दे दिया रे,हो गया है प्यार।। झ... Read more

--ग़ज़ल--

ग़ज़ल-- मापनी--2122-2122-2122-21 --------------------------------------------------- ज़िन्दगी पीछे देखने का है नहीं बस नाम। तुम बढ़ो ... Read more

ग़ज़ल

[11/05, 7:18 p.m.] राधेयश्याम प्रीतम: ग़ज़ल-- मीटर--212-212-212-212 आपकी याद तो आ ग़ज़ल-सी हुई। शायरी खिल अदब ये कमल-सी हुई।। चा... Read more

ग़ज़ल--दिए हैंं हज़ारों सिले हार के

मीटर--122 122 122 12 ग़ज़ल--- दिए हैं हज़ारों सिले हार के। जलाके हृदय-दीप ये प्यार के।। सदा मैं फ़िदा ही रहा हर क़दम। चला छोड़ सब स... Read more

ग़ज़ल--रखता ख़ुदा सब पर नज़र है

ग़ज़ल ——– तेरी गली से गुज़रके हम प्यार देखेंगे। सपने तिरे हमदम हज़ारों बार देखेंगे।। छूकर लबों से फूल फैंकों या शिला चाहे। खा चोट... Read more

--ग़ज़ल--दोगली नीतियाँ

ग़ज़ल -------- ईद का चाँद तू बन नहीं सुन ज़रा। ख़्वाब में ही सही मिल कहीं सुन ज़रा।। याद मीठी बड़ी हो गई आपकी। स्वाद गुड़ से लगे है ... Read more

ग़ज़ल--तुम उड़ो हौंसलों से मगर

अरक़ान–फ़ाइलुन+फ़ाइलुन+ फ़ाइलुन वज़्न–212+212+212 रदीफ़-से काफ़िया-आज-काज-राज-नाज़-ताज-लाज-बाज ग़ज़ल मैं नहीं हम बने आज से। हो ख़ुशी आपके... Read more

--ग़ज़ल--

अरक़ान-फ़ाइलुन+फ़ाइलुन+फ़ाइलुन मीटर--212+212+212 ग़ज़ल ------- भेद हर को ज़हर जानिए। भावना पर क़हर जानिए।। यार मिल दे मज़ा प्यार का। ... Read more

--ग़ज़ल--

अरक़ान= फ़ाइलुन +फ़ाइलुन+फ़ाइलुन+फ़ा वज़्न..212-212-212-2 ग़ज़ल आ ज़रा हम चलें मिल सफ़र में। प्यार जागा सनम दिल ज़िगर में।। आज हर शै ल... Read more

--ग़ज़ल--

अरक़ान (बहर या छंद).मफ़ऊलात.2221+2221+222 ग़ज़ल दिल में आ निकल तो फिर न जाओगे। अश्कों से फिसल तो फिर न जाओगे।। कोई तुम सुरा तो हो ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल अरक़ान...फ़ाइलुन-फ़ाइलुन-फ़ाइलुन-फा-फा काफ़िया... कदर, ज़िगर,पहर,सफ़र.... रदीफ़...मेरा वज़्न...212---212---212---22 ले गई दिल स... Read more

--प्रेम-कहानी--

प्रेम-कहानी ********** ए बादल!सुन ज़रा मेरे दर्दे-दिल की कहानी। बरसा प्रिया-आँगन में मेरी यादों का पानी।। उसके हिज़्र में हाय रे... Read more

मौसम से बदले मौसम न हो सके

जब से तूने मुझसे दिल लगाना छोड़ दिया। मैंने भी गाना इश्क़े-तराना छोड़ दिया।। एक वक़्त हमें देख खुद को भूल जाते थे। आज वक़्त है हमको ... Read more

--बैठो घर में--

दिल को प्यार का दरिया क्यों करते हो तुम? इतना डरते हो प्यार क्यों करते हो तुम? शम्मा जलती परवाने ख़ाक होते हैं। फूल की चोट से आह... Read more

--ग़ज़ल--दीवाना किया

शेर... उपवन से तोड़कर फूल केशों में सजा लीजिए। चाँदनी रात है आ मुलाक़ात का मज़ा लीजिए। रंगीन रात गुज़र ना जाए दूरियों में प्रीतम, मु... Read more

--ग़ज़ल--

मापनी..2122-2122-12122 ************************* रदीफ़..देखा क़ाफिया..क़सूर..सरूर..नूर..हुज़ूर.. ज़रूर.. गरूर..दूर जान आँखों में ग़... Read more

--ग़जल--दो रंग मोहब्बत के--

#ग़ज़ल#-"दो रंग मोहब्बत के" मीटर-221-222-222-212-22 —————————————– दो रंग मोहब्बत के होते हैं ज़माने में। कुछ लोग हँसते तो कुछ रोते... Read more

--दिल पत्थर से कम नहीं--

कर रहे हैं कोशिशें वो हमें रीझाने की। छोड़ दें आदत बुरी है ये दिल लगाने की।। हम तो हैं सीधे सरल रखते काम से काम। ज़रूरत नहीं है आ... Read more

ग़ज़ल

मापनी..2212--2212--212 सब लोग हैरांं से करें हैं मुझे। तेरा दिवाना ये धरें हैं मुझे।। तुम क्या सिखाती हो इन्हें हाय रे! रा... Read more

ग़ज़ल

बहर..1222-1222-122 ******************** रदीफ़.. बुरा है काफ़िया.. ग़म-दम-नम-कम-सम-हम-तम हमें यूँ ना सताओ ग़म बुरा है। सुनो तुम बि... Read more

गजल..

मापनी...2212 2212 2212 काफिया..भोला... रदीफ..बदन..... ..................... तेरा धुला आँखों रमा भोला बदन। देखा हुआ सादा सरल ड... Read more

कविता : मंज़िल की दीवानगी

गिर-गिर उठेगा संभलेगा तू चलता चल। बनके ज़िंदगी के नभ में आवारा बादल।। मन पर न ले कोई कुछ कहे कहता रहे। असफलता-घूँघट में छिपा चेह... Read more

नोटबंदी..............कविता................

सियासत क्यों इतना भी घबरा रही है। नोटबंदी तो हर जन को भा रही है। बडी मछलियां बस सिर उठाती दिखी। क्या समुद्र में आग लगने जा रही ... Read more